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अब ब्यास नदी की बाढ़ का नहीं सताएगा खतरा! कुल्लू से भुंतर तक सुरक्षा दीवार का होगा निर्माण

कुल्लू से भुंतर तक ब्यास नदी किनारे होगा सुरक्षा दीवार का निर्माण.

कुल्लू से भुंतर तक सुरक्षा दीवार का होगा निर्माण
कुल्लू से भुंतर तक सुरक्षा दीवार का होगा निर्माण (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Himachal Pradesh Team

Published : January 9, 2026 at 5:03 PM IST

3 Min Read
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कुल्लू: हिमाचल प्रदेश में साल 2023 और 2025 में भारी बरसात और बाढ़ से पूरे प्रदेश में जहां जान माल का भारी नुकसान हुआ. वहीं, जिला कुल्लू में भी करोड़ों रुपए की संपत्ति नष्ट हो गई. ऐसे में ब्यास नदी की बाढ़ से लोगों की संपत्ति नष्ट ना हो, इसके लिए कुल्लू से भुंतर तक ब्यास नदी के किनारे सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जाएगा.

कुल्लू के विधायक सुंदर ठाकुर ने बताया, 'सरवरी खड्ड के किनारे सुरक्षा दीवार लगाने का काम तेज किया गया है. आरसीसी दीवार बनाने के लिए आधार बनाया जा चुका है. यहां पर डबल सुरक्षा की दीवार बनेगी, जिससे बाढ़ की स्थिति में खड्ड के पानी से क्षेत्र में नुकसान न पहुंचे. निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और मार्च माह तक इस कार्य पूरा कर लिया जाएगा. उसके बाद भुंतर तक ब्यास नदी के किनारे सुरक्षा दीवार लगाने का काम शुरू कर दिया जाएगा. ताकि बरसात के दिनों में लोगों की संपत्ति को बाढ़ से बचाया जा सके'.

पहले चरण में इसका कार्य शुरू हो गया है. जो सरवरी से लेकर लंका बेकर तक हो रहा है. यह कार्य मार्च महीने तक पूरा हो जाएगा और उसके बाद जल शक्ति विभाग के द्वारा आगे के कार्य को अवार्ड किया जाएगा. ताकि ब्यास नदी की बाढ़ से लोगों की संपत्ति बचाई जा सके.

हर साल बाढ़ में करोड़ों की संपति होती है बर्बाद

जिला कुल्लू के मुख्यालय हनुमानी बाग की तरफ सुरक्षा दीवार नहीं थी. ऐसे में सरवरी खड्ड में बाढ़ आने से साथ लगती आबादी को खतरा था. वर्ष 2023 के बाद से यहां और ज्यादा खतरा पैदा हो गया है. खड्ड आबादी की ओर भी मुड़ने लगी थी. ऐसे में केंद्र सरकार से मिले मिटीगेशन फंड से सुरक्षा दीवार लगाने का काम शुरू कर दिया गया है.

वही, सरवरी खड्ड में आने वाली बाढ़ से आरसीसी दीवार को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए साथ में क्रेटवाल भी लगाई जाएगी. जिससे नदी का जलस्तर बढ़ने पर भी किसी तरह का नुकसान न हो. इससे पहले बाढ़ आने से यहां काफी नुकसान हो चुका है. कई बार बाढ़ का पानी झुग्गी बस्ती में घुस चुका है. हालांकि, झुग्गी-झोपड़ियों को हटाकर पार्किंग बनाई गई हैं, लेकिन बिना सुरक्षा दीवार पार्किंग सुरक्षित नहीं है. अब यहां दीवार का कार्य तेज गति से किया जा रहा हैं.

सुरक्षा दीवार के साथ ही तैयार होगा वॉकिंग ट्रेल

इस योजना के तहत कुल्लू से भुंतर ब्यास नदी के किनारे सुरक्षा दीवार लगाई जाएगी. इसके साथ ही नदी किनारे एक वॉकिंग ट्रेल का भी निर्माण किया जाएगा. ऐसे में सुबह और शाम के समय वॉकिंग करने वाले लोगों को भी काफी सहूलियत होगी. वहीं, वॉकिंग ट्रेल के दायरे में जो भी अतिक्रमण किया गया है, उसे हटाने के लिए भी प्रशासन के द्वारा कार्रवाई की जा रही है. इस पूरे कार्य में 70 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी.

ट्रैफिक जाम की दिक्कत से मिलेगा छुटकारा

पहले चरण के कार्य में 9 करोड़ रुपए की राशि खर्च की जा रही है. वहीं, इसी वॉकिंग ट्रेल पर छोटे वाहनों को भी चलाने की योजना तैयार की गई है. ऐसे में भुंतर से सरवरी, अखाड़ा बाजार जाने वाले छोटे वाहन यहां से आसानी से गुजर सकते हैं और उन्हें ढालपुर, गांधीनगर में ट्रैफिक जाम की दिक्कत का भी सामना नहीं करना होगा.

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