MCD मेयर की टिप्पणी पर भड़के पार्षदों ने दिया धरना, महापौर बोले- AAP को विकास कार्यों से कोई सरोकार नहीं
आप पार्षदों ने मेयर की टिप्पणी को लेकर उनके इस्तीफे की मांग की. वहीं मेयर ने आप पार्षदों पर कई आरोप लगाए.

Published : January 9, 2026 at 7:19 PM IST
नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम के मेयर राजा इकबाल सिंह की ओर से की गई आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर आम आदमी पार्टी ने मेयर ऑफिस के बाहर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया. नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग के साथ धरने पर बैठी आम आदमी पार्टी की महिला पार्षदों ने मेयर के इस्तीफा की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया.
दरअसल हंगामे के बाद दिल्ली नगर निगम की जब बैठक शुरू हुई, तो कांग्रेस पार्षदों ने फैज इलाही मस्जिद के आसपास अतिक्रमण पर कार्रवाई का मुद्दा उठाना चाहा. इस दौरान मेयर राजा इकबाल सिंह ने टिप्पणी कर दी, जिसका कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने जमकर विरोध जताया. इसके बाद कांग्रेस पार्षद मेयर की डेस्क पर चढ़ गई, जिसपर मेयर को अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने अपने शब्दों को वापस ले लिया, लेकिन इस मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया.
कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित: हंगामा बढ़ता देख मेयर ने कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया. सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद आम आदमी पार्टी की महिला पार्षद मेयर कार्यालय के बाद धरने पर बैठ गईं और मेयर के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगीं. आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने कहा कि मेयर ने पार्षदों के साथ ही महिला पार्षदों का अपमान किया है, उनपर अभद्र टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि मेयर को अपने पद पर बने रहने का कोई हक नहीं, उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए.
अवैध पार्किंग पर चर्चा थी प्रस्तावित: वहीं इस मामले पर मेयर राजा इकबाल सिंह ने कहा कि आज की सदन बैठक में आम आदमी पार्टी की नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी की ओर से सिख गुरुओं के अपमान के विरोध में एक निंदा प्रस्ताव पढ़ा जाना निर्धारित था. इसके साथ ही दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में लंबे समय से चल रही अवैध पार्किंग की गंभीर समस्या पर भी महत्वपूर्ण चर्चा प्रस्तावित थी. जैसे ही सदन में नेता सदन प्रवेश वाही ने पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी की तरफ से सिख गुरुओं के अपमान के विरोध में निंदा प्रस्ताव पढ़ना शुरू किया, वैसे ही आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने जानबूझकर हंगामा शुरू कर दिया. इस हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई और चर्चा को आगे नहीं बढ़ने दिया गया.
बैठक में व्यवधान उत्पन्न किया: मेयर ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी पूरी तरह से अवगत थी कि उनकी नेता ने सिख गुरुओं के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी की है. इसी तथ्य से बचने और सदन में जवाबदेही से दूर रहने के उद्देश्य से आम आदमी पार्टी ने योजनाबद्ध तरीके से शोर-शराबा कर सदन की बैठक में व्यवधान उत्पन्न किया. आज की बैठक में दिल्ली में चल रही अवैध पार्किंग को लेकर भी गंभीर और आवश्यक चर्चा होनी थी, लेकिन आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर चर्चा नहीं होने देना चाहती थी.
लगाया ये आरोप: उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के कार्यकाल के दौरान दिल्ली में जगह-जगह अवैध पार्किंग का जाल फैलाया गया और इन पार्किंग माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था. आम आदमी पार्टी का इन पार्किंग माफियाओं के साथ सीधा गठजोड़ रहा है और अवैध पार्किंग का संचालन उनकी मिलीभगत से किया गया, यही कारण है कि आज वे इस विषय पर किसी भी प्रकार की चर्चा से बचना चाहते हैं और सदन की कार्यवाही को बाधित कर रहे हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली नगर निगम में भाजपा की सरकार दिल्ली में चल रही अवैध पार्किंग के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है.
विकास कार्यों से कोई सरोकार नहीं: मेयर ने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी बार-बार सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाती है, क्योंकि उन्हें नागरिकों की समस्याओं और विकास कार्यों से कोई सरोकार नहीं है. आम आदमी पार्टी सदन की बैठकों की गंभीरता को नहीं समझती और बार-बार कार्यवाही में व्यवधान उत्पन्न कर दिल्ली के नागरिकों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को जानबूझकर रोकने का प्रयास करती है.
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