बीच सड़क पर बैठा था टाइगर, अपनी धुन में जा रहे थे बाइक सवार, पास पहुंच कर चीखे, बाल-बाल बची जान
रामनगर के तराई पश्चिम वन प्रभाग स्थित आमपोखरा रेंज के हाथीडंगर क्षेत्र में बाघ सड़क पर बैठा था, इन दौरान कुछ देर यातायात बाधित रहा

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : June 27, 2026 at 12:05 PM IST
रामनगर: नैनीताल जिले के रामनगर स्थित हाथीडंगर क्षेत्र में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सड़क के बीचों-बीच एक बाघ आराम से बैठा दिखाई दिया. इसी दौरान अनजाने में कुछ बाइक सवार बाघ के बेहद करीब पहुंच गए. जैसे ही उनकी नजर बाघ पर पड़ी, वे घबरा गए और तुरंत वहां से पीछे हट गए. घटना के बाद वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और वन्यजीव क्षेत्र में सावधानी से यात्रा करने की अपील की है.
हाथीडंगर में सड़क पर बैठा दिखा बाघ: रामनगर के तराई पश्चिम वन प्रभाग की आमपोखरा रेंज के हाथीडंगर क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी ने राहगीरों की धड़कनें बढ़ा दीं. सड़क के बीचों-बीच बैठे बाघ को देखकर वहां से गुजर रहे लोग कुछ पल के लिए हक्का-बक्का रह गए. इसी दौरान कुछ बाइक सवार अनजाने में बाघ के बेहद करीब पहुंच गए. जैसे ही उन्हें सामने बाघ दिखाई दिया, उन्होंने तुरंत अपनी बाइक रोकी और सुरक्षित दूरी बनाते हुए पीछे हट गए. गनीमत रही कि इस दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई.
बाघ का वीडियो हो रहा वायरल: इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बाघ सड़क पर आराम से बैठा नजर आ रहा है. वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में दहशत के साथ-साथ लोगों में वन्यजीवों को लेकर सतर्कता की चर्चा भी तेज हो गई है. वन विभाग के अनुसार, हाथीडंगर क्षेत्र वन्यजीव बाहुल्य इलाका है और यहां बाघों की आवाजाही सामान्य बात है. आमपोखरा रेंज के रेंज अधिकारी पूरन सिंह खनायत ने बताया कि-
गुरुवार 25 जून की देर शाम की यह घटना सामने आई थी. कुछ बाइक सवार बाघ के काफी करीब पहुंच गए थे. हाथीडंगर क्षेत्र में बाघ अक्सर सड़क पार करता है और कई बार सड़क पर भी दिखाई देता है. लोगों से अपील है की यदि रास्ते में बाघ या कोई अन्य वन्यजीव दिखाई दे, तो उसके पास जाने या फोटो और वीडियो बनाने की कोशिश न करें.
-पूरन सिंह खनायत, रेंज अधिकारी, आमपोखरा रेंज-
यात्रियों से वन्यजीव क्षेत्र में सतर्कता बरतने की अपील: रेंज अधिकारी ने कहा कि वन्य जीव सामने आने पर तुरंत सुरक्षित दूरी बनाएं. वाहन को धीमी गति से चलाते हुए सावधानी बरतें. उन्होंने बताया कि घटना के बाद क्षेत्र में वन विभाग की गश्त बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके.
संयम ही सुरक्षा: वन विभाग ने एक बार फिर पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि जंगल से गुजरते समय निर्धारित गति सीमा का पालन करें. अनावश्यक रूप से वाहन न रोकें और वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार में हस्तक्षेप न करें. थोड़ी सी लापरवाही इंसान और वन्यजीव दोनों के लिए खतरा बन सकती है, इसलिए जंगल क्षेत्र में सतर्कता और संयम ही सबसे बड़ी सुरक्षा है.
ये भी पढ़ें: कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में टाइगर के साथ लेपर्ड का भी होगा सेंसस, जानिए कैसे लगाया जाएगा अनुमान

