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"शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ कार्रवाई हुई, तो आंदोलन करेगी AAP": संजय सिंह

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती  के साथ हर कदम पर आम आदमी पार्टी खड़ी है.

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आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह (Photo Credit: ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : February 26, 2026 at 10:06 PM IST

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लखनऊ: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा है कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ हर कदम पर आम आदमी पार्टी खड़ी है. भारतीय जनता पार्टी किसी की सगी नहीं है और यह अपने हितों के लिए शंकराचार्य को भी टारगेट करने पर तुले हुए हैं. आप नेता ने कहा की शंकराचार्य पर जो कार्रवाई हो रही है वह एक सोची समझी साजिश के तहत हो रही है.

आंकड़ों की सुनियोजित बाजीगरी: सांसद संजय सिंह ने कहा कि अगर शंकराचार्य के विरोध में कोई भी हरकत की गई तो आम आदमी पार्टी शंकराचार्य के मामले को सड़क से संसद तक लेकर जाएगी. आप सांसद संजय सिंह ने गुरुवार को लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय पर प्रेस कांफ्रेंस के दौरान यह बात कही.

उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के 2026-27 के बजट को “आंकड़ों की सुनियोजित बाजीगरी” करार देते हुए बड़ा खुलासा किया. कहा कि सरकार पहले 2025-26 के निर्धारित बजट को संशोधित कर बड़े पैमाने पर घटाती है और फिर उसी घटे हुए आंकड़े की तुलना कर नई घोषणा में 17%, 28% या 59% वृद्धि का शोर मचाती है.

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खाद्य एवं रसद में 27% तक कम खर्च हुआ. (Photo Credit: ETV Bharat)

जनता को भ्रमित करने का प्रयास: आप नेता ने कहा, यह सीधा-सीधा जनता को भ्रमित करने का प्रयास है और शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, ग्रामीण विकास जैसे मूल क्षेत्रों की अनदेखी का प्रमाण है. शिक्षा, खेल, कला और संस्कृति के लिए 2025-26 में 1.03 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किए गए थे, जिन्हें संशोधित कर 84 हजार करोड़ कर दिया गया. इसके बाद 2026-27 में 1.08 लाख करोड़ घोषित कर 28% वृद्धि का प्रचार किया गया. ऊर्जा क्षेत्र में पहले बजट घटाया गया, फिर बढ़ोतरी का दावा किया गया. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण में 12% कटौती के बाद मामूली बढ़ोतरी को 24% वृद्धि बताया गया.

हाउसिंग सेक्टर में 65% बजट खर्च ही नहीं हुआ: संजय सिंह ने कहा, परिवहन, ग्रामीण विकास, समाज कल्याण और कृषि जैसे क्षेत्रों में भी पहले 14% से 17% तक बजट घटाया गया, फिर अगले वर्ष उसे बढ़ाकर 30% से 59% तक वृद्धि का दावा किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि शहरी विकास, कृषि और समाज कल्याण में भी यही पैटर्न अपनाया गया. ग्रामीण विकास में पहले साढ़े 14% कटौती, फिर 59% वृद्धि का शोर सिर्फ गणितीय भ्रम है. कृषि क्षेत्र में 15% कटौती के बाद 51% वृद्धि का दावा किया गया. “यह बजट नहीं, बल्कि भ्रम की पटकथा है. उन्होंने खर्च के आंकड़े रखते हुए कहा कि 2024-25 में हाउसिंग सेक्टर में 65% बजट खर्च ही नहीं हुआ.

ऊर्जा विभाग में निर्धारित बजट से अधिक खर्च: जलापूर्ति एवं स्वच्छता में 33%, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण में 32%, स्वास्थ्य में 25%, शहरी विकास में 24% और ग्रामीण विकास में 24% निर्धारित बजट से कम खर्च किया गया. अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी और अल्पसंख्यक कल्याण में 23% कम खर्च हुआ. सिर्फ ऊर्जा विभाग में निर्धारित बजट से अधिक खर्च हुआ, बाकी अधिकांश विभागों में भारी कटौती और खर्च न होने की प्रवृत्ति साफ दिखती है. मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में पीडब्ल्यूडी में 40%, बाल विकास में 44%, कृषि में 41%, ग्रामीण विकास में 23% और खाद्य एवं रसद में 27% तक कम खर्च की बात सामने आई.

रोजगार दो–सामाजिक न्याय दो यात्रा: उन्होंने घोषणा की कि आम आदमी पार्टी चार अप्रैल से नौ अप्रैल तक आगरा से मथुरा तक ‘रोजगार दो–सामाजिक न्याय दो यात्रा’ का चौथा चरण निकालेगी. ब्रज प्रांत में यह यात्रा प्रदेश नेतृत्व और कार्यकर्ताओं के सहयोग से निकाली जाएगी, जिसमें जनता को बजट की सच्चाई और रोजगार के मुद्दे पर जागरूक किया जाएगा.

उमाशंकर सिंह पर नहीं होनी चाहिए कार्रवाई: बसपा विधायक उमाशंकर पर पड़ने वाले छापों पर कहा कि जब मेरे ऊपर छापे पड़े थे तब यही उमाशंकर सिंह भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में बयान दे रहे थे, लेकिन मैं ऐसा मानता हूं कि किसी के खिलाफ राजनीतिक विद्वेष के कारण कार्रवाई नहीं होनी चाहिए. अगर उमाशंकर सिंह ने कुछ गलत नहीं किया है तो उनके साथ न्याय होना चाहिए.

खरीद-फरोख्त पर रोक लगे: जिला पंचायत चुनाव को लेकर उन्होंने मांग की कि प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता से कराया जाए, जिससे बीडीसी और सदस्यों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगे. यूजीसी बिल संजय सिंह ने आरोप लगाया कि यह समाज को जातीय आधार पर बांटने की साजिश है. अगर नीयत साफ होती तो विश्वविद्यालयों में जातीय भेदभाव और अन्य भेदभाव की अलग-अलग निगरानी समितियां बनाई जातीं.

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