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ACB ने कसा शिकंजा, होटल-ढाबों पर चौथवसूली के बाद कोडवर्ड बता निकालते गाड़ियां, इंस्पेक्टर समेत 13 हिरासत में

एसीबी ने परिवहन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और दलालों के 11 ठिकानों पर की छापेमारी.

ACB ने कसा शिकंजा
ACB ने कसा शिकंजा (फोटो ईटीवी भारत जयपुर)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : January 9, 2026 at 8:30 AM IST

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जयपुर : परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने ताबड़तोड़ छापेमारी की है. एसीबी मुख्यालय की 12 टीमों ने ब्यावर, नसीराबाद, बिजयनगर, केकड़ी, किशनगढ़ और अजमेर के परिवहन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और दलालों के 11 ठिकानों पर छापेमारी कर रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं. एसीबी ने परिवहन विभाग के इंस्पेक्टर सहित 13 लोगों को हिरासत में लिया है.

डीजी (एसीबी) गोविंद गुप्ता ने बताया कि हाइवे से गुजरने वाले वाहनों से 600 रुपए से एक हजार रुपए तक की वसूली की एक गोपनीय सूचना मिली थी. जिसमें बताया गया कि परिवहन विभाग के ब्यावर, नसीराबाद, बिजयनगर, केकड़ी, किशनगढ़ और अजमेर कार्यालयों के सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों और प्राईवेट दलालों की मिलीभगत से अलग-अलग हाइवे से गुजरने वाले परिवहन वाहनों से 600 रुपए से 1000 रुपए तक प्रति वाहन वसूले जा रहे हैं. एसीबी ने 13 आरोपियों को हिरासत में लेकर उनके कब्जे से 1,16,700 रुपए की संदिग्ध राशि, 19 मोबाइल, 4 सीसीटीवी डीवीआर और 12 संदिग्ध डायरियां मिली हैं. जिनमें लाखों रुपए का हिसाब और हजारों रुपए का डिजिटल पेमेंट का रिकॉर्ड मिला है. एसीबी की एडीजी स्मिता श्रीवास्तव और आईजी सत्येंद्र कुमार के निर्देशन में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है.

11 ठिकानों पर की छापेमारी
सर्च की कार्रवाई करती एसीबी की टीम (फोटो ईटीवी भारत जयपुर)

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वाहनों पर कार्रवाई नहीं करने के बदले वसूली : गोविंद गुप्ता ने बताया कि होटल शेरे पंजाब (ब्यावर), जगदंबा टी स्टॉल (नसीराबाद), होटल आर.जे.01 (नसीराबाद) के माध्यम से यह वसूली की जा रही है. एसीबी ने इस सूचना का सत्यापन करवाया तो यह सच्चाई सामने आई कि प्राइवेट दलालों द्वारा वाहन चालकों से परिवहन विभाग के अधिकारियों के नाम पर रिश्वत लेने और अधिकारियों तक रकम पहुंचाने का खेल चल रहा है. वाहन चेकिंग के नाम पर कमियां नहीं निकालने, ओवरलोड वाहनों पर करवाई नहीं करने और गाड़ियां जब्त नहीं करने की एवज में यह रकम वसूली जा रही थी.

कॉल सेंटर बनाकर पास करवाते गाड़ियां : डीजी (एसीबी) गोविंद गुप्ता ने बताया कि परिवहन अधिकारियों-कर्मचारियों और दलालों द्वारा मोबाइल मैसेंजिंग, डिजिटल पेमेंट और हाईवे पर स्थित होटल ढाबों के मार्फत रिश्वत की रकम का लेनदेन करने की भी जांच में पुष्टि हुई है. प्राइवेट दलाल कई मोबाइल का उपयोग कर कॉल सेंटर जैसी व्यवस्था कर रखी थी. वाहन चालकों से एंट्री रकम प्राप्त होने के बाद संबंधित टीम को वाहन का नंबर फॉरवर्ड कर गाड़ियां पास करवाने का खेल चल रहा था.

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एसीबी को मिले सबूत : उन्होंने बताया एसीबी जयपुर के डीआईजी अनिल कयाल के सुपरविजन में ब्यूरो मुख्यालय की 12 टीमों ने ब्यावर, नसीराबाद, बिजयनगर, केकड़ी, किशनगढ़ और अजमेर कार्यालयों के परिवहन अधिकारी, कर्मचारियों के ठिकानों, फ्लाइंग स्क्वॉड, प्राइवेट दलालों और उनके परिसरों की आकस्मिक चेकिंग की. जिसमें वाहनों से अवैध एंट्री प्राप्त करने के संबंध में संदिग्ध दस्तावेज, मोबाइल में डिजिटल डाटा मिला है.

इंस्पेक्टर, संविदा कर्मी, ढाबा संचालक का नेटवर्क : गोविंद गुप्ता ने बताया कि परिवहन विभाग के निरीक्षक जलसिंह के साथ उसके प्राइवेट सहायक प्रदीप जोधा, दलाल विक्रम सिंह पिपरोली व संजय यादव, ढाबा संचालक बुधे सिंह, महेंद्र कुमार, सुनील कुमार, परिवहन विभाग के संविदा गार्ड लक्ष्मण काठात, गुलाब काठात और संदिग्ध रामूराम, मनोहर गांधी, बुद्धिप्रकाश प्रजापत व कृष्णा सिंह सहित 13 लोगों को अग्रिम कार्रवाई के लिए हिरासत में लिया गया है.