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पेट्रोल-डीजल के बाद LPG और CNG भी महंगी, ऑटो और कैब किराया बढ़ाने की मांग तेज

जयपुर में ईंधन महंगाई का असर पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर पड़ने लगा है.

पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर असर
पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर असर (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : May 27, 2026 at 1:58 PM IST

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Updated : May 27, 2026 at 2:30 PM IST

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जयपुर : पेट्रोल-डीजल की मूल्य वृद्धि के बाद अब राजधानी में गैस की नई दर मंगलवार रात 12 बजे से लागू हो चुकी है. गैस आपूर्ति कंपनी टोरेंट गैस लि. ने भी सीएनजी के दाम को जयपुर में 1.59 रुपए बढ़ाकर 94.41 रुपए से 96 रुपए प्रति किलोग्राम कर दिए हैं. इससे पहले कंपनी दो बार सीएनजी की कीमत में इजाफा कर चुकी है. अप्रैल में जहां पहली बार 2.50 रुपए बढ़ाए गए थे और तो दूसरी बार 50 पैसे प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की थी. इस बार ₹1.59 पैसे की बढ़ोतरी की गई है. पेट्रोलियम पदार्थों की लगातार बढ़ रही कीमत से परेशान ऑटो और कार संचालकों ने अब अपने किराए में बढ़ोतरी की मांग तेज कर दी है. बाइक, ऑटो और कैब संचालक बढ़ती लागत के कारण आर्थिक दबाव में हैं.

निजी बस संचालकों ने मांगी राहत : राजस्थान में निजी स्टेज कैरिज बसों के किराए में बढ़ोतरी की मांग तेज हो गई है. राजस्थान बस ऑपरेटर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष सत्यनारायण साहू ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर इस मुद्दे को उठाया है. उन्होंने कहा कि राज्य में बस किराया पड़ोसी राज्यों की तुलना में काफी कम है, जबकि हाल ही में डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है. इससे निजी बस संचालक गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं. साहू ने मांग की है कि या तो किराए में बढ़ोतरी की जाए या डीजल पर वैट घटाकर राहत दी जाए. इसके अलावा स्टेज कैरिज, ग्रामीण सेवा, लोक परिवहन और उपनगरीय बसों को सब्सिडी वाला डीजल उपलब्ध कराया जाए. उनका कहना है कि बढ़ती लागत के कारण बस संचालन मुश्किल होता जा रहा है, ऐसे में सरकार को जल्द राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए.

ईंधन महंगाई को लेकर ऑटो-कैब चालकों ने ये कहा (ETV Bharat Jaipur)

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सीएनजी की महंगाई, शहर की सवारी पस्त : सीएनजी गैस की बढ़ी कीमतों के कारण ऑटो और कार संचालक सबसे अधिक परेशान हैं. इनका कहना है कि बीते एक सप्ताह में जहां कीमतों में तो इजाफा कर दिया गया है, वहीं उनके किराए में बढ़ोतरी नहीं हो पाई है. यहां तक कि सवारियां भी बढ़ी हुई कीमत के हिसाब से पैसा देने के लिए तैयार नहीं हैं. लिहाजा उनके सामने चुनौतियां कम नहीं हैं. ईंधन की कीमतों में लगातार इजाफा होने से सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ा है, जिनकी रोजी-रोटी वाहनों पर निर्भर है. ऑटो रिक्शा चालक और कैब ड्राइवरों का कहना है कि सीएनजी और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के कारण उनका दैनिक खर्च काफी बढ़ गया है, जबकि किराया वही पुराना है. इससे उनकी आमदनी पर सीधा असर पड़ रहा है.

कार संचालक मोहम्मद इकबाल खान ने बताया कि अगर किराए में बढ़ोतरी नहीं की गई, तो उनकी गुजर बसर भी मुश्किल हो जाएगी. एक और कैब संचालक ने कहा कि मौजूदा गैस संकट के बीच पेट्रोल पंप पर अब सीएनजी मिलना पहले की तरह आसान नहीं रहा है, उन्हें ईंधन भरवाने के लिए पंक्ति में लगने के बाद भी घंटों इंतजार करना पड़ता है. उन्होंने कहा कि गाड़ी से जुड़े टैक्स और खर्चों के बाद अब महंगा ईंधन परेशानी में इजाफा कर रहा है, लिहाजा सरकार को अब अपनी ओर से राहत का ऐलान करना चाहिए.

ईंधन भरवाने के लिए घंटों लगना पड़ रहा लाइन
ईंधन भरवाने के लिए घंटों लगना पड़ रहा लाइन (ETV Bharat Jaipur)

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कैब-बाइक संचालक भी हैं परेशान : पेट्रोल के बढ़ते दाम को लेकर भी कैब संचालक परेशान हैं. जयपुर में कैब बाइक चलाने वाले हेमराज प्रजापत का कहना है कि तेल के दामों में एक तरफ लगातार वृद्धि हो रही है तो दूसरी ओर उनका मुनाफा लगातार कम होता जा रहा है. उन्होंने मांग की है कि सरकार को बीच का रास्ता निकालकर कैब संचालकों को भी राहत दिलाने के प्रयास करना चाहिए. उनका कहना है कि दिनभर बाइक चलाने के बाद ₹500 भी बचत नहीं होती है तो कैसे खर्चा चलेगा. हेमराज ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द बीच का रास्ता निकाल कर उनके मुनाफे में बढ़ोतरी की जाए.

ऑटो संचालक भी हैं परेशान : पेट्रोल, एलपीजी और सीएनजी के बढ़ते दाम से ऑटो संचालक भी परेशान है, जयपुर में ऑटो चलाने वाले रईस खान ने भी सरकार से राहत देने की मांग की है. उनका कहना है कि केंद्र सरकार को चाहिए कि पेट्रोल पदार्थ की कीमतों को जल्द से जल्द नियंत्रित करें, वरना महंगाई और बढ़ेगी. एक और ऑटो संचालक पिंटू राम ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि एक तरफ तो खर्च बढ़ रहा है और दूसरी तरफ गैस किल्लत के कारण रोजमर्रा का काम प्रभावित हो रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार रोजाना पेट्रोलियम पदार्थों की कीमत बढ़ा रही है, जिससे हम और आम आदमी परेशान है, लेकिन किराए में बढ़ोतरी नहीं की जा सकी है.

कैब-बाइक संचालक भी हैं परेशान
कैब-बाइक संचालक भी हैं परेशान (ETV Bharat Jaipur)

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उनका कहना है कि कैब संचालक कंपनियां अपने कमीशन में कमी नहीं कर रही है, जबकि उनका मुनाफा प्रभावित हो रहा है. उन्होंने सरकार से गैस की कीमत काम करते हुए अपने मुनाफे में बढ़ोतरी की मांग की है. एक और ऑटो संचालक ने बताया कि पहले जहां ₹700 में टंकी भर जाती थी, वहीं ₹500 में अभी आधी टंकी भी नहीं भरी है. वह ऑटो पेट्रोल से चलते हैं तो महंगा पड़ता है और किल्लत के दौर में गैस आसान नहीं है, घंटों लाइन में लगा रहना पड़ता है. उन्होंने कहा कि महंगाई के मुताबिक किराया मांगने पर ग्राहक आनाकानी करते हैं.

Last Updated : May 27, 2026 at 2:30 PM IST