बेटे को बचाने की कीमत अपनी जान से चुकाई, सरिस्का के फॉरेस्टर की सड़क हादसे में मौत
सरिस्का के फॉरेस्टर जोगेंद्र सिंह ने दो तीन दिन से ही सुबह की सैर शुरू की थी कि वे सड़क हादसे में जान गंवा बैठे.

Published : November 19, 2025 at 2:48 PM IST
अलवर: सरिस्का टाइगर रिजर्व में तैनात एक वन अधिकारी की बुधवार को भवानी तोप सर्कल के पास एक तेज रफ्तार कार की टक्कर से मौत हो गई. वे अपने बेटे के साथ सुबह की सैर पर निकले थे. इस दौरान उन्हें तेज रफ्तार से आ रही कार का अहसास हो गया था. उन्होंने धक्का देकर अपने बेटे को एक तरफ कर दिया. इससे वह बच गया, लेकिन खुद नहीं बचा सके.
अरावली विहार थाने के एएसआई भगवान सिंह ने बताया कि मृतक जोगेंद्र सिंह चौहान (45) थे. वे सरिस्का में फॉरेस्टर के पद पर तैनात थे. उनके परिजन हेमपाल सिंह ने बताया कि जोगेंद्र बुधवार सुबह अपने बेटे के साथ अरावली विहार थाना क्षेत्र के भवानी तोप सर्कल के पास मॉर्निंग वॉक पर निकले थे. तभी एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी. घटना के समय फॉरेस्टर जोगेंद्र सिंह ने साहस दिखाते हुए अपने बेटे को तेजी से धक्का देकर एक तरफ कर दिया. इससे उनका बेटा बाल-बाल बच गया, लेकिन वे खुद सीधे कार की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए. चालक कार लेकर मौके से फरार हो गया.
एएसआई ने बताया कि दुर्घटना के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया. स्थानीय लोगों ने गंभीर रूप से घायल जोगेंद्र सिंह को जिला अस्पताल ले जाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. परिजनों की ओर से दी गई रिपोर्ट पर अनुसंधान किया जा रहा है. पुलिस अज्ञात वाहन और चालक को ढूंढने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है.
दो-तीन दिन से ही जाने लगे थे सैर पर: घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे और परिजनों को संवेदना व्यक्त की. जोगेंद्र सिंह के परिवार और सहकर्मियों में शोक की लहर है. वह केवल दो-तीन दिनों से ही नियमित रूप से अपने बेटे के साथ सुबह की सैर के लिए जा रहे थे कि बुधवार को यह हादसा हो गया.

