आगरा ताज महोत्सव 2026; भीड़ खूब, पर्यटक गायब, शिल्पी और दुकानदार निराश जानिए क्या है वजह
ताज महोत्सव हर बार शिल्पग्राम में आयोजित होता था, लेकिन इसबार फतेहाबाद में स्थित टाटा ग्राउंड पर आयोजित किया जा रहा.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : February 25, 2026 at 2:36 PM IST
आगरा: आगरा के ताज महोत्सव में हर दिन हजारों विजिटर्स पहुंच रहे हैं. जो 20 एकड़ में बसा मिनी भारत देख रहे हैं. रंगारंग कार्यक्रम, सजावट और देश भर के लजीज व्यंजन का स्वाद चख रहे हैं. मगर, ताज महोत्सव में देशभर से आए शिल्पी परेशान हैं, जिसकी वजह खरीददारी कम होना है. शिल्पी और दुकानदारों का कहना है कि भले ही हर जगह पर ताज महोत्सव आयोजित हो रहा है. मगर, यहां पर पर्यटक नहीं आ रहे हैं. देश-दुनिया से जो पर्यटक शिल्पग्राम में आयोजित ताज महोत्सव में पहुंचे थे, खूब खरीददारी करते थे. इससे खूब कमाई होती थी. इस बार दिन में हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते हैं. ताज महोत्सव में घूमने वालों की भीड़ खूब है. खरीददारी करने वाले विजिटर्स की संख्या बेहद कम है.
बता दें कि हर साल आगरा में ताज महोत्सव का आयोजन 18 फरवरी से 27 फरवरी तक होता है. जिसमें देशभर के हस्तशिल्पी अपने उत्पाद लेकर आते हैं. इस पर शिल्पग्राम में यूनिटी मॉल के निर्माण की वजह से फतेहाबाद में स्थित टाटा ग्राउंड पर ताज महोत्सव का मंच सजा है. जो करीब 20 एकड़ के क्षेत्रफल में हो रहा है.
दुकानों पर नहीं आ रहे ज्यादा ग्राहक: दिल्ली से आए दुकानदार राकेश शर्मा ने बताया कि ताज महोत्सव में खरीददारी कम हो रही है. दिनभर हम यूं ही बैठे रहते हैं. शाम होने पर कुछ खरीददारी होती है. इसकी वजह नई जगह ताज महोत्सव का आयोजन है. क्योंकि, शिल्पग्राम में ताज महोत्सव आयोजित होता था तो वहां पर दिन में ताज महल देखने वाले देशी और विदेशी पर्यटक आते थे, जो खूब खरीददारी करते थे. मगर, इस बार पर्यटक ही ताज महोत्सव में नहीं आ रहे हैं. लोकल लोगों की खरीददारी की क्षमता बेहद कम है. जिसकी वजह से इस बार सुस्ती है. दुकानों का किराया भी अभी तक नहीं निकला है. जबकि, तीन दिन का ही महोत्सव रह गया है.

नई जगह से खरीददारी गिरी: अलीगढ़ से आए दुकानदार उत्तम शर्मा ने बताया कि मैं ताज महोत्सव में इस बार भी पीतल की मूर्तियां और अन्य आइटम्स लेकर आया हूं. इस बार पिछले साल के मुकाबले बेहद कम आइटम्स बिके हैं. जिसकी वजह यह है कि एक तो नए जगह पर ताज महोत्सव लगा है. जिसकी वजह से यहां पर पर्यटक नहीं आ रहे हैं. हर साल ताज महोत्सव में पर्यटक खूब आते थे. जिससे खूब खरीददारी होती थी.
बिक्री के सामान जस के तस ले जाना पड़ेगा: आंध्र प्रदेश से आए बी लक्ष्मी प्रसन्ना ने बताया कि ताज महोत्सव में कुरसिया (Kurasiyaa) से बने कपड़े लेकर आए हैं. जिनकी पहले खूब डिमांड रहती थी. इस बार ऐसा नहीं दिख रहा है. पिछले साल के मुकाबले इस बार खरीददारी बेहद कम हो रही है. जिससे जो माल लेकर आए हैं. उसे वापस ले जाना पड़ेगा.

बांस के आइटम्स की डिमांड खूब: असम से आए हस्तशिल्पी आबिद ने बताया कि ताज महोत्सव में बांस से बनाए आइटम्स लेकर आए हैं. जिसमें घरों के सजावटी सामान के साथ ही डेली यूज के आइटम्स भी शामिल हैं. आगरा के लोगों को बांस से बने आइटम्स खूब पसंद आ रहे हैं. लोग यहां से टोकरी, कप, फूलदान, सजावटी सामान और अन्य आइटम्स खरीद रहे हैं.
बेहद खूबसूरत सजा ताज महोत्सव: स्थानीय निवासी डॉ. रविंद्र सिंह राणा ने बताया कि इस बार बड़े मैदान में ताज महोत्सव है. जो बेहद खूबसूरत दिख रहा है. कॉकरी, कपड़े, हस्तशिल्प के बेहतरीन और आकर्षक आइटम्स हैं. जिनकी लोग खरीददारी कर रहे हैं. मैं भी परिवार के साथ यहां पर घूमने आया हूं. यहां पर बहुत अच्छा लग रहा है.

वहीं, वर्ल्ड डिजाइनिंग फोरम के अंकुश अनामी ने बताया कि ताज महोत्सव में आयोजित वर्कशॉप में डिजाइन डेवलपमेंट और प्राकृतिक रंगों के प्रयोग पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया है. यहां पर देश के मशहूर डिजाइनर के मार्गदर्शन में आगरा की स्थानीय महिला टेलर ने AI आधारित हाई-जैक मशीनों का उपयोग कर लगभग 50 विशिष्ट परिधान तैयार किए है. जिन्हें पहकर जब मॉडल्स ने रैंप वॉक किया तो लोगों ने खूब तालियां बजाईं.
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