आगरा धर्मांतरण केस; कनाडा में बैठे फंडिंग मास्टरमाइंड की प्रॉपर्टी को ध्वस्त करने के लिए कोर्ट को भेजा लेटर
सगी बहनों के धर्मांतरण मामले में कनाडा में बैठे फंडिंग मास्टरमाइंड सैयद दाऊद अहमद पर शिकंजा.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 6, 2026 at 1:13 PM IST
आगरा: आगरा पुलिस ने सगी बहनों के बहुचर्चित धर्मांतरण मामले में अब धर्मांतरण गिरोह मामले में कनाडा में बैठे फंडिंग मास्टरमाइंड सैयद दाऊद अहमद पर शिकंजा कस रही है. पुलिस ने सगी बहनों के धर्मांतरण मामले में सैयद दाऊद अहमद को आरोपी बनाकर उसके भोपाल (मध्य प्रदेश) के घर पर दबिश दी. इस मामले में एडीसीपी आदित्य ने बताया कि अब उसकी प्रॉपर्टी की कुर्की के लिए कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया गया है.
ये था पूरा मामला: गौरतलब हो, आगरा के सदर बाजार क्षेत्र की सगी बहनें 24 मार्च 2025 को गायब हुईं थी. परिजन की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की. तभी पता चला कि सगी बहनें कोलकाता के मुस्लिम बाहुल्य तपसिया में हैं. दोनों का धर्मांतरण हुआ है. इस पर आगरा पुलिस ने धर्मांतरण गैंग के खिलाफ एक साथ 6 राज्यों में जुलाई 2025 में कार्रवाई करके कोलकाता से सगी बहनों को सुरक्षित आगरा लेकर आईं. पुलिस ने गोवा की धर्मांतरण गैंग की हेड गर्ल एसबी कृष्णा उर्फ आयशा को दिल्ली के मुस्तफाबाद में दबिश देकर धर्मांतरण गैंग के सगरना अब्दुल रहमान उर्फ महेंद्र पाल सिंह समेत 14 आरोपियों को जेल भेजा. ये अभी तक जेल में ही हैं. आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं.
कुर्की के लिए कोर्ट में प्रक्रिया शुरू: एडीसीपी क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि धर्मांतरण गैंग का मास्टरमाइंड दिल्ली निवासी अब्दुल रहमान उर्फ महेंद्र पाल सिंह है. जो लंबे समय से इस काम में लगा था. उसके संपर्क में भोपाल के रायसेन रोड, लाला लाजपत राय काॅलोनी निवासी सैयद दाऊद अहमद था. जो कि कनाडा में है. पुलिस को उसके सोशल मीडिया एकाउंट पर कई पोस्ट मिली हैं. जिनमें देश विरोधी बातें हैं.
इस मामले में जेल गए सभी 14 आरोपी और अन्य नेटवर्क की सोशल मीडिया चैट से एविडेंस मिले हैं. जिसमें सैयद दाऊद अहमद का काम धर्मांतरण गैंग को आर्थिक मदद पहुंचाने का है. जिस पर सैयद दाऊद अहमद को भी आरोपी बनाकर उसका गैर जमानती वारंट जारी करके पुलिस ने 6 अक्तूबर और 26 दिसंबर 2025 तक कई बार भोपाल में आरोपी के घर में दबिश दी. जहां पर उसके पिता के अलावा कोई नहीं मिला. आरोपी के पिता ने कनाडा से उसके नहीं आने की बात कही है. इस पर विवेचक ने उसकी कुर्की के लिए कोर्ट में प्रक्रिया शुरू की है.
ऑनलाइन एजेंट को फंडिंग भेजता था सैयद दाऊद: एडीसीपी क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि आरोपी सैयद दाऊद के खिलाफ धर्मांतरण गैंग को विदेश से ऑनलाइन फंडिंग भेजने समेत अन्य तमाम साक्ष्य मिले हैं. विदेशी फंडिंग को इसके बाद भारत में बैठे उसके एजेंट भारतीय करेंसी में बदलकर नेटवर्क के एजेंट तक भेजी जाती थी. जो धर्मांतरण में उपयोग होती थी. इतना ही नहीं, आरोपी सैयद दाऊद की सोशल मीडिया एकाउंट पर देश विरोधी तमाम पोस्ट हैं. जो उसके पाकिस्तान समेत अन्य देशों से फंडिंग जुटाने की हैं. इस बारे में अब सैयद दाऊद के खिलाफ गृह मंत्रालय को रिपोर्ट जा रही है. जिससे उसे प्रत्यर्पण करके भारत लाया जा सके.
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