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सरकारी नौकरी पर संकट! नशे के मामलों में घिरे 9 कर्मचारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी

रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन, विभागीय जांच या अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है.

HP GOVT EMPLOYEES IN DRUG CASES
उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार (ETV BHARAT)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : July 6, 2026 at 1:31 PM IST

3 Min Read
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बिलासपुर: हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच अब सरकारी कर्मचारियों पर भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है. बिलासपुर जिला प्रशासन ने नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार से जुड़े मामलों में नाम आने वाले 9 सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी है. इन सभी कर्मचारियों की विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भेजी जा रही है, जिसके बाद सेवा नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी.

नशे के खिलाफ प्रशासन का सख्त संदेश

जिला प्रशासन का कहना है कि नशे के खिलाफ अभियान किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं रहेगा. यदि कोई सरकारी कर्मचारी भी नशे के अवैध कारोबार या उससे जुड़े मामलों में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कानून और सेवा नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. प्रशासन का उद्देश्य सरकारी तंत्र में पारदर्शिता बनाए रखना और नशे के नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाना है.

सरकार को भेजी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट

प्रशासन के अनुसार, जिन 9 कर्मचारियों के खिलाफ विभिन्न मामलों में रिकॉर्ड सामने आए हैं, वे जिले के अलग-अलग सरकारी विभागों में कार्यरत हैं. इन सभी मामलों का रिकॉर्ड और संबंधित कर्मचारियों की सेवा संबंधी जानकारी एकत्र कर प्रदेश सरकार को भेजी जा रही है. रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार संबंधित विभागों के माध्यम से नियमानुसार विभागीय कार्रवाई शुरू करेगी.

सेवा नियमों के तहत हो सकती है कार्रवाई

प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट के आधार पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन, विभागीय जांच या अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है. हालांकि अंतिम निर्णय प्रदेश सरकार और संबंधित विभाग सेवा नियमों के अनुसार ही लेंगे. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी दोषी कर्मचारी को केवल सरकारी सेवा में होने के कारण राहत नहीं दी जाएगी. गौरतलब है कि बिलासपुर पुलिस और जिला प्रशासन पिछले कई महीनों से नशा तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं. इस दौरान कई मामलों का खुलासा हुआ है और बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं. प्रशासन का मानना है कि सरकारी कर्मचारियों की संलिप्तता सामने आने से गलत संदेश जाता है, इसलिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है.

"जिले में 9 सरकारी कर्मचारियों की नशे से जुड़े मामलों में संलिप्तता सामने आई है. इन सभी की विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भेजी जा रही है. नशे के मामलों में शामिल किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा और नियमों के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी." राहुल कुमार, उपायुक्त बिलासपुर.

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