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गिरल माइंस आंदोलन: 11वें दिन भी धरनास्थल पर डटे शिव विधायक रवींद्र सिंह भाटी

धरना​र्थियों का कहना है कि वे अपने अधिकारों और रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं. अब बिना समाधान आंदोलन समाप्त नहीं होगा.

Giral Lignite Mines Agitation
ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठे विधायक भाटी (ETV Bharat Barmer)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : May 15, 2026 at 9:47 AM IST

3 Min Read
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बाड़मेर: भीषण गर्मी और तपते मौसम के बावजूद बाड़मेर जिले की गिरल लिग्नाइट माइंस में श्रमिकों और ग्रामीणों का आंदोलन जारी है. शिव विधायक रवींद्र सिंह भाटी लगातार 11वें दिन भी धरनास्थल पर डटे रहे और श्रमिकों के साथ संघर्ष जारी है. हालांकि, लगातार पड़ रही भीषण गर्मी और लू के कारण धरनास्थल पर बैठे लोगों के सामने स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी आने लगी हैं. शिव विधायक रवींद्र सिंह भाटी ने कहा कि भीषण गर्मी जरूर चुनौतीपूर्ण है, लेकिन इससे आंदोलन की ताकत और संकल्प कमजोर नहीं होगा. उन्होंने कहा कि जब मजदूरों और स्थानीय युवाओं के भविष्य की बात आती है, तो संघर्ष हर परिस्थिति में जारी रखना पड़ता है.

भाटी ने कहा कि कंपनी और प्रशासन को श्रमिकों की मांगों पर संवेदनशीलता से निर्णय लेना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से स्थानीय श्रमिकों की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसके चलते लोगों को सड़क पर उतरना पड़ा. धरनास्थल पर बैठे श्रमिकों और ग्रामीणों ने एक बार फिर अपनी प्रमुख मांगों को दोहराया. इनमें कंपनी द्वारा निकाले गए 100 से अधिक ड्राइवरों और श्रमिकों की पुनर्बहाली, सभी कर्मचारियों के लिए 8 घंटे की ड्यूटी लागू करना, स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देना, श्रमिकों को नियमानुसार वेतन और बोनस उपलब्ध करवाना तथा मूलभूत श्रमिक सुविधाएं सुनिश्चित करना शामिल है.

Giral Lignite Mines Agitation
धरनास्थल पर आराम कर रहे ग्रामीण (ETV Bharat Barmer)

पढ़ें: गिरल माइंस आंदोलन में 9 दिन से धरने पर डटे विधायक भाटी की तबीयत बिगड़ी, धरनास्थल पर ही चढ़ाई ड्रिप

विधायक भाटी डटे हैं धरनास्थल पर: गिरल लिग्नाइट माइंस का यह आंदोलन अब पूरे क्षेत्र में एक बड़ा जनआंदोलन बनता जा रहा है. धरनास्थल पर लोगों की मौजूदगी बढ़ रही है. भीषण गर्मी और स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद आंदोलनकारी डटे हुए हैं. आंदोलन के नौवें दिन अत्यधिक गर्मी के चलते शिव विधायक रवींद्र सिंह भाटी की तबीयत बिगड़ गई थी, जिसके बाद मौके पर चिकित्सकीय सहायता बुलानी पड़ी. डॉक्टरों ने धरनास्थल पर ही उनका प्राथमिक उपचार किया और ड्रिप लगाकर स्वास्थ्य जांच की. स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद विधायक भाटी धरनास्थल से हटे नहीं और उन्होंने श्रमिकों के साथ आंदोलन जारी रखा. इस दौरान उन्होंने कहा कि श्रमिकों और ग्रामीणों के अधिकारों की यह लड़ाई किसी भी परिस्थिति में कमजोर नहीं पड़ने दी जाएगी.

यह भी पढ़ें: गिरल माइंस में मजदूरों की छंटनी पर धरना जारी, रात भर धरना स्थल पर सोए विधायक रविन्द्र सिंह भाटी

गर्मी से बिगड़ रही तबीयत: धरनास्थल पर बैठे कई श्रमिकों, बुजुर्ग ग्रामीणों और महिलाओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद चिकित्सा सहायता बुलानी पड़ी. मौके पर पहुंची मेडिकल टीम ने कई लोगों का उपचार किया, जबकि कई आंदोलनकारियों को ड्रिप लगानी पड़ी. लगातार तेज धूप, गर्म हवाओं और ऊंचे तापमान के कारण धरनास्थल पर स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ती दिखाई दीं. इसके बावजूद आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं. श्रमिकों का कहना है कि वे लंबे समय से अपने अधिकारों और रोजगार सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं और अब बिना समाधान आंदोलन समाप्त नहीं होगा.