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सावधान...पिचकारी वाली सॉफ्ट ड्रिंक से बच्चे की आंख खराब, कॉर्निया ट्रांसप्लांट की नौबत

झालावाड़ जिले के बच्चे की आंख में गिरने से कॉर्नियल अल्सर हो गया. उसे दिखना बंद हो गया. कोटा के अस्पताल में इलाज जारी है.

soft drink bottle with sprayer
पिचकारी वाली सॉफ्ट ड्रिंक की बोतल (ETV Bharat Kota)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 25, 2026 at 11:03 AM IST

3 Min Read
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कोटा: बाजार में मिल रही पिचकारी वाली सॉफ्ट ड्रिंक का घातक असर सामने आया है. इस सॉफ्ट ड्रिंक से झालावाड़ जिले के सारोला कला निवासी 9 वर्षीय बच्चे मनीष धाकड़ की आंख चली गई. उसके बाद आंख में कॉर्नियल अल्सर हो गया. यहां तक कि उसे एक आंख से दिखना बंद हो गया. उसे कॉर्निया ट्रांसप्लांट की नौबत आ गई.

बच्चा बुधवार को मेडिकल कॉलेज के एमबीएस अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में पहुंचा था, जहां सीनियर प्रोफेसर डॉ. जयश्री सिंह ने मनीष को देखा. पिता हुकुमचंद धाकड़ ने बताया कि बच्चों ने पास की दुकान से पिचकारी वाली सॉफ्ट ड्रिंक ली. मनीष इससे खेल रहा था कि अचानक पिचकारी चलाते समय आंख में सॉफ्ट ड्रिंक चली गई. उसे काफी जलन हुई. उसने आंख मसली तो दिखाना बंद हो गया. परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सारोला कला, फिर झालावाड़ अस्पताल में दिखाया, लेकिन सुधार नहीं होने पर कोटा लाए.

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सीनियर प्रोफेसर डॉ. जयश्री सिंह ने बताया कि बच्चे को अभी आई ड्रॉप्स प्रेसक्राइब की है. कुछ दवा भी दी है. आंख में कॉर्नियल अल्सर हो गया है. इससे धीरे धीरे कॉर्नियल वैस्कुलराइजेशन हो गया. यह कॉर्निया को ऑक्सीजन नहीं मिलने पर होता है. इसके बाद ब्लड वेसल्स ने काम करना बंद कर दिया. कॉर्निया की पारदर्शिता खराब होने लगती है. यह मनीष के साथ भी हुआ. आंख में सुधार होता है तो ठीक है अन्यथा कॉर्निया ट्रांसप्लांट (केराटोप्लास्टी) करना होगा. संभवतया इस प्रोडक्ट में केमिकल होगा. इससे बच्चे की आंख को नुकसान पहुंचा. उन्होंने ऐसे प्रोडक्ट पर बैन लगाने और स्कूलों के बाहर बिक्री नहीं होने की बात भी कही.

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10 दिन किया इंतजार: डॉ. जयश्री सिंह का कहना है कि मनीष की आंख में यह सॉफ्ट ड्रिंक करीब 10 दिन पहले गई थी. परिजन आयुर्वेदिक दवा आंख में डाल रहे थे. इससे आंख सही नहीं हुई. यह दवा नहीं डालनी चाहिए थी. इसके दुष्परिणाम हो सकते हैं क्योंकि एक तरफ केमिकल चला गया और दूसरी तरफ आपकी दवा डाल रहे हैं. परिजनों को उम्मीद थी कि आंख सही हो जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. बच्चे को एक आंख से दिखना बंद हो गया. उसकी पढ़ाई डिस्टर्ब हो गई. इसके बाद परिजन बालक को कोटा लाए. उन्होंने मंगलवार को ओपीडी में दिखाया. इसके बाद आंख की जांच की गई.

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