लालसोट में हिस्ट्रीशीटर की हत्या के आरोपियों ने पुलिस पर की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में लगी गोली
आरोपियों ने 20 दिन पहले लालसोट में एक रेस्टोरेंट के बाहर हिस्ट्रीशीटर धर्मेंद्र मीणा की गोली मारकर हत्या कर दी थी.

Published : May 4, 2026 at 1:34 PM IST
दौसा: जिले के लालसोट में बीते दिनों हुए सनसनीखेज हिस्ट्रीशीटर हत्याकांड मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. करीब 20 दिन पहले दिनदहाड़े हुई हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया. पुलिस को आरोपियों की लोकेशन मिलने के बाद टीम ने उनके ठिकानों पर दबिश दी. जैसे ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, आरोपियों ने खुद को घिरता देख फायरिंग शुरू कर दी. आरोपियों की ओर से की गई फायरिंग में एक पुलिसकर्मी को गोली लगी, लेकिन उसने बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी, जिससे गोली जैकेट में ही अटक गई और उसकी जान बच गई.
लालसोट थाना प्रभारी पवन जाट ने बताया कि पुलिस इस मामले को लेकर लगातार सक्रिय थी और आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी. आखिरकार सटीक सूचना मिलने पर यह कार्रवाई की गई. आरोपियों की ओर से फायरिंग करने पर पुलिस ने तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें मुख्य आरोपी चेतराम के पैर में गोली लगी. वहीं, उसके दो अन्य साथी देशराज और धर्मेंद्र भी मुठभेड़ के दौरान घायल हो गए और उनके पैर टूट गए. पुलिस ने तीनों आरोपियों को मौके से ही काबू में कर लिया. इसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें दौसा जिला अस्पताल पहुंचाया गया.
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अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद तीनों आरोपियों को सर्जिकल वार्ड में भर्ती किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है. पुलिस लगातार उनकी निगरानी कर रही है ताकि किसी भी तरह की सुरक्षा चूक न हो. अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ के बाद मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है.
हिस्ट्रीशीटर की हुई थी हत्या: थानाधिकारी ने बताया कि 20 दिन पहले लालसोट में एक रेस्टोरेंट के बाहर हिस्ट्रीशीटर धर्मेंद्र मीणा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. घटना उस समय हुई जब वह खाना खाकर बाहर निकला ही था. पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी. इस वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी.

