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केंद्रीय राज्यमंत्री का OSD बनकर मांगा वीआईपी प्रोटोकॉल, जांच में खुली पोल, अब मुकदमा दर्ज

सचिवालय के डिप्टी चीफ प्रोटोकॉल अधिकारी की रिपोर्ट पर अशोक नगर थाने ने एफआईआर.

अशोक नगर थाना.
अशोक नगर थाना. (फोटो ईटीवी भारत जयपुर)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 26, 2026 at 11:14 AM IST

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जयपुर : एक शातिर शख्स ने सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्यमंत्री का ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी ) बनकर जयपुर में तीन दिन का वीआईपी प्रोटोकॉल मांगा. हालांकि, जांच में उसकी पोल खुल गई. इस मामले में अब सचिवालय के अधिकारी की रिपोर्ट पर आशोक नगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी है. अशोक नगर थानाधिकारी मोतीलाल शर्मा ने बताया कि सचिवालय के डिप्टी चीफ प्रोटोकॉल अधिकारी मानसिंह मीणा की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है. इस रिपोर्ट में मंत्री के कार्यालय के नाम पर धोखाधड़ी करने का प्रयास किया गया.

तीन जिलों का दौरा बताया, मांगा प्रोटोकॉल : उन्होंने बताया कि रिपोर्ट के अनुसार, 19 फरवरी को भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग विभाग का एक लेटर आया था. जिसमें करण सिंह नाम के एक शख्स ने खुद को मंत्री का ओएसडी बताया. इस पत्र में मंत्री के तीन दिन के राजस्थान दौरे का जिक्र किया गया और जयपुर, उदयपुर व राजसमंद जिले में वीआईपी प्रोटोकॉल मांगा गया. साथ ही नाथद्वारा मंदिर में दर्शन और मुख्यमंत्री से मुलाकात का भी जिक्र किया गया.

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विभाग की जांच में फर्जी निकला पत्र : लेकिन विभाग की जांच में पूरा मामला फर्जी निकला. पड़ताल में सामने आया कि करण सिंह नाम का कोई शख्स मंत्री का ओएसडी है ही नहीं. यह यात्रा का कार्यक्रम भी फर्जी पाया गया. जिसके बाद प्रोटोकॉल अधिकारी ने अशोक नगर थाने में रिपोर्ट दी. इस रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है. जिसकी जांच जारी है. थानाधिकारी शर्मा का कहना है कि मामले कि जांच को लेकर जयपुर से दिल्ली तक पड़ताल की जा रही है. संदिग्ध व्यक्ति के बारे में मंत्रालय से भी जानकारी जुटाई जा रही है. जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी.