दूसरे की जगह परीक्षा देने वाला सॉल्वर गिरफ्तार, पूछताछ में उगले कई राज, कई लोगों को दिला चुका है सरकारी नौकरी
देहरादून में आईबीपीएस परीक्षा में दूसरे छात्र की जगह पेपर देने पहुंचा युवक गिरफ्तार. पुलिस की पूछताछ में उगले कई राज.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : December 30, 2025 at 1:42 PM IST
देहरादून: कोतवाली पटेल नगर पुलिस ने पटेल नगर स्थित परीक्षा केंद्र पर आईबीपीएस की परीक्षा के दौरान फर्जी अभ्यर्थी को गिरफ्तार किया है. आरोपी अब तक फर्जीवाड़ा कर 12 लोगों को सरकारी नौकरी दिला चुका है. पुलिस द्वारा आरोपी को न्यायालय में पेश कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है.
शक होने पर चढ़ा हत्थे: पुलिस अनुसार रविवार को पटेल नगर स्थित आई क्रिएट सॉल्यूशन केंद्र में आईबीपीएस आरआरबी ऑफिसर स्केल-3 की परीक्षा चल रही थी. इसी दौरान आईबीपीएस की डिवीजन हेड सोम बाला ने परीक्षा केंद्र को इनपुट दिया कि एक अभ्यर्थी निवासी बिजनौर का बायोमेट्रिक और फोटो संदिग्ध है. आरोपी ने एडमिट कार्ड पर फोटो बदलकर कई परीक्षाएं दी हैं. केंद्रीय व्यवस्थापक सूरज पाल सिंह रावत ने परीक्षा के बाद आरोपी को पटेल नगर पुलिस को सौंप दिया.
पूछताछ में उगले कई राज: पूछताछ में ऋषि कुमार ने स्वीकार किया कि वह पैसे लेकर दूसरों की जगह परीक्षा देता था और उसने स्वीकार किया कि राजस्थान और बिजनौर के जिन अभ्यर्थियों के लिए उसने परीक्षा दी है, वह वर्तमान में सरकारी नौकरी कर रहे हैं. इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया.
ऋषि कुमार (उम्र 37 साल) ने दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से बीटेक और सिंबोसिस पुणे से एमबीए करने के बाद साल 2016 से 2021 तक 80 हजार रुपए वेतन पर नेशनल इंश्योरेंस कंपनी में अधिकारी के पद पर कार्य किया है. आरोपी कम समय में करोड़पति बनना चाहता था. आरोपी इतना शातिर है कि उसने फोटो मिक्सिंग तकनीकी के जरिए एडमिट कार्ड के साथ छेड़छाड़ कर सिस्टम को बार-बार चकमा दिया है.
चंद्रभान अधिकारी, प्रभारी, कोतवाली पटेल
कई अभ्यर्थियों की जगह आरोपी दे चुका परीक्षा: पुलिस द्वारा आरोपी से पूछताछ में जानकारी मिली है कि आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास भी है. साल 2022 में वह राजस्थान में एसएससी की परीक्षा में नकल करने के आरोप में जेल जा चुका है. साथ ही पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेकर यह पता लगा रही है कि इस सिंडिकेट में और कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं. पुलिस की पूछताछ में आरोपी ऋषि कुमार राजस्थान ने बताया कि वह युवकों को अपने जाल में फंसाता था.
पेपर सॉल्व करने के लेते था लाखों रुपए: वह प्रवेश पत्र में अपनी फोटो लगाता था और बायोमेट्रिक भी अपना ही करवाता था. उसके बाद जिस अभ्यर्थी का चयन हो जाता था, उसे जॉइनिंग के लिए भेजता था. अब तक हुई जांच में पता चला है कि आरोपी किसी अभ्यर्थी की जगह पेपर सॉल्व करने के लिए 5 से 6 लाख रुपए लेता था. यही कारण है की अच्छी पढ़ाई के बाद नेशनल इंश्योरेंस कंपनी की अच्छी खासी नौकरी छोड़कर वह परीक्षा घपलों के काले धंधे में घुस गया. साथ ही आरोपी बैंकिंग सेक्टर ही नहीं स्टाफ सिलेक्शन कमिशन की परीक्षाओं में अब तक कई युवकों को नौकरी लगवा चुका है.
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