झारखंड में विकसित होगा AI आधारित हेल्थ सिस्टम! स्वास्थ्य मंत्री से मिले ACTUVI के सीईओ ड्रेगन स्मिथ, अमेरिका आने का न्योता
झारखंड में एआई आधारित हेल्थ सिस्टम विकसित करने की दिशा में सरकार की ओर से महत्वपूर्ण पहल की गई है.

Published : February 18, 2026 at 8:58 PM IST
|Updated : February 18, 2026 at 9:20 PM IST
रांची: झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण और इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित चिकित्सा प्रणाली के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सरकार के स्तर पर की जा रही है. इसी क्रम में सूबे के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी एवं विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार को ACTUVI (USA) के फाउंडर एवं सीईओ ड्रेगन स्मिथ द्वारा डलास, टेक्सास, संयुक्त राज्य अमेरिका का दौरा करने का औपचारिक निमंत्रण दिया है.
मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने दी जानकारी
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम के साथ मई में इस दौरे की योजना बनाई जा रही है. जहां उन्नत चिकित्सा अवसंरचना, डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम और AI-समर्थित डायग्नोस्टिक मॉडल का अध्ययन किया जाएगा. इस पहल का उद्देश्य राज्य में तकनीक-आधारित चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ बनाना है.
AI आधारित डायग्नोस्टिक सिस्टम पर चर्चा
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने ACTUVI के साथ हुई चर्चा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डायग्नोस्टिक सिस्टम, प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स, डिजिटल क्लिनिकल मॉनिटरिंग और एडवांस्ड मेडिकल स्क्रीनिंग तकनीकों के उपयोग पर विस्तार से विचार-विमर्श किया. इसका लक्ष्य झारखंड में रोग पहचान की सटीकता, उपचार प्रबंधन की दक्षता और क्लिनिकल परिणामों में सुधार सुनिश्चित करना है.

नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 16 से 20 फरवरी तक आयोजित अंतरराष्ट्रीय हेल्थ एवं टेक्नोलॉजी समिट में विश्वस्तरीय चिकित्सा उपकरण, इंटेलिजेंट डायग्नोस्टिक्स प्लेटफॉर्म, टेलीमेडिसिन मॉड्यूल तथा AI-संचालित क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम प्रदर्शित किए जा रहे हैं. इस कार्यक्रम को नरेंद्र मोदी द्वारा संबोधित किया जाना प्रस्तावित है. विधानमंडल सत्र की व्यस्तता के कारण स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी स्वयं सम्मिलित नहीं हो सके. उन्होंने विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार को प्रतिनिधि के रूप में भेजा, ताकि नवीनतम चिकित्सा नवाचारों का अध्ययन कर राज्य में उनके क्रियान्वयन की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकें.
स्वास्थ्य विभाग की कार्य योजना
स्वास्थ्य विभाग की कार्य योजना के अनुसार प्रथम चरण में राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों को AI-समर्थित हेल्थ इन्फॉर्मेशन सिस्टम, डिजिटल रेडियोलॉजी एनालिसिस, पैथोलॉजिकल ऑटोमेशन एवं क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम से जोड़ा जाएगा. द्वितीय चरण में जिला और सदर अस्पतालों को इन तकनीकों से एकीकृत किया जाएगा, ताकि कैंसर, कार्डियोवैस्कुलर रोग, सेरेब्रोवैस्कुलर स्ट्रोक सहित अन्य जटिल बीमारियों की प्रारंभिक एवं सटीक निदान सुनिश्चित किया जा सके.
इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य चिकित्सा सेवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण बनाना है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित हेल्थकेयर अवसंरचना के माध्यम से रोगों की शीघ्र पहचान, प्रभावी उपचार प्रबंधन और मरीजों को बेहतर चिकित्सा परिणाम उपलब्ध कराए जा सकेंगे. विशेष रूप से ग्रामीण एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है .
सीईओ ड्रेगन ने प्रयासों को सराहा
सीईओ ड्रेगन स्मिथ ने झारखंड में स्वास्थ्य क्षेत्र में हो रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि AI-आधारित परीक्षण, प्रिसिजन डायग्नोस्टिक्स और रियल-टाइम हेल्थ मॉनिटरिंग तकनीक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार ला सकती है. उन्होंने तकनीकी सहयोग और अनुसंधान-आधारित चिकित्सा विकास की संभावनाओं पर सकारात्मक सहमति व्यक्त की.
ये भी रहे मौजूद
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल के साथ शशि प्रकाश झा, प्रबंध निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित थे. झारखंड स्वास्थ्य विभाग की यह पहल राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली को आधुनिक, डेटा-आधारित एवं मरीज-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी.
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