JJM SCAM : पूर्व मंत्री महेश जोशी 11 मई तक ACB रिमांड पर भेजे गए, गिरफ्तारी को गहलोत ने बताया राजनीतिक प्रतिशोध
960 करोड़ रुपए के घोटाले के मामले में जल पूर्व पीएचईडी मंत्री डॉ. महेश जोशी को एसीबी ने किया गिरफ्तार.

Published : May 7, 2026 at 8:36 AM IST
|Updated : May 7, 2026 at 1:51 PM IST
जयपुर : हर घर तक नल से जल पहुंचाने की केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन में 960 करोड़ रुपए के घोटाले के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने आज बड़ी कार्रवाई की है. इस मामले में एसीबी ने आज पूर्व पीएचईडी मंत्री महेश जोशी को गिरफ्तार कर लिया है. विभाग के तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुबोध अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद एसीबी ने आज डॉ. जोशी को गिरफ्तार किया है. एसीबी के डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह ने बताया कि पूर्व मंत्री डॉ. महेश जोशी को आज अल सुबह 5 बजे जयपुर स्थित उनके घर से हिरासत में लिया गया है. घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया है. वहीं गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार कानूनी प्रक्रिया के उल्लंघन का एक नया तरीका अपना रही है. यह राजनीतिक दुर्भावना और सत्ता के दबाव में उठाया गया कदम है. हमें पूर्ण विश्वास है कि न्यायपालिका के समक्ष इस राजनीतिक प्रतिशोध का पर्दाफाश होगा.
जल जीवन मिशन घोटाले में आरोपी पूर्व पीएचईडी मंत्री डॉ. महेश जोशी को एसीबी ने आज गुरुवार को कोर्ट में पेश किया. एसीबी उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी. जल जीवन मिशन घोटाले में कोर्ट ने पूर्व मंत्री महेश जोशी को 11 मई तक रिमांड पर भेजा. इससे पहले एसीबी ने जयपुरिया अस्पताल में उनका मेडिकल मुआयना करवाया. इस दौरान महेश जोशी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं. उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है. उन्होंने कहा भाजपा ने 2023 में इस मामले को मुद्दा बनाकर चुनाव लड़ा. अब इस मुद्दे को जिंदा रखने की कवायद की जा रही है.
इसे भी पढ़ें: राजस्थान में एक बार फिर ED की दस्तक, गहलोत सरकार के अधिकारी और मंत्री के दफ्तर पर कसा शिकंजा
शादी की सालगिरह पर हुई गिरफ्तारी : जल जीवन मिशन घोटाले में महेश जोशी को आज दूसरी बार गिरफ्तार किया गया है. इस मामले में पहले ईडी ने उन्हें गिरफ्तार किया था. उस समय उनकी पत्नी की तबीयत खराब थी. बाद में उनके जेल में रहने के दौरान उनकी पत्नी का निधन हो गया था. आज जब उन्हें गिरफ्तार किया गया है तो उनकी शादी की सलगिरह है. गिरफ्तारी के बाद महेश जोशी ने कहा कि लगता है, सरकार की तरफ से उनकी पत्नी को श्रद्धांजलि दी गई है. वे बोले, अगर उन पर कोई दोष साबित हो गया तो किसी को कुछ करने की जरूरत नहीं है. वह खुद ही कुछ कर लेंगे.
ईडी पहले कर चुकी गिरफ्तार, 7 माह जेल में रहे : जल जीवन मिशन घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी जांच कर रही है. ईडी ने महेश जोशी को इस मामले में अप्रैल 2025 में गिरफ्तार किया था. जिसके बाद वे करीब सात महीने जेल में रहे. उन्हें सुप्रीम कोर्ट से 3 दिसंबर, 2025 को जमानत मिली थी. इस मामले में महेश जोशी पर पीएचईडी मंत्री रहते टेंडर जारी करने के बदले रिश्वत लेने का आरोप है. एसीबी ने महेश जोशी के खिलाफ 2024 में प्राथमिकी दर्ज की थी.

इसे भी पढ़ें: 8 माह बाद जेल से रिहा हुए कांग्रेस नेता महेश जोशी, बोले- 'मैं निर्दोष हूं, न्याय की लड़ाई लड़ूंगा'
दस इंजीनियर और पूर्व एसीएस पकड़े गए : जल जीवन मिशन घोटाले में एसीबी ने पिछले दिनों दस अभियंताओं को गिरफ्तार किया था. इसके बाद लंबे समय तक एसीबी को छकाने वाले पीएचईडी के तत्कालीन एसीएस डॉ. सुबोध अग्रवाल को भी एसीबी ने गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल, तीन आरोपी इस मामले में फरार चल रहे हैं. जिन्हें मफरूर (भगौड़ा) घोषित किया गया है. एसीबी ने उनकी संपत्ति की जानकारी जुटाकर कोर्ट में पेश की है. अब उनकी संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी.
फर्जी प्रमाण पत्र की जानकारी, नहीं लिया एक्शन: एसीबी के डीजी गोविंद गुप्ता ने कहा, जल जीवन मिशन में हुए भ्रष्टाचार के मामले को लेकर एसीबी ने मुकदमा दर्ज किया था. अनुसंधान में सामने आए तथ्यों के आधार पर आज सुबह पूर्व मंत्री महेश जोशी को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने कहा कि टेंडर की शर्तों में बदलाव कर मनमर्जी से ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया. इरकॉन का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर टेंडर हासिल करने का मामला जानकारी में आने के बावजूद एक्शन नहीं लिया गया.
महेश जोशी पर पद के दुरुपयोग का मामला है. प्रमाण पत्र फर्जी होने की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की, जबकि ठेकेदारों को अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए था. जो नहीं किया गया और उन्हें फायदा पहुंचाया गया. पहले इस मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि तीन आरोपी फरार चल रहे हैं. उन्होंने बताया कि कोर्ट ने महेश जोशी को 11 मई तक रिमांड पर सौंपा है.
महेश जोशी की गिरफ्तारी को गहलोत ने बताया राजनीतिक प्रतिशोध : वहीं पूर्व मंत्री महेश जोशी की गिरफ्तारी को लेकर अब सियासत में तेज हो गई है. राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मामले में सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए और कहा है कि महेश जोशी की गिरफ्तारी पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिशोध का मामला है. कोर्ट से ही इस मामले का पर्दाफाश होगा. गहलोत ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक पर देर रात पोस्ट करते हुए लिखा कि महेश जोशी की अनैतिक और दुर्भावनापूर्ण ढंग से की गई गिरफ्तारी की मैं कड़ी भर्त्सना करता हूं.
श्री महेश जोशी की अनैतिक और दुर्भावनापूर्ण ढंग से की गई गिरफ्तारी की मैं कड़ी भर्त्सना करता हूँ।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) May 7, 2026
पूर्व मंत्री श्री महेश जोशी की एसीबी द्वारा गिरफ्तारी कानून के स्पष्ट दिशा-निर्देशों का उल्लंघन भी है। जब नियम है कि पहले नोटिस देकर पूछताछ की जानी चाहिए। उसके बाद ही आवश्यकता होने…
पूर्व मंत्री महेश जोशी की एसीबी द्वारा गिरफ्तारी कानून के स्पष्ट दिशा-निर्देशों का उल्लंघन भी है. जब नियम है कि पहले नोटिस देकर पूछताछ की जानी चाहिए. उसके बाद ही आवश्यकता होने पर गिरफ्तारी का अधिकार है, तब बिना किसी नोटिस या पूछताछ के सुबह 5 बजे सीधे गिरफ्तारी करना सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े करता है.

