दुर्ग में सायबर ठगी के खिलाफ एक्शन, 9 म्यूल अकाउंट होल्डर अरेस्ट, पुलिस ने किया अलर्ट
पकड़े गए लोगों के खातों से लाखों के लेनदेन का पता चला है.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : August 20, 2026 at 8:17 PM IST
दुर्ग: पुलिस और सायबर सेल की टीम सायबर ठगी करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है. गुरुवार को पुलिस ने सायबर ठगी के जरिए पैसों को ट्रांसफर करने में मदद करने वालों को गिरफ्तार किया. पकड़े गए लोगों के खातों की जब जांच की गई तो पता चला कि आरोपियों के खातों से लाखों की लेनदेन हुई है. पुलिस पकड़े गए लोगों से पूछताछ कर ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ठगी कि रकम कहां पहुंचती थी और कौन इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड है.
दुर्ग में सायबर ठगी के खिलाफ एक्शन
सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि आरोपी थोड़े से कमीशन के लालच में अपने पासबुक, एटीएम, चेकबुक और सिम कार्ड साइबर अपराधियों को सौंप देते थे. पुलिस ने बताया कि गिरोह के लोग इन खातों का इस्तेमाल ठगी के पैसों को छुपाने और ट्रांसफर करने में करते हैं. सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी के मुताबिक म्यूल खाताधारकों को 2,000 से 15,000 रुपये तक का कमीशन मिलता है.
गिरफ्तार आरोपियों में सुपेला थाना क्षेत्र से अमन कुमार राय और डोमेन्द्र कुमार सिन्हा का नाम शामिल है. भिलाई भट्टी थाना क्षेत्र से दिनेश देशमुख, नितिश सिंह, विक्रम देशलहरे, भीष्म ध्रुव, के. सुनीता राव, स्मीता मसीह और गुनगुन देवांगन को पकड़ा गया है. पकड़े गए सभी लोगों के पास से बैंकिंग दस्तावेज, एटीएम, पासबुक और मोबाइल जब्त हुए हैं.
आम जनता से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम या सिम कार्ड इस्तेमाल के लिए न दें, वरना आप भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं: सत्यप्रकाश तिवारी, सीएसपी
क्या है म्यूल अकाउंट
साइबर ठगों द्वारा लोगों से ठगी गई रकम को लेन देन के लिए दूसरों के खातों को किराए पर लिया जाता है. पुलिस के अनुसार साइबर ठगी करने वालों द्वारा ठगी से अर्जित गई रकम अपने बैंक खातों में जमा नहीं कराते इसके लिए वे दूसरों के बैंक अकाउंट का इस्तेमाल करते हैं. म्यूल अकाउंट के एवज में खातेदार को कुछ रकम दी जाती है. बैंक अकाउंट, डिजिटल वॉलेट या अन्य वित्तीय माध्यमों का उपयोग साइबर अपराधी ठगी की रकम या अवैध धन को एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसफर करने में करते हैं.
ठगों को सायबर ठगी की रकम को खपाने के लिए उनको बैंक खाते या वॉलेट की जरूरत पड़ती है. इसके लिए म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल करते हैं. किसी व्यक्ति को पैसा नौकरी, इनाम या निवेश का लालच देकर अपने जाल में ठग फंसाते हैं.

