साइबर क्राइम पर एक्शन; आगरा पुलिस ने 7742 मोबाइल और आईएमईआई नंबर कराए ब्लाॅक
बीते साल (2025) आगरा में 29.55 करोड़ रुपये का साइबर फ्रॉड हुआ.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 3, 2026 at 9:28 AM IST
आगरा : अब लूट-डैकती नहीं, साइबर ठगी का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है. जालसाज हर साल अपराध का तरीका बदल रहे हैं. बीते साल आगरा में 29.55 करोड़ रुपये का साइबर फ्रॉड हुआ. आगरा पुलिस कमिश्नरेट ने पिछले साल साइबर क्रिमिनल्स के 7742 मोबाइल और उनके आईएमईआई नंबर ब्लॉक कराए थे. नये साल में आगरा पुलिस अब पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर साइबर क्रिमिनल्स के खिलाफ एक्शन प्लान तैयार करेगी.

पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने बताया कि देश में साइबर क्राइम बड़ी चुनौती है. जागरूकता और सतर्कता से ही साइबर क्राइम से बच सकते हैं. आगरा की बात करें तो वर्ष 2024 में साइबर क्रिमिनल ने 41 करोड़ की रकम ठगी थी. वर्ष 2025 में 29.55 करोड़ की साइबर ठगी हुई. साइबर ठगी में क्रिमिनल फर्जी आईडी पर लिए गए मोबाइल फोन प्रयोग करते हैं. इसलिए मोबाइल नंबर के साथ ही आईएमईआई नंबर भी ब्लॉक कराए जा रहे हैं. साथ ही साइबर क्राइम में प्रयोग किए जाने वाले फोन और उनके आईएमईआई नंबर का रिकार्ड हर 15 दिन में तैयार किया जाएगा. जिसके आधार पर सिमकार्ड, मोबाइल नंबर, आईएमईआई नंबर ब्लॉक कराए जाएंगे.
पड़ोसी प्रदेशों से स्थापित करेंगे समन्वय : पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने बताया कि प्रतिबिंब पोर्टल से आगरा क्षेत्र के साइबर क्राइम वाले इलाकों की घटनाएं चिह्नित किए गए हैं. पिछले माह में 32 साइबर अपराधी गिरफ्तार कर जेल भेजे गए. करीब 50 क्रिमिनल्स की छानबीन जारी है. वर्ष 2025 में आगरा कमिश्नरेट पुलिस ने 104 साइबर क्रिमिनल जेल भेजे थे. इस साल भी प्रभावी कार्रवाई की जाएगी. इसके लिए जल्द ही पड़ोसी राज्य राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश के अधिकारियों के साथ बैठक होगी. सभी से बेहतर समन्वय करके साइबर क्रिमिनल्स के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

