कोटा: मस्ती के दौरान नहर में डूबे दो युवक, दोस्त को बचाने कूदे एक की मौत
कोटा में चंबल नहर में मस्ती करने गए युवकों में से एक की डूबने से मौत हो गई. शव गोताखोरों ने देर रात बरामद किया.

Published : January 9, 2026 at 10:03 AM IST
|Updated : January 9, 2026 at 10:15 AM IST
कोटा: शहर के नांता थाना क्षेत्र में चंबल की बाईं मुख्य नहर में मस्ती करने गए युवकों के ग्रुप में एक की डूबने से मौत हो गई. जबकि दूसरे को साथियों ने सकुशल बाहर निकाल लिया. मृतक की पहचान 18 वर्षीय मानवेंद्र सिंह पुत्र शिवराज सिंह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से करौली जिले के टोडाभीम तहसील के उर्दन गांव का निवासी है. घटना धन-धन सतगुरू आश्रम के पास केशोरायपाटन जाने वाली नहर में हुई.
नांता थाना इंचार्ज असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर दुर्गा लाल मेरोठा ने बताया कि पांच युवकों का ग्रुप मौज-मस्ती के लिए नहर किनारे पहुंचा था. इनमें से कुछ युवक शराब पी रहे थे. इसी दौरान बूंदी के इंद्रगढ़ निवासी तन्मय पानी लेने नहर में उतरा, लेकिन उसका पैर फिसल गया और वह बहने लगा. उसे बचाने के लिए मानवेंद्र सिंह भी नहर में कूद गया. साथियों ने तन्मय को तो बाहर निकाल लिया, लेकिन मानवेंद्र तेज बहाव में आगे बह गया.
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रात 10 बजे शुरू हुआ रेस्क्यू, ढाई बजे मिला शव: सूचना मिलते ही रात करीब 10 बजे नांता और कुन्हाड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची. क्षेत्र नांता का होने से कार्रवाई नांता पुलिस ने की. तत्काल गोताखोर टीम को मौके पर बुलाया गया और भीषण ठंड और गलन के बावजूद देर रात में ही रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया. गोताखोर चंगेज खान ने बताया कि कंट्रोल रूम से रात 10 बजे युवकों के डूबने की सूचना मिली थी. टीम ने देर रात ही तलाश शुरू की और रात करीब ढाई बजे मानवेंद्र का शव नहर से बरामद कर लिया.
मृतक कोटा में कर रहा था पढ़ाई: असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर शिवराज सिंह ने बताया कि मृतक कोटा में पढ़ाई कर रहा था. उसके परिजन देर रात ही मौके पर पहुंच गए. शव को एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा. थाना इंचार्ज दुर्गा लाल मेरोठा ने बताया कि ग्रुप के अधिकांश युवक बीएससी, नर्सिंग कोर्स या अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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नहर में उतरने पर थी पाबंदी: बीते साल 18 दिसंबर को भी एक स्टूडेंट की की नहर में डूबने से मौत हो गई थी. इसके बाद नांता थाना पुलिस ने नहर के आसपास लोगों के नहाने पर पाबंदी लगाई थी. इसके साथ ही तत्कालीन थाना अधिकारी चेतन शर्मा ने कोटा बैराज की बांयी मुख्य नहर पर पार्श्वनाथ अपार्टमेंट के सामने, रेलवे ओवरब्रिज, पुलिया, धन-धन सतगुरू आश्रम के पास चेतावनी बोर्ड भी लगवाए थे, जिसमें आमजन के नहाने, कपड़े धोने व मछली पकड़ने पर रोक लगाई गई थी. पुलिस ने आमजन से अपील है कि नहर के पानी का बहाव बहुत तेज है व गहराई भी बहुत है. नहर के किनारे ढलान वाले व फिसलन है. नहर में गिरने के बाद व्यक्ति स्वंय बाहर नहीं निकल सकता है, इसलिए नहर के पास न जाएं.

