'हम भी तो इंसान ही हैं', अमित लोढ़ा बोले- पुलिस में अनुशासन, लेकिन पीड़ा समझने के लिए संवेदनशील होना भी जरूरी
IPS अधिकारी अमित लोढ़ा ने नालंदा साहित्य महोत्सव में 'राइटिंग इंडिया इन इंग्लिश' सत्र में पुलिस की संवेदनशीलता और राजगीर के विकास पर चर्चा की.

Published : December 23, 2025 at 2:21 PM IST
नालंदा: बिहार में अपराधियों के पसीने छुड़ाने वाले चर्चित आईपीएस अधिकारी अमित लोढ़ा एक अलग अंदाज में नजर आए. नालंदा ज़िले के राजगीर स्थित अंतर्राष्ट्रीय कंवेंशन सेंटर में चल रहे नालंदा साहित्य महोत्सव के सत्र राइटिंग इंडिया इन इंग्लिश में शामिल होने पहुंचे अमित लोढ़ा ने खाकी वर्दी और साहित्य के रिश्तों पर बेवाकी से बात की.
वर्दी के पीछे भी एक इंसान: अमित लोढ़ा ने कहा कि पुलिस की छवि भले ही सख्त हो, लेकिन वर्दी के पीछे भी एक इंसान होता है, जिसके अंदर संवेदनाएं होती हैं. पुलिस में अनुशासन जरूरी है, लेकिन पुलिसकर्मी को संवेदनशील होना भी उतना ही आवश्यक है. तभी आप पीड़ित की पीड़ा समझ पाएंगे. अगर आप अपने सच्चे संस्मरण दिल से लिखेंगे, तो वह जनता के मन को जरूर छुएगा.
कभी अपराधियों के पकड़ने आते थे नालंदा: अमित लोढ़ा ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि एक समय था जब वे नालंदा और शेखपुरा के इलाकों में अपराधियों की धर-पकड़ के लिए आते थे. आज उसी जगह साहित्य महोत्सव में आना उनके लिए एक सुखद अनुभव है.
राजगीर में वर्ल्ड क्लास सुविधाएं: अमित लोढ़ा ने कहा कि यह बिहार के लिए बहुत खूबसूरत पल है. राजगीर में इंटरनेशनल स्टेडियम और वर्ल्ड क्लास सुविधाएं देखकर उन्हें काफी खुशी होती है. वहीं उनका कहना है कि इस बदलाव और शांति में पुलिस का भी निश्चित रूप से योगदान रहा है.
'बिहार डायरीज' पर बोले अमित लोढ़ा: आमतौर पर पुलिस वाले रिटायरमेंट के बाद किताबें लिखते हैं, लेकिन सर्विस के दौरान ही 'बिहार डायरीज' लिखने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मेरा लेखक बनने का कोई इरादा नहीं था. लेकिन कुछ कहानियां मेरे साथ घटित हुईं, जिन्हें लिखना जरूरी लगा.
"मुझे खुशी है कि मेरी किताब ने पुलिस के प्रति लोगों की गलतफहमियों को दूर किया है. फिलहाल वे मैं अपने काम में व्यस्त हूं और किसी वेब सीरीज पर काम नहीं कर रहा लेकिन भविष्य में और संस्मरण जरूर लिखूंगा."-अमित लोढ़ा, आईपीएस सह साहित्यकार
युवाओं के लिए प्रतिभा दिखाने का मौका: अमित लोढ़ा ने नालंदा साहित्य महोत्सव को बिहार के युवाओं के लिए एक बेहतरीन शुरुआत बताया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि बिहार, जो हमेशा से कला और संस्कृति के लिए जाना जाता रहा है, वहां के युवाओं को ऐसे आयोजनों से अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा. सत्र में उन्होंने बात भी रखी. वहीं इससे पहले, सत्र का संचालन डॉ. पंकज के.पी. श्रेयस्कर ने किया.
कौन हैं अमित लोढ़ा: दरअसल अमित लोढ़ा बिहार कैडर के 1998 बैच के प्रसिद्ध IPS अधिकारी हैं. वे मौजूदा समय में राज्य अपराध रिकॉर्ड बयूरो (ECRB) में ADG हैं. हाल ही में उन्हें प्रोमोशन भी मिला है.
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