थाने में दलित युवक से मारपीट, चितावा के तत्कालीन थानाधिकारी और तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज
मजदूरी विवाद की शिकायत लेकर आए दलित युवक से थाने में मारपीट. बिना रिपोर्ट दर्ज किए भगाने का आरोप. न्यायालय की दखल से प्राथमिकी दर्ज.

Published : July 4, 2026 at 2:27 PM IST
कुचामन सिटी: डीडवाना-कुचामन जिले के चितावा के तत्कालीन थानाधिकारी और 3 पुलिसकर्मियों समेत 6 जनों पर मुकदमा दर्ज किया गया है. चितावा थाने में दर्ज मामले में पुलिसकर्मियों पर थाने में दलित समाज के युवक को गैर कानूनी रूप से हिरासत में रखने ओर उससे मारपीट का आरोप है. पिटाई से युवक के कान का पर्दा फट गया था. कोर्ट के आदेश पर चितावा थाने में मामला दर्ज किया गया है. एएसपी विमल नेहरा ने बताया कि कुचामन ACJM न्यायालय के आदेशानुसार नामजद एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है. इस मामले की जांच मकराना के सीओ विक्की नागपाल करेंगे.
परिवादी के वकील तेजपाल पुरी ने बताया कि घाटवा निवासी विजय कुमार मेघवाल ने चितावा के तत्कालीन थानाधिकारी तेजाराम, पुलिसकर्मी इंद्राज मीणा, जितेंद्र, हेमराज एवं तीन अन्य के खिलाफ धारा 116, 117 (2), 125, 127, 129, 351(2), 351(3),61 बीएनएस सपठित धारा 3 (5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कराया है. पीड़ित विजय ने बताया कि उसका भाई बलजीत मेघवाल मजदूरी के बकाया पैसे मांगने गया था, तब रामसिंह एवं उसकी पत्नी ने बलजीत के साथ संगीन मारपीट की. उसे जातिसूचक गालियां दी. इसकी रिपोर्ट दर्ज कराने बलजीत चितावा थाने पहुंचा तो पुलिसकर्मियों ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की और थाने से भगा दिया.
पिटाई से कान का पर्दा फटा: पीड़ित विजय अपने भाई व परिजनों को लेकर दूसरे दिन फिर थाने गया तो पुलिसकर्मियों ने विजय मेघवाल के साथ गंभीर मारपीट की. इससे पीड़ित विजय के कान का पर्दा फट गया. पुलिस से न्याय नहीं मिला तो परिवादी विजय मेघवाल ने न्यायालय की शरण ली. कुचामन के ACJM न्यायालय में इस्तगासा दर्ज कराया, जिस पर न्यायालय ने चितावा थानाधिकारी तेजाराम और कांस्टेबल इंद्राज मीणा सहित 6 लोगों पर एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए. इसके बाद शनिवार को चितावा थाने में मामला दर्ज किया गया.

