ACB का जयपुर और बांसवाड़ा में एक्शन, राजधानी में जेईएन 3 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार, बांसवाड़ा में तीन को पकड़ा
बिजली विभाग से लोड क्षमता बढ़वाने की एवज में आरोपी ने पांच हजार रुपए की रिश्वत की मांग की.

Published : August 24, 2026 at 7:20 PM IST
जयपुरः भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को जयपुर और बांसवाड़ा में ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया है. एसीबी ने जयपुर डिस्कॉम के कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) को तीन हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है. वहीं, बांसवाड़ा यूनिट ने बांसवाड़ा जिले के बागीदौरा में कार्रवाई करते हुए तहसील कार्यालय के वरिष्ठ सहायक और उसके दो दलालों को चार हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है.
एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर जयपुर नगर चतुर्थ इकाई चौकी ने ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया है. एसीबी के डीजी गोविंद गुप्ता ने बताया कि परिवादी से तीन हजार रुपए की रिश्वत लेते रामगंज सब स्टेशन (जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड) के जेईएन मनोज कुमार को गिरफ्तार किया है.
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पांच हजार मांगे, बातचीत में कम किएः उन्होंने बताया, एसीबी चौकी जयपुर नगर चतुर्थ इकाई को परिवादी ने शिकायत दी थी. इसमें बताया कि उसकी कंपनी सोलर रिधम एनर्जी सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के ग्राहक के आवासीय बिजली कनेक्शन पर 10 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगाने के लिए बिजली विभाग से लोड क्षमता बढ़वाने की एवज में आरोपी मनोज कुमार ने 14 अगस्त को पांच हजार रुपए की रिश्वत की मांग की. बातचीत के दौरान 3-4 हजार रुपए पर सहमति बनी.
रंगे हाथ पकड़ा, रिश्वत की रकम बरामदः मांग की पुष्टि के बाद सोमवार को डीआईजी ओमप्रकाश मीणा के निर्देशानुसार एएसपी मनोज कुमार गुप्ता के नेतृत्व में पुलिस निरीक्षक रामजी लाल के नेतृत्व में ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया गया. कार्रवाई के दौरान आरोपी को परिवादी से 3,000 रुपए रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया. रिश्वत राशि बरामद की जा चुकी है. प्रकरण में अन्य व्यक्तियों की भूमिका के संबंध में पूछताछ की जा रही है. आरोपी से पूछताछ और अग्रिम कार्रवाई जारी है. एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा.
परिवाद दर्ज होने पर रखें अपना पक्षः उन्होंने बताया, किसी व्यक्ति के विरुद्ध एसीबी में प्रकरण (अभियोग, प्राथमिक जांच, परिवाद आदि) दर्ज होने पर, सीधा एसीबी से संपर्क कर अपना पक्ष और स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया जा सकता है. एसीबी द्वारा स्पष्टीकरण के बाद ही अनुसंधान को लेकर निर्णय लिया जाता है. यह जानकारी एसीबी के डर से धोखाधड़ी के शिकार होने की संभावना के संदर्भ में महत्वपूर्ण है.
चार हजार की रिश्वत लेते वरिष्ठ सहायक और दो दलाल ट्रैपः इधर, बांसवाड़ा यूनिट ने बांसवाड़ा जिले के बागीदौरा में कार्रवाई करते हुए तहसील कार्यालय के वरिष्ठ सहायक और उसके दो दलालों को चार हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है. होम लोन के लिए तहसील से रजिस्टर्ड मॉर्टगेज करवाने के बदले रिश्वत ली गई. शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एसीबी ने वरिष्ठ सहायक योगेंद्र सिंह भाटी और उसके लिए रिश्वत लेने वाले रतन सिंह और विट्ठल को गिरफ्तार किया है.
वरिष्ठ सहायक योगेंद्र सिंह दो रजिस्ट्री पत्रावलियों को रजिस्टर्ड मॉर्टगेज करवाकर पत्रावलियां उपलब्ध करवाने की एवज में रिश्वत मांग रहा था. उसने अपने दलाल रतनसिंह और विट्ठल के जरिए चार हजार रुपए की रिश्वत ली. तीनों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है.

