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राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में मेस फीस घोटाले में अकाउंटेंट निलंबित, जानिए पूरा मामला

राजकीय दून मेडिकल कॉलेज देहरादून में एमबीबीएस छात्रों की मेस फीस धांधली में बड़ा एक्शन, एक अकाउंटेंट को किया गया निलंबित

GOVT DOON MEDICAL COLLEGE
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज (फोटो- ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : July 8, 2026 at 6:45 PM IST

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देहरादून: उत्तराखंड के सबसे बड़े राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस छात्रों की मेस फीस से संबंधित घोटाले में बड़ा एक्शन हुआ है. मामले में घोटाले में संलिप्त पाए गए एक अकाउंटेंट को निलंबित कर दिया गया है. चिकित्सा शिक्षा निदेशालय लेवल पर की गई जांच में भारी अनियमितताएं मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है.

उत्तराखंड के चिकित्सा शिक्षा विभाग में चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. अजय आर्य ने बताया कि राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में हुए मेस घोटाले को लेकर बारीकी से जांच आगे की ओर बढ़ाया जा रहा है. हालांकि, इस प्रकरण में जीएसटी, बैंक ट्रांजैक्शन, ड्राफ्ट से संबंधित कुछ दिक्कतें हैं. इसको लेकर निदेशालय अपने नॉलेज की लिमिटेशन से आगे बढ़कर काम कर रहा है.

उन्होंने बताया कि घोटाले में मेस शुल्क से संबंधित निजी खातों, बैंक ट्रांजैक्शन जीएसटी की जांच संबंधित एक्सपर्ट से कराए जाने को लेकर सरकार को एक पत्र भी भेजा गया है. उनका कहना है कि आगे भी जांच में अगर कोई इस प्रकरण में संलिप्त पाया जाता है, तो उसे छोड़ नहीं जाएगा. इस मामले में शामिल एक लेखाकार को फिलहाल निलंबित किया गया है.

कैसे दिया घोटाले को अंजाम: दरअसल, आरोप है कि राजकीय दून मेडिकल कॉलेज देहरादून में एमबीबीएस का कोर्स कर रहे 2022, 23, 24 और 25 बैच के छात्रों से कॉलेज कैंपस के अंदर मेस संचालक ने शुल्क सीधे अपने नीचे खातों में डलवा दी थी. मेस संचालक ने क्यूआर कोड पर दून मेडिकल कॉलेज लिखवाकर छात्रों में वितरित कर दिया था.

अकाउंटेंट पर गिरी गाज: आरोप है कि इसके लिए मेस संचालक ने छात्रों के कॉलेज को दिए जाने वाले डिमांड ड्राफ्ट भी वापस करवा दिए थे. इसको लेकर संचालक ने अकाउंट सेक्शन से डिमांड ड्राफ्ट निकलवाए और उन्हें रद्द करते हुए छात्रों को वापस कर दिया था. मामले का तब खुलासा हुआ, जब कॉलेज ने इस प्रकरण में जांच बैठाई. करीब डेढ़ महीने पहले हुए इस घोटाले में शामिल एक अकाउंटेंट फिलहाल निलंबित कर दिया गया है.

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