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आगरा धर्मांतरण केस; चार और आरोपी दबोचे गए, एक मौलाना शामिल

अब तक इस मामले में 18 आरोपी जेल जा चुके, संदिग्ध आतंकी अयान जावेद से भी हुई है पूछताछ.

आगरा धर्मांतरण केस में 4 आरोपी गिरफ्तार.
आगरा धर्मांतरण केस में 4 आरोपी गिरफ्तार. (Photo Credit; Agra Police)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : May 1, 2026 at 5:51 PM IST

3 Min Read
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आगरा: यूपी एसटीएफ और आगरा पुलिस ने देश में बहुचर्चित सगी बहनों के धर्मांतरण मामले में चार आरोपी पकड़े हैं. पुलिस के मुताबिक, ये धर्मांतरण गिरोह के लिए अलग-अलग भूमिकाएं निभाते थे. सबकी जिम्मेदारी अलग-अलग थी. इसमें एक मौलाना है, जो धर्म परिवर्तन के बाद निकाहनामे तैयार करता था. अब तक इस मामले में 18 आरोपी जेल जा चुके हैं.

बता दें कि, आगरा के सदर थाना क्षेत्र की सगी बहनें मार्च 2025 में गायब हो गईं थीं. जिस पर परिजनों की शिकायत पर सदर थाना में गुमशुदगी दर्ज हुई थी. पुलिस और परिजनों ने सगी बहनों की तलाश शुरू की. तभी मई 2025 में सगी बहनों का धर्मांतरण हो गया. दोनों कोलकाता पहुंच चुकी थीं. जिस पर पुलिस ने धर्मांतरण की छानबीन शुरू की. सगी बहनों की तलाश में आगरा पुलिस ने छह राज्यों में एक साथ दबिश दी थी. सगी बहनों को कोलकाता की मुस्लिम बस्ती से मुक्त कराकर पुलिस ने एक-एक कर गैंग के सरगना सहित 14 सदस्यों को जेल भेजा. इसमें छह से अधिक युवतियों ने गैंग के खिलाफ कोर्ट में बयान दर्ज कराए हैं. इनमें एक मेडिकल छात्रा का तो शारीरिक शोषण भी हुआ था.

आगरा पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने बताया कि धर्मांतरण मामले में यूपी एसटीएफ के साथ मिलकर चार आरोपी दबोचे हैं. दबोचे गए अभियुक्तों के नाम तालमीज उर रहमान, परवेज, जतिन और हसन मोहम्मद हैं. आगरा पुलिस जब धर्मांतरण गिरोह के लिए फंडिंग जुटाने वाले भोपाल निवासी दाऊद को लेकर छानबीन कर रही थी तो चार आरोपियों के नाम प्रकाश में आए. जिनमें साउथ ईस्ट दिल्ली निवासी तालमीज उर रहमान सबसे अहम था. तालमीज उर रहमान नाैवीं पास है. जो दिल्ली में जूते का काम करता है. इसकी आड़ में दूसरे देशों के नेटवर्क के जरिए धर्मांतरण की फंडिंग और अन्य काम कर रहा था. जो दाऊद के सीधे संपर्क में था.

इसके साथ ही मौलाना हसन मोहम्मद निवासी दिल्ली है, जो 12वीं पास है. मौलाना हसन मोहम्मद का काम महिलाओं के निकाहनामे तैयार करवाकर धर्मांतरण के बाद युवतियों का निकाह करवाता था. इसका ही साथी परवेज अख्तर दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीए पास है और कंप्यूटर हार्डवेयर की दुकान चलाता है. परवेज इस्लाम धर्म की किताबें लिखता है. पुलिस के मुताबिक, दूसरे धर्मों की कमियां निकालकर युवाओं को मुस्लिम धर्म की ओर आकर्षित करता था. पुलिस ने चौथे आरोपी जतिन कपूर उर्फ जाशिम कपूर को दबोचा है, जो एमबीए पास है. आरोप है कि वेबसाइट डिजाइनिंग का काम करने के साथ ही धर्म परिवर्तन कराने का काम करता था. जतिन ने भी धर्म परिवर्तन किया है. वह सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर है और युवाओं को ब्रेन वाश कर धर्म परिवर्तित कराने के लिए प्रेरित करता था.

धर्मांतरण गैंग के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान, आयशा उर्फ एसबी कृष्णा, रहमान कुरैशी, पीयूष उर्फ मुहम्मद अली, शेखर राय उर्फ मोहम्मद हसन, ओसामा, अबू तालिब, अबू रहमान, जुनैद कुरैशी, मुस्तफा और रीत बानिक उर्फ इब्राहिम, अब्दुल्ला, अब्दुल रहीम और जुनैद अभी तक गिरफ्तार किए गए हैं. इसके साथ ही आगरा पुलिस ने शुक्रवार को दिल्ली निवासी तालमीज उर रहमान, परवेज, जतिन और हसन मोहम्मद को दबोचकर जेल भेजा है. इस मामले में यूपी पुलिस रायपुर जेल से लाए गए संदिग्ध आतंकी अयान जावेद से भी पूछताछ कर चुकी है. जिसके बाद तमाम साक्ष्य जुटाए हैं.

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