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एक बार फिर मानहानि नोटिस पर अभय चौटाला की हुड्डा को चुनौती, बोले- "नोटिस मिला तो देंगे करारा जवाब"

अभय चौटाला ने हुड्डा पर बीजेपी से मिलीभगत का आरोप लगाया. साथ ही मानहानि नोटिस मिलने पर करारा जवाब देने की बात कही.

Abhay Chautala Target Hooda
अभय चौटाला की हुड्डा को चुनौती (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : August 25, 2026 at 11:01 AM IST

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रोहतक: इनेलो सुप्रीमो अभय चौटाला ने एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने हुड्डा पर बीजेपी से मिलीभगत का आरोप लगाते हुए उन्हें बीजेपी का एजेंट तक बता दिया.

हुड्डा पर बीजेपी से मिलीभगत का आरोप: दरअसल, रोहतक में मीडिया से बातचीत के दौरान अभय चौटाला ने कहा कि, "हरियाणा में बीजेपी की सरकार बनने में हुड्डा की भूमिका रही है. साल 2024 के विधानसभा चुनाव में हुड्डा ने बीजेपी के कहने पर टिकटों का वितरण किया. हरियाणा में तीसरी बार भूपेंद्र सिंह हुड्डा के सहयोग से ही बीजेपी की सरकार बनी है. कांग्रेस के अंदर टिकट वितरण को लेकर ऐसे फैसले किए गए, जिनका फायदा बीजेपी को मिला."

एक बार फिर मानहानि नोटिस पर अभय चौटाला की हुड्डा को चुनौती, (ETV Bharat)

2024 चुनाव को लेकर हुड्डा पर आरोप: अभय चौटाला ने हुड्डा पर वार करते हुए कहा कि, "साल 2024 के विधानसभा चुनाव में भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बीजेपी के कहने पर ऐसे उम्मीदवारों को टिकट दिलाए, जिनके चुनाव जीतने की संभावना कम थी. कांग्रेस के पक्ष में कई सर्वे मजबूत स्थिति दिखा रहे थे और पार्टी के 60 से ज्यादा सीटें जीतने की उम्मीद जताई जा रही थी. "

मानहानि नोटिस पर करारा जवाब: वहीं, हुड्डा की ओर से मानहानि का नोटिस दिए जाने की बात पर अभय चौटाला ने कहा कि, "मैं तो इंतजार कर रहा हूं कि कब नोटिस मिले और कब उसका करारा जवाब दिया जाए."

2014 के बाद बीजेपी पर भी हमला: इनेलो सुप्रीमो ने कहा कि, "साल 2014 में प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार से परेशान थी और नरेंद्र मोदी के चुनावी वादों पर विश्वास करके बीजेपी को सत्ता सौंपी थी. सत्ता में आने के बाद बीजेपी ने जाति और धर्म के नाम पर लोगों को बांटना शुरू किया. "

2019 में विपक्ष की भूमिका पर सवाल: अभय चौटाला ने साल 2019 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि, "बीजेपी ने इनेलो को कमजोर करने के लिए पार्टी में टूट करवाई और कई लोगों को अपने साथ मिला लिया. बीजेपी 75 पार का नारा देने के बावजूद 40 सीटों पर सिमट गई थी, जबकि विपक्ष के पास अधिक सीटें थीं. विपक्ष के नेता एकजुट होने की बजाय बंदरबांट में लग गए और कुछ स्वार्थी लोग बीजेपी की गोद में बैठकर सरकार में शामिल हो गए."

जेजेपी पर भी बरसे अभय: अभय चौटाला ने जेजेपी पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि, "बीजेपी के साथ सरकार में शामिल रहने के दौरान जेजेपी ने करीब साढ़े चार साल सत्ता का लाभ उठाया, लेकिन बाद में बीजेपी ने उसे दरकिनार कर दिया. साल 2024 के विधानसभा चुनाव में जेजेपी का एक भी विधायक चुनाव नहीं जीत पाया."

उचाना सीट का उदाहरण देकर घेरा: अभय चौटाला ने उचाना विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि, "पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह डूमरखां के बेटे बृजेंद्र सिंह महज 32 वोट से चुनाव हार गए. वहां तीन निर्दलीय उम्मीदवारों के मैदान में होने से कांग्रेस के वोट प्रभावित हुए. हुड्डा को डर था कि बृजेंद्र सिंह जीत गए और कांग्रेस की सरकार बनी तो वह मुख्यमंत्री पद के दावेदार हो सकते हैं."

नायब सैनी के मुंबई दौरे पर सवाल: अभय चौटाला ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निवेश को लेकर मुंबई दौरे पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि, "मुख्यमंत्री कभी बिहार, कभी पंजाब और कभी मुंबई घूमने के लिए जाते हैं, लेकिन प्रदेश की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं. हरियाणा पर कर्ज बढ़ रहा है और कर्मचारी वर्ग समेत विभिन्न वर्ग सरकार से परेशान हैं. कर्मचारी लगातार आंदोलन कर रहे हैं. "

चीनी के बढ़ते दामों पर भी प्रतिक्रिया: इनेलो सुप्रीमो ने चीनी की बढ़ती कीमतों पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि, "आम आदमी पहले ही महंगाई से परेशान है और जरूरी खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने से उसकी मुश्किलें और बढ़ रही हैं. सरकार महंगाई को नियंत्रित करने में विफल है."

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