बूंदी: खेत की सुरक्षा के नाम पर लगाया लोहे का फंदा, पैंथर फंसने के बाद आरोपी गिरफ्तार
बूंदी के केसरपुरा गांव में खेत की सुरक्षा के नाम पर अवैध लोहे का फंदा लगाने वाले मोहन लाल को वन विभाग ने गिरफ्तार किया.

Published : December 21, 2025 at 7:30 PM IST
बूंदी: खटकड़ क्षेत्र के केसरपुरा गांव में अवैध रूप से जंगली जानवरों के लिए फंदा लगाने वाले एक आरोपी को वन विभाग ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी ने अपने खेत की सुरक्षा के नाम पर लोहे का खतरनाक फंदा लगाया था, जिसमें एक पैंथर फंस गया. वन विभाग की सतर्क टीम ने समय पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर पैंथर की जान बचा ली, लेकिन जांच में सामने आया कि फंदा गांव के निवासी मोहन लाल ने ही लगाया था.
एसीएफ सुनील धाभाई ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह पता चला है कि आरोपी मोहन लाल ने खेत की फसल को जंगली जानवरों से बचाने के बहाने अवैध लोहे का फंदा लगाया था. यह वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 का गंभीर उल्लंघन है. फंदा इतना खतरनाक था कि किसी बड़े वन्यजीव के लिए जानलेवा साबित हो सकता था. दुर्भाग्य से इसमें एक पैंथर फंस गया.
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उच्च अधिकारियों के निर्देश पर सख्त कार्रवाई: पैंथर के फंदे में फंसने की लगातार घटनाओं को देखते हुए उच्च अधिकारियों के निर्देश पर टीम ने गहन जांच की. रेंजर बलराम गोचर के नेतृत्व में नाका प्रभारी नरेंद्र सिंह सोलंकी, बीट प्रभारी जवाहर लाल और अन्य वनकर्मियों की टीम ने आरोपी मोहन लाल को गिरफ्तार किया. उसके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया. आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान जारी: बूंदी के उप वन संरक्षक आलोक गुप्ता के निर्देश पर संबंधित क्षेत्र में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. वन विभाग की टीमें खेतों, झाड़ियों और वन सीमा से सटे इलाकों में लगातार तलाशी ले रही हैं, ताकि अन्य अवैध फंदों को समय रहते हटाया जा सके और दोषियों को पकड़ा जा सके. इस कार्रवाई से अवैध शिकार करने वालों में हड़कंप मच गया है.
बीते 9 महीनों में तीसरी घटना: बूंदी जिले के वन क्षेत्र में पिछले 9 महीनों में शिकारियों के फंदे में पैंथर फंसने की यह तीसरी घटना है. इससे पहले की दो घटनाओं में वन विभाग शिकारियों तक नहीं पहुंच पाया था. वन विभाग अब ऐसे अवैध फंदों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए अलर्ट मोड में है. विशेषज्ञों का कहना है कि खेतों की सुरक्षा के नाम पर लगाए जाने वाले ये फंदे वन्यजीवों के लिए बड़ा खतरा बन रहे हैं.
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