जोधपुर के इस केंद्र में मिलती है शादी से पहले रिश्तों की 'ट्रेनिंग', सम्मान और धैर्य के लिए देते हैं टिप्स
इस केंद्र को शुरू करने का उद्देश्य युवक-युवतियों को विवाह के पहले मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक रूप से तैयार करना है.

Published : January 7, 2026 at 11:49 AM IST
जोधपुर : पुलिस थानों में सामान्यतः वैवाहिक विवाद होने पर मामला दर्ज करने से पहले पुलिस के परामर्श केंद्र पर दोनों पक्षों के साथ सलाह मशविरा किया जाता है, जिससे पति पत्नी साथ रह सकें. इसमें बावजूद घरेलू हिंसा व तलाक के मामले बढ़ रहे हैं. अब इन्हें रोकने के लिए प्रशासन ने भी कदम आगे बढ़ाए हैं. विवाह के बाद होने वाली कलह को रोकने के लिए अब विवाह से पूर्व ही सलाह देने के लिए नवाचार किया है. इसके तहत कलेक्ट्रेट स्थित महिला अधिकारिता विभाग कार्यालय को जिम्मा सौंपा गया है. संभागीय आयुक्त डॉ. प्रतिभा सिंह के निर्देश पर यहां पर विवाह योग्य युवक युवतियों की काउंसिलिंग की जा रही है. इसका नाम 'तेरे-मेरे सपने विवाह पूर्व परामर्श केंद्र' रखा गया है. यहां पर डेढ़ माह में सात जोड़ों की काउंसलिंग की गई, जिनके अब विवाह भी हो गए हैं.
यह है केंद्र खोलने का उद्देश्य : संभागीय आयुक्त डॉ. प्रतिभा सिंह ने बताया कि इस केंद्र को शुरू करने का उद्देश्य युवक-युवतियों को विवाह के पहले मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक रूप से तैयार करना है. इससे वे विवाह के प्रति अपने दृष्टिकोण को बेहतर ढंग से समझ सकें और मजबूत संबंधों की नींव रख सकें. वर्तमान दौर में विवाह से पहले दोनों के बीच संवाद होना जरूरी है. यह संवाद सतही नहीं हो. इससे दोनों के मानसिक स्वास्थ्य के साथ साथ भविष्य की जिम्मेदारियों को लेकर बात होनी चाहिए. इससे विवाह के बाद की समस्याओं, घरेलू हिंसा और तलाक जैसी स्थितियों को कम किया जा सकता है.
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हर दिन दर्ज हो रहे घरेलू विवाद के मामले : जोधपुर कमिश्नरेट के पूर्व व पश्चिम जिले में साल के पहले 6 दिनों में ही घरेलू विवाद से जुड़े महिला थानों में 10 मामले दर्ज हो चुके हैं, जबकि सालाना यह शहर और ग्रामीण थानों में औसतन 3 हजार से अधिक पारिवारिक व घरेलू हिंसा के मामले आते हैं. कुछ मामलों में बात तलाक तक पहुंच जाती है. इसके लिए कई मंचों पर विवाह पूर्व जोड़ों की काउंसलिंग की बात उठ चुकी है. जोधपुर में यह सरकारी प्रयास है.
एक ही सपना बुनने के लिए करते हैं प्रेरित : काउंसलर जागृति कल्ला ने बताया कि परामर्श केंद्र का उद्देश्य विवाह के लिए युवक और युवती दोनों का एक ही सपना बनाना है. इसके लिए हम काम कर रहे हैं. अभी तक सात जोड़ों को हमने परामर्श दिया है. उन्होंने बताया कि जीवन में कुछ बातों पर ध्यान नहीं देकर ही रिश्ते आगे बढ़ाए जाते हैं. इसका प्रचार प्रसार हम आंगनवाड़ी केंद्र, सामूहिक विवाह स्थल, विवाह पंजीयन केंद्र और मैरिज ब्यूरो के कार्यालय के पास करते हैं, जिससे ज्यादा से ज्यादा इस मुहिम से जुड़ सकें.

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इस तरह से दिए जाते हैं सुझाव : युवती को बताया जाता है कि उसे परिवार को साथ लेकर आगे बढ़ना है. बड़ों की बात को एक बार सुनना जरूर चाहिए, जहां आवश्यकता हो वहां अपनी राय रखें. इसके लिए शब्द चयन ऐसे होने चाहिए, जिससे किसी को बुरा नहीं लगे. पति की आर्थिक और सामाजिक स्थिति को हमेशा ध्यान रखकर ही गृहस्थी से जुड़े निर्णय लेने चाहिए, जिससे कोई परेशानी नहीं हो. युवक को कहा जाता है कि वे पत्नी का पूरा सम्मान करें. उसकी बात को सुनें. समय-समय पर दोनों बैठकर सिर्फ अपने जीवन के आने वाले पड़ाव पर बात करें. कभी दोनों के बीच विवाद हो तो उसे पहले आपस में ही बात कर खत्म करें. यह भी बताया जाता है कि कुछ हो जाए, लेकिन विवाद की स्थिति में बड़ा फैसला लेने से पहले आपस में ही बात करेंगे. बड़े परिवार में रहने के लिए भी टिप्स दिए जाते हैं.


