सामूहिक नकल पर संस्कृत यूनिवर्सिटी का एक्शन, दो कॉलेज अब नहीं बन पाएंगे परीक्षा केंद्र
7 अगस्त को लालसोट के एमडी पीजी कॉलेज और 11 अगस्त को सीकर के विश्वभारती शिक्षाशास्त्री कॉलेज में सामूहिक नकल के प्रकरण सामने आए थे.

Published : September 2, 2026 at 11:19 AM IST
जयपुर: जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय ने सामूहिक नकल के मामलों में सख्त कार्रवाई करते हुए दो कॉलेजों को यूनिवर्सिटी की किसी भी परीक्षा का केंद्र नहीं बनाने का फैसला किया है. यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक डॉ. शंभु कुमार झा ने इस संबंध में आदेश जारी किया है. बीते दिनों पीजीडीसीए परीक्षा 2025-26 के दौरान जगद्गुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत यूनिवर्सिटी के उड़नदस्ता दल ने दो अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर सामूहिक नकल के मामले पकड़े थे. 7 अगस्त को लालसोट के एमडी पीजी कॉलेज और 11 अगस्त को सीकर के विश्वभारती शिक्षाशास्त्री कॉलेज में सामूहिक नकल के प्रकरण सामने आए थे.
बाहरी सदस्यों की समिति ने की जांच : मामलों की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोनों प्रकरणों की जांच के लिए बाहरी सदस्यों की समिति गठित की थी. समिति में राजस्थान विश्वविद्यालय के प्रो. राजेश पूनिया, राजकीय संस्कृत महाविद्यालय के डॉ. हरिशंकर प्रजापति और डॉ. महेश शर्मा शामिल थे. समिति ने दोनों मामलों की जांच के बाद अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपी. रिपोर्ट के आधार पर कुलगुरु प्रो. मदनमोहन झा ने दोनों महाविद्यालयों को अग्रिम आदेश तक विश्वविद्यालय की किसी भी परीक्षा का केंद्र नहीं बनाने के निर्णय को मंजूरी दी.
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परीक्षा की शुचिता बनाए रखने का संदेश : यूनिवर्सिटी के शास्त्री कौशलेंद्र दास ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस कार्रवाई को परीक्षा की शुचिता, पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने की दिशा में सख्त कदम बताया है. सामूहिक नकल के मामलों में परीक्षा केंद्रों पर की गई कार्रवाई से विश्वविद्यालय ने परीक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरतने वाले संस्थानों को स्पष्ट संदेश दिया है कि परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
ये था पूरा मामला : शास्त्री कौशलेंद्र दास ने बताया कि यूनिवर्सिटी की विजिलेंस टीम के निरीक्षण सामूहिक नकल का मामला सामने आया था. सीकर के विश्वभारती शिक्षाशास्त्री महाविद्यालय में 72 विद्यार्थी परीक्षा दे रहे थे. जांच के दौरान करीब 20 विद्यार्थियों से नकल में इस्तेमाल की जा रही उत्तर सामग्री जब्त की गई थी. टीम ने मौके से मिले वीडियो, वॉइस रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्य परीक्षा विभाग को सौंपे थे. रिपोर्ट के आधार पर कुलपति प्रो. मदनमोहन झा के निर्देश पर परीक्षा नियंत्रक डॉ. शंभुकुमार झा ने संबंधित परीक्षा निरस्त कर दी. इससे पांच दिन पहले ही पीजीडीसीए परीक्षा में लालसोट के एमडी पीजी कॉलेज में भी सामूहिक नकल पकड़ी गई थी.

