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हार के बाद गांधी आश्रम में प्रशांत किशोर का 'मौन-उपवास'.. बड़ी तैयारी का संदेश तो नहीं?

जन सुराज के प्रशांत किशोर भितिहरवा गांधी आश्रम में एक दिवसीय मौन अनशन पर बैठे. क्या है इस 'आत्ममंथन' का संदेश?.

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प्रशांत किशोर का मौन उपवास (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : November 21, 2025 at 9:38 AM IST

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बेतिया : बिहार के बेतिया में जन सुराज के प्रशांत किशोर भितिहरवा गांधी आश्रम में एक दिवसीय मौन अनशन पर बैठे. गांधी की ऐतिहासिक कर्मभूमि पर किया गया यह मौन अनशन चुनावी हार के बाद आत्ममंथन का संकेत माना जा रहा है. यह कदम उस ठिक उसी समय उठाया गया, जब बिहार की राजधानी पटना में नीतीश कुमार शपथ ले रहे थे.

प्रशांत किशोर का 'मौन-उपवास' : एक तरफ प्रशांत किशोर अनशन पर तो आश्रम परिसर के बाहर समर्थकों की भीड़ थी. पॉलिटिकल एक्सपर्ट की माने तो नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह के बीच प्रशांत किशो का मौन उपवास अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं के लिए एक संदेश था. राजनीतिक विशेषज्ञ प्रिय रंजन भारती की माने तो ''प्रशांत किशोर के य़ह कदम राजनीतिक गलियारों में आने वाले दिनों की बड़ी तैयारी के रूप में देखा जा रहा है."

जन सुराज प्रवक्ता विवेक कुमार ने क्या कहा? : जन सुराज प्रवक्ता विवेक कुमार ने बताया कि, जन सुराज गांधीजी का फोटो लेकर नहीं चलता है. उन्होंने कहा कि जब भी कोई नई शुरुआत करे तो आत्मशुद्धिकरण जरूरी है. हम लोग फिर से बिहार को सुधारने की जिद में लग गए है.

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भितिहरवा आश्रम में पीके का मौन अनशन (ETV Bharat)

''इसका दूसरा उद्देश्य यह भी है कि एक तरफ नीतीश कुमार ने शपथ ली तो उनके कानों तक यह गूंज जाए कि आपने जिस वादा के नाम पर हर महिला को 2 लाख, बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले, एक करोड़ लोगों को रोजगार देंगे. उस वादे की गूंज इस मौन व्रत के माध्यम से उन तक पहुंचे. अगले पांच साल तक जन सुराज जमीन पर रहेगा. अब सलाह का समय खत्म, संघर्ष का शुरू.'' - विवेक कुमार, प्रवक्ता, जन सुराज

नीतीश सरकार पर बरसे जन सुराज नेता : जन सुराज के स्टार प्रचारक रितेश सिंह आश्रम पहुंचे और कहा कि ''बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए ने खुले तौर पर वोट खरीदने की कोशिश की. चुनाव से दो दिन पहले मतदाताओं के बीच दस हजार रुपया बांटना आचार संहिता का उल्लंघन है, जो लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है."

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भितिहरवा आश्रम (ETV Bharat)

'चुनाव आयोग का दुरुपयोग जनता कभी नहीं भूलेगी' : जन सुराज के अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा कि, ''नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण शपथ लिया, जो असंवैधानिक है. जिस तरह से सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया गया. चुनाव आयोग का दुरुपयोग किया गया, इसे जनता कभी नहीं भूलेगी और ना ही माफ करने वाली है.''

यहीं से पदयात्रा शुरू की थी : जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने 2022, 2 अक्टूबर को भितिहरवा गांधी आश्रम से अपनी बिहार पदयात्रा शुरू की थी. यह यात्रा पटना में गांधी मूर्ति में खत्म हुई थी. लेकिन 2025 बिहार चुनाव में मिली करारी हार के बाद प्रशांत किशोर समीक्षा में जुटे हैं.

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भितिहरवा आश्रम में समर्थकों के साथ पीके (ETV Bharat)

'हार के कारणों पर विचार होना चाहिए' : हार के बाद प्रशांत किशोर ने कहा था, ''हम हारे लेकिन जिस तरह से हमें साढ़े तीन प्रतिशत वोट मिला हम टूटे नहीं है, लेकिन हार के कारणों की समीक्षा जरूरी है. जन सुराज ने जिस लक्ष्य व्यवस्था परिवर्तन के लिए आंदोलन शुरू किया था, न तो व्यवस्था परिवर्तन हुआ न ही सत्ता परिवर्तन.''

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