वन भूमि को लेकर बागवानों को भेजा नोटिस तो होगी कार्रवाई: जगत सिंह नेगी
हाल ही में शिमला के जुब्बल में बेदखली की कार्रवाई हुई थी. जिसका सेब उत्पादक संघ ने कड़ा विरोध किया था.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 23, 2026 at 5:14 PM IST
|Updated : February 23, 2026 at 6:07 PM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश में वन भूमि पर सेब बागान का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है. दिल्ली से लौटते ही राजस्व और बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वन भूमि से बागवानों की बेदखली को लेकर कार्रवाई करने और नोटिस भेजने पर कार्रवाई होगी. नेगी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी बागवानों को नोटिस भेजने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. इस दौरान नेगी ने मामले पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का भी स्वागत किया.
नोटिस भेजने वालों पर होगी कार्रवाई
शिमला में मीडिया से बातचीत करते हुए राजस्व मंत्री ने कहा कि वन भूमि पर जीवन निर्वाह करने वाले बागवानों पक्ष में सुप्रीम कोर्ट का फैसला स्वागत योग्य है. सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगाई है और इससे वर्षों से वन भूमि पर निर्भर लोगों को राहत मिलेगी. नेगी ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी बागवानों को अगर किसी प्रकार के नोटिस भेजे जा रहे हैं तो इस पर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पहले ही वनाधिकार कानून (FRA) में छूट की मांग करते हुए विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेज चुकी है. राजस्व मंत्री ने कहा कि सरकार इस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है और जल्द ही एक नई नीति तैयार कर केंद्र सरकार को प्रेषित करेगी. ताकि बागवानों और वन भूमि पर निर्भर लोगों के हितों की रक्षा की जा सके.
जमीन खाली कराने पहुंची वन विभाग की टीम
बता दें कि हाल ही में शिमला जिले के जुब्बल उपमंडल के मांदल क्षेत्र में बेदखली की कार्रवाई का मामले सामने आया था. हिमाचल सेब उत्पादक संघ ने इसका कड़ा विरोध किया था. संघ के मुताबिक, मांदल पंचायत के रामनगरी चेक में 21 फरवरी को बेदखली की कार्रवाई हुई थी. 18 फरवरी को प्रभावित परिवार को नोटिस जारी किया गया था. परिवार को केवल व्हाट्सएप के जरिए नोटिस मिला था और तीन दिन के अंदर ही कार्रवाई शुरू कर दी गई.
बागवान नेता संजय चौहान ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया है. उन्होंने बेदखली कि कार्रवाई को सर्वोच्च न्यायालय के 16 दिसंबर, 2025 को दिए गए आदेशों की अवहेलना बताया है. उन्होंने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट राज्य सरकार को नीति निर्माण के निर्देश दिए थे और ये कार्रवाई उन आदेशों के विरुद्ध है.
24 फरवरी को बागवानों का सम्मेलन
हिमाचल प्रदेश सेब उत्पादक संघ ने बागवानों की बेदखली के कार्रवाई के खिलाफ क्षेत्रवासियों से 24 फरवरी 2025 को हटकोटी जुटने की अपील की है. हिमाचल सेब उत्पादक संघ की जुब्बल इकाई हाटकोटी में सम्मेलन का आयोजन करेगी. सेब उत्पादक संघ ने बागवानों के अधिकारों की रक्षा और नीति निर्माण के लिए लोगों से हाटकोटी पहुंचकर आवाज बुलंद करने की अपील की गई है.
ये भी पढ़ें: शिमला में दिन दहाड़े फायरिंग, पैसों के लेन-देन को लेकर हुई थी कहासुनी

