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अल्मोड़ा के सल्ट क्षेत्र में देर रात जंगल में लगी भीषण आग, एक हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र प्रभावित

आग मछोड़ और टोटाम गांव के बीच स्थित गोदी गांव के जंगल में लगी, कड़ी मशक्कत के बाद वनाग्नि बुझाई जा सकी

ALMORA FOREST FIRE
अल्मोड़ा में फॉरेस्ट फायर (Photo courtesy Forest Department)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : December 31, 2025 at 10:03 AM IST

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रामनगर: देर रात अल्मोड़ा वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाले सल्ट विधानसभा क्षेत्र में जंगल में भीषण आग लग गई. सर्दी के मौसम में लगी आग से इलाके में हड़कंप मच गया. यह आग मछोड़ और टोटाम गांव के बीच स्थित गोदी गांव के जंगल में लगी. आग इतनी भयानक थी कि भतरौंजखान–रामनगर मार्ग से भी आग की लपटें और धुआं साफ तौर पर दिखाई दे रहा था.

सल्ट क्षेत्र में देर रात जंगल में लगी भीषण आग: चौंकाने वाली बात यह रही कि सर्दियों के मौसम में जब आमतौर पर जंगलों में नमी बनी रहती है, उस दौरान भी जंगल धू-धू कर जलते रहे. आग की लपटें तेजी से फैलती गईं, जिससे वन संपदा को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है. आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को इसकी जानकारी दी.

कड़ी मशक्कत के बाद बुझी आग: सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. आग पर काबू पाने के लिए रेस्क्यू एवं अग्निशमन कार्य शुरू किया गया. दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और रात के समय आग बुझाने में विभाग को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी. कई घंटों की लगातार कोशिशों के बाद आखिरकार आग पर काबू पाया जा सका.

आग से एक हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र प्रभावित: ग्रामीण मनोज बेलवाल ने बताया कि-

इस आग की चपेट में लगभग एक हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र आ चुका है. आग के कारण आसपास के ग्रामीणों में भी भय का माहौल बना रहा, हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है.
-मनोज बेलवाल, ग्रामीण-

आग लगने के कारणों की जांच: वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार-

आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है. प्रथम दृष्टया मानवीय लापरवाही या अन्य कारणों से आग लगने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है. हमने ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगलों में आग से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना प्रशासन को दें.
-वन विभाग के अधिकारी-

वनाग्नि की घटना के बाद बढ़ाई गई निगरानी: फिलहाल आग पर नियंत्रण पा लिया गया है, लेकिन क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि दोबारा आग भड़कने की स्थिति न बने. यह घटना एक बार फिर जंगलों की सुरक्षा और सतर्कता की गंभीर आवश्यकता को उजागर करती है.
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