कहीं जिंदगी पर भारी न पड़ जाए AC! बढ़ती गर्मी में इस तरह रहें सुरक्षित
''गर्मी बढ़ने के साथ एसी का इस्तेमाल भी बढ़ता जाता है, लेकिन लोग भूल जाते हैं कि मशीन को भी आराम की जरूरत होती है''.

Published : May 4, 2026 at 5:00 PM IST
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के विवेक विहार में रविवार को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर दिया, जहां देर रात लगी आग में 9 लोगों की जान चली गई. शुरुआती रिपोर्ट्स में आग की वजह एसी ब्लास्ट बताया जा रहा है. यह घटना एक बड़ी चेतावनी है कि जिस एसी को हम गर्मी से राहत पाने के लिए इस्तेमाल करते हैं, वही लापरवाही बरतने पर जानलेवा भी बन सकता है. राजधानी में बढ़ते तापमान के साथ एसी का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके सुरक्षित इस्तेमाल और मेंटेनेंस को लेकर जागरूकता अभी भी कम है.
गर्मियों के चरम पर पहुंचते ही एसी का उपयोग कई गुना बढ़ जाता है. लोग गर्मी से राहत पाने के लिए घंटों तक लगातार एसी चलाते हैं. लेकिन मशीन की एक सीमा होती है. लगातार दबाव पड़ने से इसके अंदर के हिस्से कंप्रेसर ओवरहीट हो सकते हैं. यही ओवरहीटिंग कई बार ब्लास्ट या आग का कारण बन जाती है. एसी एक्सपर्ट साइमन ने बताया “जब एसी लगातार चलता है, तो उसके अंदर का तापमान तेजी से बढ़ता है और अगर उसे ठंडा होने का मौका न मिले तो जोखिम कई गुना बढ़ जाता है.” यही वजह है कि गर्मियों में एसी ब्लास्ट और आग के हादसे ज्यादा देखने को मिलते हैं.
छोटी-छोटी गलतियां बनाती हैं खतरनाक: एसी एक्सपर्ट साइमन ने बताया, “गर्मी बढ़ने के साथ एसी का इस्तेमाल भी बढ़ता है, लेकिन लोग यह भूल जाते हैं कि मशीन को भी आराम की जरूरत होती है.” उन्होंने बताया कि अधिकतर हादसे लापरवाही के कारण होते हैं, न कि सिर्फ मशीन की खराबी से. उन्होंने बताया कि “अगर सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो एसी पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन छोटी-छोटी गलतियां इसे खतरनाक बना देती हैं.” उन्होंने बताया कि एसी पुराने हो जाने की वजह से उनके जॉइंट्स में रिसाव हो जाती है. घरों में ज्यादा पुराने एसी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. एक एसी की लाइफ 6 से 8 साल होती है. एसी में रिसाव न हो तो इसके लिए नियमित सर्विसिंग, सही इंस्टॉलेशन कराना जरूरी है. अगर ठंडक कम हो या असामान्य गंध आए तो तुरंत तकनीशियन से संपर्क करना चाहिए.
हाई प्रेशर गैस बन सकता है जोखिम का कारण: साइमन ने बताया कि आजकल ज्यादातर एसी में R-32 और R-410A जैसी गैसों का इस्तेमाल हो रहा है. यह हाई प्रेशर गैस होती है और फ्लेमेबल कैटेगरी में आती हैं. उन्होंने बताया कि अगर किसी वजह से गैस लीक हो जाए और पास में कोई स्पार्क हो तो आग लगने की संभावना बढ़ जाती है. उन्होंने बताया कि इसलिए एसी में जिस नंबर का कंप्रेशर है, उसी नंबर का गैस भराना चाहिए और एसी की पाइपलाइन और गैस सिस्टम की नियमित जांच जरूर करना चाहिए.
बिजली लोड और शॉर्ट सर्किट का खतरा: एसी के साथ अगर कई अन्य उपकरण भी चल रहे हों, तो बिजली का लोड अचानक बढ़ सकता है. साइमन ने बताया, “ओवरलोडिंग से वायरिंग गर्म हो जाती है और शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए घर की बिजली व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर अपग्रेड भी करानी चाहिए. खराब या पुरानी वायरिंग अक्सर नजरअंदाज कर दी जाती है, लेकिन यह बेहद खतरनाक हो सकती है. ढीले कनेक्शन या खराब प्लग से स्पार्किंग हो सकती है, जो आग का कारण बन सकती है.”
कूलिंग नहीं, सुरक्षा बनी सबसे बड़ी प्राथमिकता: आकाश नागर ने बताया कि मैं AC लेने से पहले सबसे पहले उसकी सेफ्टी देखूंगा. आजकल जिस तरह आग लगने के मामले सामने आ रहे हैं, वो चिंता की बात है. इंदिरापुरम में हाल ही में आग लगी और विवेक विहार में भी AC ब्लास्ट की वजह से बड़ा हादसा हुआ. ऐसे में मेरी पहली प्राथमिकता यही है कि AC कितना सेफ है. उन्होंने बताया कि कूलिंग तो हर AC करता है, लेकिन मैं ये देखूंगा कि उसका कंप्रेसर कितने टेंपरेचर तक टेस्टेड है.
किशोर ठाकुर ने बताया, ”मेरे लिए AC खरीदते समय सबसे पहली प्राथमिकता सुरक्षा है. मेरी और मेरे परिवार की सुरक्षा सबसे अहम है. मैं वही AC लेना पसंद करूंगा जो सभी सुरक्षा मानकों को पूरा करता हो. उन्होंने बताया कि आजकल बाजार में ऐसे AC भी उपलब्ध हैं जो प्रदूषण को कम करते हैं और आग लगने के जोखिम को भी घटाते हैं. इन फीचर्स को ध्यान में रखते हुए ही मैं AC का चयन कर रहा हूं.”
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