रजिस्टर में 30, मौके पर मिले सिर्फ 15 सफाईकर्मी; आगरा में सफाई सुपरवाइजर निलंबित
पार्षदों का आरोप है कि नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति से लेकर वेतन तक में करोड़ों का घोटाला हो रहा है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : July 8, 2026 at 8:48 AM IST
आगरा: नगर निगम में सफाई के नाम पर बड़ा खेल किया जा रहा है. पार्षद लगातार सदन में सफाई कर्मचारियों की मनमानी का मुददा उठाते हैं. मगर, हालात जस के तस है. लॉयर्स कॉलोनी में समय से सफाई नहीं होने पर क्षेत्रीय पार्षद ने नगरायुक्त से शिकायत की थी. इस पर अपर नगर आयुक्त शिकायत की जांच के लिए पहुंचे तो रजिस्टर में 30 सफाईकर्मियों की हाजिरी लगी थी, लेकिन पूरे क्षेत्र में घूमने पर केवल 15 सफाई कर्मचारी ही मिले.
कॉलोनी में कई जगह कूड़ा मिला. इस पर तत्काल प्रभाव से सुपरवाइजर बाबूलाल को निलंबित कर दिया है. इसके साथ ही मामले की पूरी जांच अपर नगर आयुक्त कर रहे हैं.
आगरा नगर निगम के वार्ड 34 यानी लॉयर्स कॉलोनी के पार्षद अमित दिवाकर ने नगरायुक्त और अपर नगर आयुक्त से शिकायत की थी कि क्षेत्र में सफाई नायक फर्जी सफाई कर्मचारियों की हाजिरी लगाकर बड़ा खेल कर रहा है. वार्ड में करीब 30 सफाई कर्मचारियों की तैनाती है, लेकिन क्षेत्र में कभी पूरे कर्मचारी नजर नहीं आए.
इस पर अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने औचक निरीक्षण किया. इसमें सुपरवाइजर बाबूलाल से सफाई कर्मचारियों के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी वार्ड में काम कर रहे हैं. रजिस्टर में 30 सफाई कर्मचारियों की हाजिरी लगी थी.
इस पर अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने सुपरवाइजर बाबूलाल से हाजिरी रजिसटर लिया. इसके साथ ही वार्ड का दौरा किया. इस पर वार्ड में सिर्फ 15 सफाई कर्मचारी ही काम करते मिले. अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने तत्काल प्रभाव से सफाई नायक बाबूलाल को निलंबित कर दिया.
अपर नगरायुक्त शिशिर कुमार ने बताया कि नगर निगम के किसी भी वार्ड में ऐसे ही औचक निरीक्षण करके सख्त कार्रवाई की जाएगी. जो भी खेल करेगा. उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
1135 कर्मचारियों के नाम पर घोटाला: दरअसल, आगरा नगर निगम में 1135 सफाई कर्मचारियों की अतिरिक्त तैनाती है. लेकिन, किसी भी वार्ड में सफाई कर्मचारी नजर नहीं आ रहे हैं. इसको लेकर बीते दिनों भाजपा पार्षद रवि बिहारी माथुर ने नगर निगम अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए.
पार्षद रवि माथुर का आरोप है कि नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव वर्मा के पास जून में 4074 आउटसोर्सिंग के सफाईकर्मी हैं, जबकि पहले इनकी संख्या 2939 थी. 1135 कर्मचारियों को चुपके से नियुक्त कर लिया गया.
यह किस वार्ड में लगाए गए हैं, इसकी सूची एक साल में भी नगर स्वास्थ्य अधिकारी नहीं दे पाए हैं. नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति से लेकर वेतन तक में करोड़ों रुपए का घोटाला हो रहा है. हर वार्ड में लॉयर्स कॉलोनी की तरह कागजों पर कर्मचारी ज्यादा हैं, जबकि असलियत में कम हैं.

