अंबाला में किसानों ने वापस लिया आंदोलन, रिंग रोड पर आपत्तियां दूर करने पर बनी सहमति
अंबाला में किसानों ने आंदोलन वापस ले लिया है. अधिकारियों और किसानों के बीच हुई बैठक सकारात्मक रही.

Published : February 20, 2026 at 7:41 PM IST
अंबालाः हरियाणा के अंबाला में 5 नेशनल हाईवे को जोड़ने के लिए रिंग रोड का निर्माण हो रहा है. रिंग रोड क्षेत्र में पड़ने वाले गांवों के किसानों की ओर से अंडरपास, ग्रामीण रास्ते और नाले के मुद्दे पर आपत्ति थी. इसको लेकर बीते 2-3 माह से किसान आंदोलनरत थे और काम बंद था. इसी बीच धरने पर बैठे किसानों को अंबाला पुलिस ने गुरुवार को उठा लिया था. इसके बाद किसान नेताओं ने बड़े आंदोलन का ऐलान कर दिया. मामला बिगड़ता देख शुक्रवार को अंबाला कैंट के एसडीएम विनेश कुमार, डीएसपी एनएसएआई के अधिकारियों के साथ मौके पर मौके पर पहुंचे.
बनी सहमति, किसानों ने वापस लिया आंदोलनः मौके पर अधिकारियों ने किसानों की आपत्तियों के एक-एक बिंदुओं को सुना. किसानों की मांगों पर जहां तक संभव हो सकता है उसके निपटारे के लिए ऑन स्पॉट निर्णय लिया और हल करने का भरोसा दिलाया गया. लिए गए निर्णय को यथासंभव लिखित में उपलब्ध कराने पर प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराने और किसानों की मांगों पर सड़क निर्माण के साथ-साथ काम करने की घोषणा अधिकारियों ने की. इसके बाद किसानों ने भी आंदोलन वापस लेने की घोषणा की. इसके साथ बीते दो महीने से जारी आंदोलन समाप्त हो गया.
5 नेशनल हाईवे आपस में जुड़ेंगेः पांच नेशनल हाईवे को जोड़ने के लिए तैयार हो रहे इस रिंग रोड का आधे से ज्यादा काम पूरा हो चुका है. रिंग रोड बनने के बाद अंबाला से चंडीगढ़ (NH-152), रुड़की (NH-344), जगाधरी (NH-444A), दिल्ली-अमृतसर (NH-44) और हिसार (NH-65) हाईवे आपस में जुड़ जाएंगे. लेकिन गांव सपेड़ा और आसपास के ग्रामीण रास्ता छोड़े जाने को लेकर इस परियोजना का पिछले दो महीने से लगातार विरोध कर रहे थे लेकिन अब यह विवाद खत्म हो चुका है. इसी के साथ निर्माण का रास्ता साफ हो गया.
क्या बोले किसान नेताः भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान मलकीत सिंह ने कहा कि किसानों की मांगों को पूरा करने पर सहमति बनी है. प्रशासन की ओर हमारी मांगों को पूरा का भरोसा दिलाया गया है. इसी के साथ हमलोग आंदोलन वापस ले रहे हैं.
क्या बोले एसडीएमः मौके पर एसडीएम विनेश कुमार ने बताया कि "वह पिछले दो माह से किसान यूनियन के टच में हैं. इनकी कुछ मांगे थीं, जिन्हें किसानों ने हमें बताया है. मौके पर निरीक्षण के बाद मांगों को पूरा करने के लिए कहा गया है. अब किसान यूनियन उनके फैसलों से सहमत हैं और वह अपना धरना बंद करके नेशनल हाइवे अथॉरिटी को आगे काम करने देने पर सहमत हो गए."

