कृषि उपज मंडी में अवैध वसूली का बड़ा खुलासा, दलाल के पास से 25 लाख से अधिक नकदी बरामद
मंडी में मूंग और मूंगफली की तुलाई के नाम पर किसानों से अवैध वसूली की जा रही थी.

Published : January 8, 2026 at 8:00 AM IST
|Updated : January 8, 2026 at 8:29 AM IST
नागौर : जिले की कृषि उपज मंडी में किसानों की मेहनत पर डाका डालने वाले एक बड़े और संगठित अवैध वसूली नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है. मंडी में मूंग और मूंगफली की तुलाई के नाम पर ठेकेदारों और दलालों द्वारा किसानों से प्रति क्विंटल 300 रुपये की अवैध वसूली की जा रही थी. यह खेल लंबे समय से चल रहा था, लेकिन भय और दबाव के कारण किसान खुलकर शिकायत नहीं कर पा रहे थे.
दरअसल कृषि मंडी में फसल लेकर आने वाले किसानों से खुलेआम अवैध रकम की मांग की जाती थी. जो किसान पैसे देने से इनकार करते थे, उनकी फसलों की तुलाई जानबूझकर रोक दी जाती थी. कई किसानों को हफ्तों तक इंतजार करना पड़ता था, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक तनाव भी झेलना पड़ता था. मामले में सीआई वेदपाल ने बताया कि हमने एक व्यक्ति को डिटेन किया है उसके पास से कुल 25 लाख 300 रुपए बरामद किए हैं. यह पता लगाने में जुटे हैं कि यह रकम किन-किन लोगों तक पहुंचाई जानी थी और इस अवैध वसूली के पीछे कौन-कौन शामिल हैं.
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राजनेता के हस्तक्षेप से सामने आया मामला : यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब एक रसूखदार राजनेता के रिश्तेदार ने अवैध वसूली को लेकर शिकायत की. शिकायत मिलते ही भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामनिवास सांखला मौके पर पहुंचे और मंडी परिसर में घेराबंदी कर एक दलाल को रंगे हाथों पकड़ लिया. हालांकि, इसी दौरान एक अन्य संदिग्ध अपनी पिकअप गाड़ी लेकर मौके से फरार होने में सफल रहा. दलाल के पकड़े जाने की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में पीड़ित किसान मंडी में एकत्र हो गए और उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम गोविंद भींचर, भाजपा जिलाध्यक्ष रामधन पोटलिया और कोतवाली थानाधिकारी वेदपाल शिवरान भारी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे.
नोट गिनने के लिए मंगवानी पड़ी मशीन : पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पकड़े गए दलाल की तलाशी ली गई, तो उसके पास से भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई. नकदी इतनी अधिक थी कि मौके पर दो नोट गिनने की मशीनें मंगवानी पड़ीं. काफी देर तक चली गणना के बाद कुल 25 लाख 300 रुपये नकद बरामद किए गए. पुलिस ने पूरी राशि जब्त कर आरोपी को डिटेन किया.
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अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका : मंडी में इतने बड़े स्तर पर चल रही अवैध वसूली ने कोआपरेटिव सोसाइटी और मंडी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. चर्चा है कि अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इस तरह का संगठित खेल संभव नहीं है. कोआपरेटिव इंस्पेक्टर और अन्य आला अधिकारियों ने कोतवाली पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी है. फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और भ्रष्टाचार की इस कड़ी में शामिल सफेदपोशों और अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है. प्रशासन ने किसानों को पारदर्शी तुलाई और निष्पक्ष व्यवस्था का भरोसा दिलाया है.

