CBSE और NEET में हुई गड़बड़ी के बाद झामुमो ने तरेरी आंखें, धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की मांग
सीबीएससी और नीट की परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी के बाद झामुमो ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की मांग की है.


Published : June 2, 2026 at 7:20 PM IST
रांची: सीबीएसई और नीट परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की मांग तेज हो गई है. झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि घोटाले के पर्दाफाश के बाद अब धर्मेंद्र प्रधान के पास मंत्री पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं रह गया है.
जेएमएम का केंद्र पर निशाना
जेएमएम के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने पार्टी के कैंप कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि परीक्षा घोटालों से 27 लाख विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है. उन्होंने कहा, “यह बहुत गंभीर विषय है. यदि शिक्षा ही समाज से समाप्त हो जाएगी तो समाज में कैसे व्यक्ति तैयार होंगे, यह कल्पना भी नहीं की जा सकती.”
‘सरकार विद्यार्थियों को भी चुन रही है’
सुप्रियो भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि जिस तरह सरकार मतदाताओं को चुन रही है, उसी तरह अब विद्यार्थियों को भी चुना जा रहा है कि कौन पड़ेगा और क्या पढ़ेगा. उन्होंने यूजीसी के हालिया निर्देश का जिक्र करते हुए कहा कि अब पीएचडी शोध का अनुमोदन यूजीसी करेगा. उन्होंने दावा किया, “पिछले 13 वर्षों में देश की बदहाल आर्थिक स्थिति, वैज्ञानिक शोध जैसे मुद्दों पर अब पीएचडी नहीं होगी. पीएचडी सिर्फ आरएसएस के सिलेबस पर होगी.”
शिक्षा बजट में भारी कटौती का आरोप
सुप्रियो भट्टाचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे अपील करते हुए कहा कि यदि देश की शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की थोड़ी भी सोच है तो इस गंभीर समस्या को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने आंकड़े देते हुए बताया, “2013 के बजट में शिक्षा के लिए 6.3 प्रतिशत आवंटन था, जो 2026 के बजट में घटाकर 2.83 प्रतिशत कर दिया गया है. यह लगभग 6 प्रतिशत की कमी है.”
‘तिल-तिल कर बच्चों को न मारें’
भट्टाचार्य ने भावुक अपील करते हुए कहा, “यदि मारना ही है तो एक बार में मार दीजिए, तिल-तिल कर बच्चों को न मारिए. विद्यार्थियों को आत्महत्या के लिए न उकसाइए. उनका मन कोमल होता है और तनाव बर्दाश्त करने की क्षमता उनमें कम होती है.” जेएमएम ने स्पष्ट रूप से मांग की है कि मोदी सरकार तुरंत धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करे और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए.
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