भाटापारा में दाल मिल पर कार्रवाई, 316 बोरी उड़द दाल जब्त, रंग मिलाए जाने का शक
कार्रवाई के दौरान 8 लाख का माल खाद्य विभाग ने सीज कर दिया है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : February 18, 2026 at 7:28 AM IST
बलौदा बाजार: खाद्य सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए भाटापारा स्थित दाल मिल पर कार्रवाई की है. खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने औचक निरीक्षण के दौरान उड़द दाल में रंग मिलावट की आशंका पाई, जिसके आधार पर लगभग 8 लाख मूल्य की 316 बोरी उड़द दाल और संदिग्ध काला रंग जब्त कर लिया है.
जब्त नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजा गया है. यह कार्रवाई कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देश और अभिहित अधिकारी अक्षय कुमार सोनी के नेतृत्व में की गई. दरअसल, मिलावटखोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मंगलवार को टीम ने भाटापारा के सुहेला रोड स्थित खोखली परिसर में संचालित दाल मिल का निरीक्षण किया.
ड्रम में मिला संदिग्ध काला रंग
निरीक्षण के दौरान टीम को परिसर में रखे एक ड्रम में काला रंग मिला. प्राथमिक जांच में आशंका जताई गई कि इस रंग का उपयोग उड़द दाल को अधिक गहरा और आकर्षक दिखाने के लिए किया जा सकता है. खाद्य सुरक्षा मानकों के तहत दाल में किसी भी प्रकार का कृत्रिम रंग मिलाना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है, क्योंकि इससे उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. टीम ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ की और दस्तावेजों की जांच की. प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर उड़द दाल में रंग मिलावट की आशंका को गंभीर मानते हुए कार्रवाई की गई.
उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है. नियमित निरीक्षण और सघन जांच अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है.निरीक्षण के दौरान दाल में रंग मिलावट की आशंका सामने आई, जिसके आधार पर दाल और संदिग्ध रंग को जब्त कर नमूना परीक्षण के लिए भेज दिया गया है: अक्षय कुमार सोनी, अभिहित अधिकारी, खाद्य एवं औषधि प्रशासन

316 बोरी उड़द दाल जब्त
कार्रवाई के दौरान कुल 316 बोरी उड़द दाल, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 8 लाख बताई जा रही है, को जब्त कर लिया गया. इसके साथ ही ड्रम में मिले काले रंग को भी सील कर नमूना जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है. खाद्य सुरक्षा अधिकारी संध्या महिलांग के नेतृत्व में ये पूरी कार्रवाई की गई. टीम ने विधिवत पंचनामा तैयार कर नमूने लिए और निर्धारित प्रक्रिया के तहत उन्हें राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेज दिया. अब जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
रिपोर्ट आने के बाद होगी कार्रवाई
खाद्य अधिकारियों के अनुसार, यदि प्रयोगशाला रिपोर्ट में रंग मिलावट की पुष्टि होती है, तो संबंधित संचालक के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी. प्रकरण को न्यायालय में प्रस्तुत कर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी. खाद्य एवं औषधि प्रशासन का कहना है कि मिलावटखोरी के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी. कार्रवाई के दौरान भाटापारा पुलिस का भी सहयोग लिया गया, ताकि निरीक्षण और जब्ती की प्रक्रिया शांतिपूर्वक और कानूनी तरीके से पूरी हो सके.

प्रशासन की सख्ती से बाजार में हलचल
इस कार्रवाई के बाद भाटापारा और आसपास के क्षेत्रों में संचालित अन्य दाल मिलों और खाद्य व्यवसायियों में हलचल देखी जा रही है. कई व्यापारियों ने अपने स्टॉक और प्रक्रिया की आंतरिक जांच शुरू कर दी है. जिला प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई केवल एक मिल तक सीमित नहीं रहेगी. जहां भी मिलावट की आशंका होगी, वहां निरीक्षण किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे.
उपभोक्ताओं से अपील
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी खाद्य पदार्थ में मिलावट की आशंका हो, तो तुरंत विभाग को सूचना दें। जागरूक उपभोक्ता ही मिलावटखोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने में सबसे बड़ी भूमिका निभा सकते हैं.
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