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CBSE चेयरमैन और सचिव के ट्रांसफर पर AAP का हमला, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की मांग तेज

CBSE चेयरमैन और सचिव के ट्रांसफर पर AAP का हमला, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की मांग तेज

CBSE चेयरमैन और सचिव के ट्रांसफर पर AAP का हमला
CBSE चेयरमैन और सचिव के ट्रांसफर पर AAP का हमला (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Delhi Team

Published : June 3, 2026 at 10:33 AM IST

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नई दिल्ली: सीबीएसई की 12वीं बोर्ड परीक्षा की डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया और री-इवैल्यूएशन पोर्टल को लेकर उठे विवाद के बीच केंद्र सरकार द्वारा सीबीएसई चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का ट्रांसफर किए जाने पर आम आदमी पार्टी (AAP) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. पार्टी नेताओं ने इसे "दिखावटी कार्रवाई" बताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदार ठहराया और उनके इस्तीफे या बर्खास्तगी की मांग दोहराई. AAP का कहना है कि लाखों छात्रों और अभिभावकों को प्रभावित करने वाले मामले में केवल अधिकारियों का तबादला करना समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि यह जिम्मेदारी से बचने की कोशिश है.

"क्या यह सजा है या बचाव?"-अरविंद केजरीवाल : AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सीबीएसई चेयरमैन और सचिव के इस्तीफे पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने बड़े घोटाले पर सरकार की प्रतिक्रिया केवल तबादले तक सीमित नहीं हो सकती. उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि यह कार्रवाई सजा है या संबंधित अधिकारियों को बचाने का प्रयास. केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार ने लाखों छात्रों और अभिभावकों की भावनाओं को नजरअंदाज किया है. उन्होंने कहा कि इस कदम से प्रभावित परिवारों के घावों पर नमक छिड़कने का काम हुआ है और केंद्र सरकार शिक्षा मंत्री को किसी भी कीमत पर बचाने की कोशिश कर रही है.

"तबादला कोई कार्रवाई नहीं"- सौरभ भारद्वाज : दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अधिकारियों का तबादला प्रशासनिक व्यवस्था का सामान्य हिस्सा होता है और इसे दंडात्मक कार्रवाई नहीं माना जा सकता. उन्होंने कहा कि जब लाखों छात्रों के भविष्य पर असर डालने वाले गंभीर आरोप सामने आए हों, तब केवल तबादले को जवाबदेही तय करने की कार्रवाई नहीं कहा जा सकता. री-इवैल्यूएशन पोर्टल को लेकर भी उठाए सवाल: दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने कहा कि सीबीएसई का पुनर्मूल्यांकन पोर्टल शुरू होने के बाद लगातार तकनीकी समस्याओं का सामना कर रहा है. उन्होंने कहा यह एक बड़ी प्रशासनिक विफलता है, जिसके लिए केवल अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराना पर्याप्त नहीं है. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इतनी बड़ी गड़बड़ी हुई है तो शिक्षा मंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई. आतिशी ने कहा कि कुछ नौकरशाहों का तबादला कर देने से राजनीतिक जवाबदेही समाप्त नहीं हो जाती.
NEET, SSC और CUET का भी किया जिक्र: पूर्व मंत्री गोपाल राय ने कहा कि सीबीएसई विवाद कोई अकेली घटना नहीं है. उन्होंने NEET, SSC और CUET जैसी परीक्षाओं में सामने आई अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की परीक्षा प्रणाली लगातार सवालों के घेरे में रही है. गोपाल राय ने कहा कि यदि विभिन्न राष्ट्रीय परीक्षाओं में बार-बार अव्यवस्थाएं सामने आ रही हैं तो इसकी राजनीतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि देश शिक्षा मंत्री की जवाबदेही चाहता है, जबकि सरकार केवल अधिकारियों के तबादले तक सीमित है. लोगों ने अधिकारियों को नहीं, सरकार को चुना: AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि इस पूरे मामले में शिक्षा मंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है. उन्होंने कहा कि जनता ने अधिकारियों को नहीं बल्कि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री को चुना है, इसलिए जवाबदेही भी शीर्ष स्तर पर तय होनी चाहिए. ये भी पढ़ें :

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