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Ground Report: अबूझमाड़ में बदलाव की कहानी, गांवों में लग रहे साप्ताहिक बाजार, कैंप स्थापना से सुरक्षा बढ़ी

अबूझमाड़ के हालात तेजी से बदल रहे हैं, जाटलूर गांव में पहली बार साप्ताहिक बाजार सजा है. यहां का जायजा लिया ETV भारत ने

Jatlur Weekly Market Ground Report
अबूझमाड़ में बदलाव की कहानी, गांवों में लग रहे साप्ताहिक बाजार (ETV BHARAT CHHATTISGARH)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : December 28, 2025 at 8:05 PM IST

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Updated : December 28, 2025 at 8:14 PM IST

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नारायणपुर: जिले के नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ क्षेत्र में अब बदलाव साफ नजर आने लगा है. एक तरफ नक्सलियों के स्मारकों के साथ उनके करतूतों को ध्वस्त किया जा रहा है तो दूसरी तरफ सुरक्षाबल बुनियादी सुविधाएं देकर जनता का भरोसा भी जीत रहे हैं. ऐसा ही काम अबूझमाड़ के एक गांव जाटलूर में किया गया. यहां अब साप्ताहिक बाजार लग रही है.

ETV भारत की टीम भी जिला मुख्यालय नारायणपुर से लगभग 100 किलोमीटर और ब्लॉक मुख्यालय ओरछा से 35 किलोमीटर दूर इस गांव पहुंची. यहां के बाजार की ग्राउंड रिपोर्ट की गई स्थित है और जानने की कोशिश की गई कि पुलिस कैंपों की स्थापना के बाद क्षेत्र में क्या बदलाव आए हैं. देखिए ये रिपोर्ट-

पुलिस कैंपों की स्थापना के बाद अबूझमाड़ क्षेत्र में क्या बदलाव आए हैं. देखिए ये रिपोर्ट- (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

सड़क और सुरक्षा से बदली तस्वीर: जाटलूर की ओर जाते समय सबसे बड़ा बदलाव सड़क संपर्क के रूप में दिखाई देता है. पहले जहां सिर्फ जंगल, पहाड़ और संकरे रास्ते थे, अब वहां चौड़ी कच्ची सड़कें बन गई हैं. इन सड़कों को पुलिस ने तैयार किया है. इससे ग्रामीणों का ओरछा ब्लॉक मुख्यालय से सीधा संपर्क संभव हुआ है. हालांकि रास्ते में कई नदी-नाले हैं, जहां पुल नहीं होने से बारिश के दिनों में परेशानी होती है. ग्रामीण चाहते हैं कि इन जगहों पर जल्द पुल बनाए जाएं.

Jatlur Weekly Market Ground Report
अबूझमाड़ के हालात तेजी से बदल रहे हैं, जाटलूर गांव में पहली बार साप्ताहिक बाजार सजा है (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

हर कुछ किलोमीटर पर पुलिस कैंप: यात्रा के दौरान लगभग हर 5 किलोमीटर में पुलिस कैंप नजर आते हैं. हाल के महीनों में स्थापित इन कैंपों से क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ी है और नक्सल प्रभाव में काफी कमी आई है. ग्रामीण अब खुद को पहले से ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहे हैं.

पहली बार लगा साप्ताहिक बाजार: इन सबके बीच जाटलूर में एक नई और सकारात्मक तस्वीर देखने को मिली. गांव में पहली बार साप्ताहिक बाजार का आयोजन किया गया. यह बाजार पुलिस प्रशासन और ग्रामीणों के सहयोग से शुरू हुआ है. बाजार में आसपास के गांवों के ग्रामीण पहुंचे, वहीं नारायणपुर, छोटेडोंगर, धौड़ाई और ओरछा से व्यापारी भी दुकानें लगाकर आए.

अबूझमाड़ के हालात तेजी से बदल रहे हैं, जाटलूर गांव में पहली बार साप्ताहिक बाजार सजा है (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

जाटलूर का बाजार पहली बार लगा है, जैसे जैसे लोग इसके बारे में जानेंगे ज्यादा से ज्यादा लोग बाजार आएंगे- मानक दाई पटेल, महिला व्यापारी

कैंप खुलने के बाद बाजार लगने की बात सामने आई तो हम व्यापारी लोग दुर्गम मार्ग पार कर यहां बाजार के लिए आए हैं, लोगों में खुशी साफ देखी जा सकती है.- अशोक पटेल, युवा व्यापारी

डर का प्रतीक बना खुशहाली का बाजार: जिस जगह कभी नक्सलियों का स्मारक हुआ करता था और जहां डर का माहौल रहता था, आज उसी जगह बाजार सजा है. पुलिस जवान और ग्रामीण साथ मिलकर खरीदारी करते नजर आए. यह दृश्य अबूझमाड़ में आए बदलाव का सबसे बड़ा प्रतीक है.

Jatlur Weekly Market Ground Report
अबूझमाड़ के एक गांव जाटलूर में अब साप्ताहिक बाजार लग रही है. (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

गांव में ही मिल रही रोजमर्रा की जरूरतें: पहले नमक, तेल, साबुन जैसी जरूरी चीजों के लिए भी ग्रामीणों को 35 किलोमीटर दूर ओरछा जाना पड़ता था. अब वही सामान गांव के पास ही मिल रहा है. बाजार में महिलाएं बच्चों के लिए चप्पल और कपड़े भी खरीदती नजर आईं.

पहले नक्सल दहशत के चलते इन क्षेत्रों में कोई भी व्यापारी आने से डरते थे लेकिन पुलिस कैंप स्थापित होने के बाद से ग्रामीणों को सुविधाएं मिल रही है, अब गांव में ही सोसायटी और सड़कों पर पुल की सुविधा भी मिल जाए तो अच्छा हो- बुधराम उसेंडी, ग्रामीण

मैं इसी गांव का दामाद हूं, इसके बावजूद पहले ससुराल आना कम होता था. आज गांव में ही बाजार लगा है और तो मछली बेचने आया हूं- बादल कुमार कर्मा

नारायणपुर में रहकर 12वीं कक्षा साइंस की पढ़ाई कर रहा हूं. पहले सड़के तंग और सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी, अब सड़क और सुरक्षा सुदृढ़ होने से आने जाने में सरलता होगी.- राहुल कुमार गोटा

कैंप आने से सुरक्षा के साथ साथ सड़क पहुंच मार्ग ठीक हुआ है, अब गांव में ही कपड़े, चप्पल सब मिल रहे हैं- दिनेश गोटा, ग्रामीण युवक

Jatlur Weekly Market Ground Report
गांवों में लग रहे साप्ताहिक बाजार, कैंप स्थापना से सुरक्षा बढ़ी (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

जले हुए भवन आज भी बीते दौर की गवाही दे रहे: ग्राम जाटलूर पहुंचते ही एक जला हुआ पक्का भवन नजर आता है, जहां पहले पीडीएस राशन दुकान चलती थी. ग्रामीणों ने बताया कि सालों पहले नक्सलियों ने इसे जला दिया था. इसके बाद से आज तक ग्रामीणों को 35 किलोमीटर पैदल चलकर ओरछा से राशन लाना पड़ता है. गांव के कुछ अन्य सरकारी भवनों पर लिखे नक्सली नारे आज भी उस भयावह दौर की गवाही देते हैं. हालांकि सुरक्षाबलों की मौजूदगी में बाजार में खरीदारी करते ग्रामीण वर्तमान की सुखद तस्वीर भी बयां कर रहे हैं.

जब हम नक्सलियों के लिए चलाए जाने वाले ऑपरेशन में टीम के साथ गांव आते थे तब गांवों में दहशत थी आज बाजार को सुरक्षा देने पहुंचे हैं तो कैंप लगने से ग्रामीणों में खुशी है, हम भी पुलिस और ग्रामीण के बीच सामंजस्य बैठाने की कोशिश कर रहे हैं- मनोज ध्रुव, प्रधान आरक्षक जिला बल

ग्रामीणों की उम्मीदें और मांगें: ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस कैंप आने के बाद सड़क, सुरक्षा और बाजार जैसी सुविधाएं मिली हैं. अब उन्हें उम्मीद है कि आगे चलकर शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सरकारी योजनाएं भी गांव तक पहुंचेंगी. साथ ही उन्होंने मांग की है कि पीडीएस राशन दुकान दोबारा गांव में शुरू की जाए और नदी-नालों पर पुल बनाए जाएं.

Abujhmad Development Ground Report
जिले के नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ क्षेत्र में अब बदलाव साफ नजर आने लगा है (ETV BHARAT CHHATTISGARH)

कभी नक्सलवाद और दुर्गमता के लिए पहचाना जाने वाला अबूझमाड़ अब विकास और भरोसे की ओर बढ़ रहा है. जाटलूर गांव में पहली बार लगा साप्ताहिक बाजार इस बदलाव का मजबूत उदाहरण है. यदि इसी तरह आधारभूत सुविधाएं बढ़ती रहीं, तो अबूझमाड़ जल्द ही विकास की नई कहानी लिखेगा.

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Last Updated : December 28, 2025 at 8:14 PM IST