RGHS में दवा वितरण में लापरवाही पर कार्रवाई, 215 निजी फार्मेसियों का टीएमएस अस्थायी बंद
राजस्थान के बाहर दिल्ली और गुरुग्राम में भी 1-1 फार्मेसी पर कार्रवाई हुई है.

Published : August 26, 2026 at 4:43 PM IST
जयपुर: राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) में लाभार्थियों को समय पर दवाएं उपलब्ध नहीं कराने पर 215 निजी फार्मेसियों का टीएमएस अस्थायी रूप से बंद किया गया है. प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने बताया कि दवा वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है. लंबे समय से दवा उपलब्ध नहीं कराने वाली फार्मेसियों को स्पष्टीकरण का अवसर दिया गया था. असंतोषजनक उत्तर और कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं देने पर टीएमएस निलंबित किया गया है. जयपुर में सबसे ज्यादा 39 फार्मेसियों पर कार्रवाई हुई है. उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को हो रही परेशानी को देखते हुए अनुशासन स्थापित करने और दिशा-निर्देशों के प्रभावी अनुपालन के लिए यह कार्रवाई की गई है.
इन जिलों में कार्रवाई: परियोजना अधिकारी आरजीएचएस डॉ. निधि पटेल ने बताया कि अलवर और सीकर में 20-20, भरतपुर, चूरू और दौसा में 10-10, अजमेर में 9, झुंझुनू और श्रीगंगानगर में 8-8, जोधपुर और कोटा में 7-7, हनुमानगढ़ और पाली में 6-6, बारां और कोटपूतली-बहरोड़ में 5-5, डीग, खैरथल-तिजारा और टोंक में 4-4 फार्मेसियों पर कार्रवाई की गई. इसी प्रकार डीडवाना-कुचामन, नागौर और उदयपुर में 3-3 तथा ब्यावर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, धौलपुर, जैसलमेर, जालोर और करौली में 2-2 फार्मेसियों पर कार्रवाई हुई है. इसी प्रकार बालोतरा, बाड़मेर, बीकानेर, झालावाड़, सवाई माधोपुर और सिरोही में 1-1 फार्मेसी का टीएमएस बंद किया गया है. राजस्थान के बाहर दिल्ली और गुरुग्राम में भी 1-1 फार्मेसी पर कार्रवाई हुई है.
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उन्होंने बताया कि आरजीएचएस का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को आवश्यक दवाएं समय पर और सुचारु रूप से उपलब्ध कराना है. वितरण में लापरवाही या अनावश्यक विलंब को गंभीरता से लिया जा रहा है. संबंधित फार्मेसियों से प्राप्त स्पष्टीकरण और अभिलेखों की जांच के बाद नियमानुसार आगे कार्रवाई होगी.

