इंदौर के बाद हल्द्वानी में गंदे पेयजल की सप्लाई से हड़कंप, इन इलाकों के लोग हैं परेशान
सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा- गंदा पानी आने की शिकायत मिली हैं, जल संस्थान के अधिकारियों से वार्ता की गई है, अधिकारी फील्ड में डटे हैं

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : January 7, 2026 at 2:49 PM IST
|Updated : January 7, 2026 at 2:56 PM IST
हल्द्वानी: स्वच्छता सर्वेक्षण में लगातार 8 बार देश के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब जीतने वाले मध्य प्रदेश के शहर इंदौर के भागीरथीपुरम में दूषित पेयजल से कथित तौर पर 18 लोगों की मौत की सूचना है. हजारों लोग बीमार हैं. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले में सरकार और जिम्मेदार अफसरों पर कड़ी टिप्पणी की है. इस त्रासद खबर से भी हल्द्वानी में जल संस्थान और नगर निगम की नींद नहीं टूट रही है. शहर के राजपुरा और गांधी नगर समेत कई इलाकों में गंदा और बदबूदार पेयजल आने की शिकायत मिली है.
हल्द्वानी में दूषित पेयजल की सप्लाई: नगर निगम हल्द्वानी की पेयजल व्यवस्था एक बार फिर सवालों में है. राजपुरा, गांधी नगर सहित कई इलाकों में नलों से गंदा और बदबूदार पानी आने से लोगों में आक्रोश है. प्रशासन के मुताबिक सीवर लाइन की खुदाई के दौरान पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई है. अधिकारियों को जल्द समाधान के निर्देश दिए गए हैं.
नलों में गंदा पानी आने से लोग आक्रोशित: गंदे पानी की आपूर्ति से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है. उन्होंने स्वास्थ्य को लेकर गंभीर चिंता जताई है. स्थानीय निवासियों की मानें तो बीते कई दिनों से नलों से पीने योग्य पानी की बजाय मिट्टी और गंदगी से भरा पानी आ रहा है. लोगों ने बोतलों में भरे गंदे पानी को दिखाते हुए बताया कि ऐसे पानी का उपयोग न तो पीने के लिए किया जा सकता है और न ही खाना बनाने के लिए. मजबूरी में लोग बाजार से पानी खरीदने को विवश हैं, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है.
शिकायत के बाद भी विभागों पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप: स्थानीय महिलाओं का आरोप है कि इस समस्या को लेकर जल संस्थान और नगर निगम को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो क्षेत्र में बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. खासकर बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका बुरा असर पड़ने की आशंका बनी हुई है.
हाल ही में सड़कों की खुदाई और अधूरे कार्यों को भी लोग इस समस्या की बड़ी वजह बता रहे हैं. लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पानी की गुणवत्ता की तत्काल जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. हल्द्वानी जल संस्थान के अधिशासी अभियंता रवि शंकर लोसाली ने बताया कि-
कई जगह पर पुरानी लाइन हो चुकी हैं जो सीवर लाइन से गुजर रही हैं. इस कारण गंदा पानी लोगों के घरों में पहुंच रहा है. जहां गंदा पानी आ रहा था, वहां पर कनेक्शन काट दिए हैं. पुरानी लाइन बदलने का सर्वे कार्य किया जा रहा है. डीपीआर बना शासन को भेजी जाएगी, ताकि पाइप लाइन बदली जा सके.
- रवि शंकर लोसाली, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान -
सिटी मजिस्ट्रेट ने माना गंदे पानी की शिकायत आई हैं: सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल चौहान ने बताया कि-
कुछ क्षेत्रों से गंदा पानी आने की शिकायत मिली हैं. जल संस्थान के अधिकारियों से वार्ता की गई है. अधिकारी फील्ड में डटे हुए हैं. जल निगम के अधिकारियों से बातचीत की जाएगी. गंदा पानी आने का कारण आबादी वाले क्षेत्र में सीवर पाइप लाइन का काम जेसीबी से होना पाया गया है. जेसीबी से खुदाई होने पर पानी की पाइप लाइन डेमेज हो रही है. जिसके कारण लोगों के घरों तक गंदा पानी आ रहा है.
-गोपाल चौहान, सिटी मजिस्ट्रेट, हल्द्वानी-
जेसीबी के बजाय मजदूरों से कराया जाएगा काम: सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल चौहान ने कहा कि अब आबादी वाले क्षेत्रों में मजदूरों से काम कराया जाए, ताकि पानी की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त न हों.
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