हांसी हिंसा पर बरसे अभय चौटाला, बोले- "सरकार का इकबाल खत्म, अधिकारी हुए बेकाबू, युवाओं की आवाज नहीं दबा सकते"
अभय चौटाला ने हांसी पुलिस कार्रवाई, जंतर-मंतर आंदोलन और भाजपा पर निशाना साधते हुए हरियाणा सरकार पर जमकर हमला बोला.

Published : August 17, 2026 at 10:11 AM IST
|Updated : August 17, 2026 at 10:16 AM IST
करनाल: इंडियन नेशनल लोकदल के प्रधान महासचिव एवं पूर्व विधायक अभय सिंह चौटाला ने रविवार को करनाल प्रवास के दौरान राज्य की भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला. हांसी में 15 अगस्त को हुए पुलिस-जनता टकराव, जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन, 27 सितंबर को मेवात में होने वाली चौधरी देवीलाल जयंती और भाजपा अध्यक्ष के हालिया बयानों पर उन्होंने खुलकर बातचीत की.
"एसपी खुद चला रहे थे पत्थर": अभय चौटाला ने हिसार के जीवन कुंडू हत्याकांड और हांसी में स्वतंत्रता दिवस के दिन हुए भारी बवाल के लिए सीधे तौर पर पुलिस-प्रशासन की नाकामी और रवैये को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने आरोप लगाया कि जहां एसपी का काम स्थिति को नियंत्रित करना होता है, वहीं हांसी में पुलिस खुद बेकाबू हो गई. चौटाला ने दावा किया कि एसपी खुद प्रदर्शनकारियों पर पत्थरबाजी करते नजर आए. ऐसे में हांसी के एसपी को तुरंत हटाया जाना चाहिए.उन्होंने कहा कि, "पुलिस की कार्रवाई में घायल हुए लोगों का निष्पक्ष मेडिकल कराया जाए और अपनी जायज मांगों को लेकर आवाज उठा रहे लोगों पर दर्ज की गई धारा 307 के मुकदमों को तुरंत वापस लिया जाए."
सीएम की भूमिका पर सवाल: चौटाला ने कहा कि, "मुख्यमंत्री 14 तारीख की रात को ही वहां मौजूद थे. उन्हें 15 अगस्त को SIT गठित कर पीड़ित परिवार और लोगों के प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर बातचीत करनी चाहिए थी, लेकिन सरकार ने संवाद की जगह टकराव का रास्ता चुना."
27 सितंबर को मेवात में मनाई जाएगी जननायक: चौटाला ने जानकारी देते हुए कहा कि, "इस बार जननायक चौधरी देवीलाल की जयंती 25 सितंबर की बजाय 27 सितंबर को मेवात में भव्य रूप से मनाई जाएगी. 25 सितंबर को शुक्रवार होने के कारण मुस्लिम समाज की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए तारीख में बदलाव किया गया है. मेवात हमेशा से इनेलो का मजबूत गढ़ रहा है और आपसी टूट के बाद अब जनता दोबारा इनेलो के साथ एकजुट हो रही है. प्रदेश की जनता मौजूदा सरकार से तंग आ चुकी है और इनेलो अपने दम पर हरियाणा में अगली सरकार बनाएगी."
युवाओं की आवाज दबाना नामुमकिन: जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन का समर्थन करते हुए चौटाला ने कहा कि, "बच्चों पर आंसू गैस और बल प्रयोग करके उनकी आवाज नहीं दबाई जा सकती. युवाओं के दबाव के कारण ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री को खुद मौके पर पहुंचना पड़ा. यदि सरकार का यही अड़ियल रवैया रहा तो प्रधानमंत्री को भी जनता के बीच आना पड़ेगा."
जातीय विभाजन की राजनीति का आरोप: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता के जाटों की बेटी वाले बयान पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि, "वैश्य और जाट समाज का हमेशा से भाईचारा रहा है, लेकिन भाजपा समाज को बांटने की कोशिश कर रही है. यदि वे खुद को जाटों की बेटी मानती हैं तो उन्हें अपने नाम के पीछे गुप्ता की जगह जाट लिखना चाहिए."
ये भी पढ़ें:लाठीचार्ज और पथराव के बाद अब कैसे हैं हांसी में हालात? क्यों हुआ स्वतंत्रता दिवस पर संग्राम?

