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CM योगी के शहर में सस्ते में मिलेंगे लग्जरी फ्लैट और आवास, जानिए लोकेशन और कीमत

गोरखपुर विकास प्राधिकरण ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से आवास और प्लॉट खरीदने का मौका जल्द ही देगा

गोरखपुर विकास प्राधिकरण जल्द देगा सस्ते घरों का तोहफा.
गोरखपुर विकास प्राधिकरण जल्द देगा सस्ते घरों का तोहफा. (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : January 6, 2026 at 5:59 PM IST

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गोरखपुर: सीएम योगी के शहर में अच्छे लोकेशन और सुरक्षित आवासीय योजना में सस्ते में आवास और प्लॉट खरीदने का मौका मिलेगा. गोरखपुर विकास प्राधिकरण(GDA) बहुत जल्द यह सौगात लेकर आ रहा है. प्राधिकरण अपनी विकसित परियोजनाओं की जिन संपत्तियों को तय मूल्य पर बेचने में नाकाम रहा है, उसे अब 25% कम मूल्य पर बिक्री करने के लिए बहुत जल्द निविदा टेंडर वाला है. करीब 100 आवास और 25 से अधिक व्यावसायिक संपत्तियां इस आधार पर बेची जाएंगी.

25 फीसदी कम होंगे दामः जीडीए के उपाध्यक्ष आनंद वर्धन सिंह ने बताया कि कुछ आवासीय जगहों पर संपत्तियों की बिक्री नहीं होने पर अलोकप्रिय श्रेणी में डाल दिया गया था. ऐसी संपत्ति को बिक्री करने के लिए 25% कम मूल्य पर शासन से स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजा था. जिसको कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है. इस संबंध में शासन से निर्देश जारी होते ही संशोधित दर लागू करते हुए इन संपत्तियों के आवंटन के लिए नया पंजीकरण शुरू किया जाएगा. कुछ संपत्तियों को जहां के जरिए आवंटित किया जाएगा. पहले आओ पहले पाओ के आधार पर भी लोग संपत्तियां खरीद सकेंगे.

25 फीसदी तक दाम कम करेगा जीडीए.
25 फीसदी तक दाम कम करेगा जीडीए. (ETV Bharat)

एक मुश्त भुगतान पर अधिक छूट मिलेगीः प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने बताया कि एक मुश्त भुगतान करने वालों को छूट से कुछ अधिक छूट भी मिल सकेगी. पूरी तरह बसी हुई कॉलोनी के बीच में सभी सुविधाओं को देखने के बाद, इन संपत्तियों का पंजीकरण खोला जाएगा तो अपना मकान लेने के लिए उत्सुक होंगे. उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ जीडीए अपनी आय करने में सफल हो पाएगा बल्कि, जरूरतमंदों को आवास और व्यावसायिक संपत्तियां भी मिल सकेंगी.

एक दशक से नहीं बिकीं संपत्तियांः जीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि यह संपत्तियां करीब एक दशक से बिक्री के लिए अटकी पड़ी हुई हैं. जिसे बेचने के लिए बोर्ड में कम मूल करने का प्रस्ताव लाकर इसे पास कराया गया और फिर शासन से भी इस पर स्वीकृति मिल गई है, जिससे अब इन्हें बेचने का रास्ता साफ हो गया है. प्राधिकरण वैसे तो हर साल अपनी आवासीय संपत्तियों की कीमत में 10% व्यावसायिक संपत्तियों में 12% की वृद्धि करता है. 2 साल पहले यह 15 और 18% था. लेकिन जिन संपत्तियों की बेचने की बात हो रही है, वह एक दशक से बिक्री नहीं हो रही हैं. इसलिए यह रास्ता तैयार करना पड़ा है.

महंगी कीमतों के कारण प्रॉपर्टी अनसोल्डः जीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि वसुंधरा आवसीय योजना और लोहिया आवास योजना में लोगों को फ्लैट मिल सकेंगे. वसुंधरा योजना में जिन प्लाटों की शुरुआती कीमत 50 लाख रुपए थी, वह बढ़कर 90 लाख रुपये तक पहुंच गई. शहर की प्रमुख बाजार गोलघर में स्थित जीडीए टावर में खाली पड़े कार्यालय के ब्लॉक को भी बेचा जाएगा. जीडीए टावर में कार्यालय ब्लॉक की कीमत करीब सवा करोड़ पहुंच गई है. जबकि गोलघर जैसी प्रमुख बाजार में इन संपत्तियों को बिक जाना चाहिए था, लेकिन शायद यह कीमत की वजह से मात खा गईं. उन्होंने कहा कि इसी प्रकार लोहिया एनक्लेव में भी फ्लैट की कीमत आम खरीदार की पहुंच से बाहर हो गए है. उन्होंने बताया कि वसुंधरा एंक्लेव के फेज एक दो और तीन, बुद्धा मिनी मार्ट देवरिया बाईपास, बुद्ध विहार पार्ट ए और भी के शॉपिंग सेंटर, वैशाली आवासीय योजना, राप्ती नगर के विभिन्न योजनाओं में लोगों को फ्लैट और आवास को सस्ते दामों में बेचा जाएगा.

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