"सूरजकुंड हादसे में सरकार की नाकामी छुपाने की कोशिश", अनुराग ढांडा बोले - बेतुके बयान दे रहे हैं मंत्री
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने सूरजकुंड मेले में हुए हादसे को दुखद और झकझोर देने वाला बताया है.

Published : February 8, 2026 at 8:28 PM IST
चंडीगढ़ : आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने रविवार को बयान जारी कर फरीदाबाद के सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेले में हुए हादसे को अत्यंत दुखद और झकझोर देने वाला बताया है. उन्होंने कहा कि "जिस आयोजन को हरियाणा सरकार और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी “विश्वस्तरीय” बताकर अपनी पीठ थपथपा रहे थे, उसी मेले में सुरक्षा और प्रशासनिक लापरवाही ने एक पुलिसकर्मी की जान ले ली और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. ये हादसा कोई संयोग नहीं, बल्कि सरकार की घोर लापरवाही का नतीजा है".
"पीड़ितों के जख्मों पर नमक" : अनुराग ढांडा ने कहा कि "सबसे शर्मनाक बात ये है कि हरियाणा सरकार के एक मंत्री इस हादसे को “सरकार की गलती नहीं बल्कि भगवान की मर्जी” बताकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रहे हैं. सवाल ये है कि अगर सब कुछ भगवान की मर्जी से होता है, तो सरकार, प्रशासन, सुरक्षा इंतज़ाम और निरीक्षण की पूरी व्यवस्था क्यों बनाई जाती है?. इस तरह के बयान पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसे हैं और जनता की पीड़ा का मज़ाक उड़ाने के समान हैं."
"झूले फिट होने का सर्टिफिकेट फर्जी": उन्होंने कहा कि "हादसे के बाद सरकार ने तुरंत लीपापोती शुरू कर दी. झूले फिट होने का जो सर्टिफिकेट दिया गया, वह फ़र्ज़ी था, ये अब सामने आ रहा है. जब ये सर्टिफिकेट डिप्टी कमिश्नर स्तर से जारी हुआ, तो FIR सिर्फ़ वेंडर पर ही क्यों?. क्या वेंडर ने खुद अपने आप सर्टिफिकेट बना लिया था?. प्रशासनिक लापरवाही की जड़ में बैठे बड़े अफसरों को बचाने और छोटे लोगों को बलि का बकरा बनाने की ये पुरानी सरकारी आदत अब जनता साफ़ देख रही है."
"सवालों के घेरे में व्यवस्था" : उन्होंने एक और बड़ा सवाल उठाते हुए कहा कि "डीसी जैसे सीनियर अधिकारी की भूमिका की जांच एडीसी की कमेटी कैसे कर सकती है?. क्या ये जांच वास्तव में सच्चाई सामने लाने के लिए है या फिर एक औपचारिक प्रक्रिया, ताकि कुछ दिनों बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाए?. ये पूरी व्यवस्था खुद सवालों के घेरे में है और सरकार की नीयत पर गंभीर संदेह पैदा करती है."
"सरकार के दावे खोखले": उन्होंने कहा कि "ये भी नहीं भूलना चाहिए कि इस मेले का उद्घाटन स्वयं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया था. जब मुख्यमंत्री खुद मंच से “सुरक्षा” और “व्यवस्था” के दावे कर रहे थे, तो फिर यह हादसा कैसे हुआ?. क्या मुख्यमंत्री सिर्फ़ फीता काटने और फोटो खिंचवाने के लिए जिम्मेदार हैं, या फिर उनकी जिम्मेदारी जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी है? इस घटना ने साफ़ कर दिया है कि सरकार के दावे खोखले हैं और ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है."
उचित मुआवजा देना चाहिए : अनुराग ढांडा ने आगे कहा कि "आम आदमी पार्टी इस हादसे में घायल हुए सभी लोगों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करती है और शहीद पुलिसकर्मी के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती है. हमारी मांग है कि सरकार सभी घायलों का पूरा और निशुल्क इलाज सुनिश्चित करे और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दे. लेकिन सिर्फ़ मुआवजा देना ही काफी नहीं है. इस हादसे के लिए जिम्मेदार हर अधिकारी और मंत्री पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वो कितना ही बड़ा क्यों न हो."
ईमानदार कार्रवाई की जरूरत : उन्होंने कहा कि "सूरजकुंड हादसा हरियाणा सरकार की कार्यशैली, प्रशासनिक लापरवाही और जवाबदेही से भागने की मानसिकता का आईना है. अगर अब भी सरकार ने सख़्त कदम नहीं उठाए, तो जनता का भरोसा पूरी तरह टूट जाएगा. भविष्य में ऐसी त्रासदी दोबारा न हो, इसके लिए सिर्फ़ बयानबाज़ी नहीं, बल्कि ठोस और ईमानदार कार्रवाई की ज़रूरत है."
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