आगरा कोर्ट में गवाही देने नहीं पहुंचे दरोगा; अपर जिला जज ने दिए गिरफ्तारी के आदेश
अपर जिला जज महेश चंद वर्मा की अदालत में 2020 से हत्या के प्रयास और आयुध अधिनियम का मामला लंबित है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : May 6, 2026 at 9:22 AM IST
आगरा: अपर जिला जज महेश चंद वर्मा ने 6 साल पुराने मामले में गवाही के लिए दरोगा की गिरफ्तारी का आदेश दिया है. लंबित मामला हत्या के प्रयास और आयुध अधिनियम का है. इसमें गवाही देने नहीं आने पर दरोगा की गिरफ्तारी का आदेश पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर को दिया गया है.
कोर्ट ने साफ किया है कि उपनिरीक्षक को गिरफ्तार करके 13 मई को अदालत में हाजिर कराना है. इसके साथ ही अग्रिम आदेश तक वेतन रोकने और विभागीय कार्यवाही करके विधि अनुसार दंडित करके एक महीने में अनुपालन आख्या कोर्ट में प्रेषित करने के निर्देश भी दिए गए हैं.
क्या है पूरा मामला: अपर जिला जज महेश चंद वर्मा की अदालत में 2020 से हत्या के प्रयास और आयुध अधिनियम का मामला लंबित है. इसमें उपनिरीक्षक राजकुमार बलियान की गवाही होनी है.
मगर, उप निरीक्षक राजकुमार बलियान इस मामले में गवाही देने नहीं आए. अदालत ने लगातार गवाही के लिए आदेश और निर्देश दिए लेकिन उप निरीक्षक राजकुमार बनियान गवाही को नहीं पहुंचे.
अपर जिला जज महेश चंद वर्मा ने जारी आदेश में यह भी कहा कि अनुपालन नहीं होने से इसे उनकी प्रशासनिक अक्षमता मानी जाएगी. अदालत में थाना शमसाबाद से संबंधित हत्या प्रयास और आयुध अधिनियम का सरकार बनाम राज ठाकुर का मुकदमा उपनिरीक्षक की गवाही के लिए लंबित है.
इनकी गवाही के लिए चार बार उनके विरुद्ध वारंट जारी किए. मगर वह नहीं आए. उपनिरीक्षक शमसाबाद राकेश कुमार ने कोर्ट में उक्त मुकदमे के अलावा कई अन्य मुकदमे में उपनिरीक्षक के विरुद्ध जारी समन वारंट की तामील करने की कोर्ट में आख्या प्रस्तुत की है.
इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए अदालत ने उपनिरीक्षक राजकुमार बलियान थाना खतौली जिला मुजफ्फरनगर के विरुद्ध गैर जमानतीय वारंट जारी कर दिया है. 13 मई को उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में हाजिर कराने के आदेश पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर को दिए हैं.

