यूपी में 2.89 करोड़ वोटरों के नाम कटे, SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, जानिए कितने थे फर्जी?
लखनऊ में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मीडिया को दी जानकारी, एक महीने तक दावे और आपत्ति के लिए दिया गया समय

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 6, 2026 at 3:26 PM IST
|Updated : January 6, 2026 at 10:02 PM IST
लखनऊ: भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत मतदाता सूची के ड्रॉफ्ट का प्रकाशन कर दिया है. मंगलवार को मुख्य निर्वाचन अधिकारी रणदीप रिणवा ने प्रेस वार्ता कर इसकी जानकारी दी. पहले 31 दिसंबर को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन होना था. जबकि 31 दिसंबर से लेकर 30 जनवरी तक आपत्तियां दाखिल की जानी थी.
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) नवदीप रिणवा ने बताया कि उत्तर प्रदेश के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची (Draft Electoral Roll) जारी कर दी है. वर्तमान में प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या 15 करोड़ 44 लाख है, जिनमें से 12 करोड़ 55 लाख नाम ड्राफ्ट लिस्ट में बरकरार रखे गए हैं. इस प्रक्रिया के दौरान लगभग 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 12.55 करोड़ (81.30 प्रतिशत) मतदाताओं से प्राप्त गणना प्रपत्र प्राप्त हुआ है. 46.23 लाख (2.99 प्रतिशत) मतदाताओं के नाम उनकी मृत्यु के कारण हटाए गए हैं. 2.17 करोड़ (14.06 प्रतिशत) लोग ऐसे हैं, जो स्थायी रूप से दूसरे स्थानों पर शिफ्ट हो गए हैं. वहीं, 25.47 लाख (14.06 प्रतिशत) मामले डुप्लीकेट वोटर आईडी या लापता व्यक्तियों के पाए गए.
दावे और आपत्तियां: मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाता अपना नाम मतदाता अपना नाम बूथ लेवल अधिकारी के पास उपलब्ध सूची, ECINET मोबाइल ऐप, ceouttarpradesh.nic.in या electoralsearch.eci.gov.in पर अपना EPIC नंबर डालकर चेक कर सकते हैं. यदि किसी का नाम गायब है, तो वे फॉर्म-6 भर सकते हैं. दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक है. जांच, सुनवाई व निस्तारण 27 फरवरी तक होगा. इसके बाद अंतिम मतदाता सूची (Final Voter List) 6 मार्च 2026 को जारी की जाएगी.

1.62 लाख बीएलओ ने निभाई अहम भूमिकाः उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि व्यापक अभियान एसआईआर की सफलता में प्रदेश के सभी 75 जनपदों के जिला निर्वाचन अधिकारियों, 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, 2042 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों तथा 1,62,486 बूथ लेवल अधिकारियों की अहम भूमिका रही. मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के 5,76,611 बूथ लेवल एजेंटों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई. कोई भी पात्र मतदाता न छूटे, इसके लिए विशेष प्रयास, व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए गए. राजनीतिक दलों के साथ कई चरणों में बैठकें आयोजित की गईं. इसके साथ ही बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर कम से कम तीन बार संपर्क किया गया. बूथ लेवल एजेंटों और वॉलंटियर्स की मदद से पात्र मतदाताओं तक पहुंच सुनिश्चित की गई.


