उत्तरकाशी के मल्ला गांव में फिर घर में घुसे तीन भालू, एक पिंजरे में हुआ कैद
वन विभाग द्वारा लगाया गया पिंजरा अगर समय पर खुलता तो दो भालू कैद हो सकते थे

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : December 24, 2025 at 12:37 PM IST
उत्तरकाशी: भटवाड़ी ब्लॉक के मल्ला गांव के डांग तोक में एक भालू पिंजरे में कैद हुआ है. भालू के पिंजरे में कैद होने का वीडियो सीसीटीवी कैमरे में भी रिकॉर्ड हुआ है. इससे क्षेत्र के लोगों और वन विभाग ने कुछ हद तक राहत की सांस ली है. लेकिन भटवाड़ी क्षेत्र में अभी भी कई जगहों पर भालू की दशहत बनी हुई है. ग्रामीणों ने वन विभाग से भालुओं के आंतक से निजात दिलाने की मांग की है.
मल्ला गांव में पिंजरे में बंद हुआ भालू: बता दें कि कुछ दिन पहले मल्ला गांव में जंगल से निकलकर एक भालू अपने दो बच्चों के साथ घर में घुस गया था. भालुओं के घर में घुसने की घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी. भालू ने अपने बच्चों के साथ घर में प्रवेश किया और वहां भोजन ढूंढने लगे. इस दौरान भालू के दोनों बच्चे लड़ते भी दिखाई दे रहे थे. इसके बाद उनकी मां आकर उनको छुड़ाकर अलग करती है. काफी देर तक भालू और उसके बच्चे घर में चहल कदमी करते रहे.
फिर घर के आंगन में आए थे तीन भालू: वहीं, मंगलवार रात को मल्ला गांव के डांग तोक में तीन भालुओं में से एक भालू पिंजरे में कैद हुआ है. भालू के पिंजरे में कैद होने का वीडियो सीसीटीवी कैमरे में भी रिकॉर्ड हुआ है. दरअसल मल्ला गांव के डांग तोक में एक घर के आंगन में फिर से तीन भालू मस्ती करते हुए दिखाई दे रहे हैं. इसमें एक भालू पहले से पिंजरे के अंदर बैठा है. दूसरा भालू भी पिंजरे के अंदर जाता दिख रहा है. लेकिन जिस समय दोनों भालू पिंजरे के अंदर होते हैं, उस समय पिंजरे का गेट बंद नहीं हो पाता है. जैसे ही एक भालू बाहर आता है, वैसे ही पिंजरे का गेट बंद हो जाता है. इस तरह एक भालू पिंजरे में कैद हो जाता है.
पिंजरा पहले खुलता तो दो भालू हो जाते बंद: यदि समय पर वन विभाग के पिंजरे का गेट खुल जाता, तो दो भालू पिंजरे में कैद हो सकते थे. सीसीटीवी कैमरे में दिख रहा है कि किस तरह तीन भालू घर के आंगन में मस्ती करते दिखाई दे रहे हैं. एक भालू के पिंजरे में कैद होने की जानकारी वन विभाग से बुधवार सुबह 8 बजे मिली है.
शिफ्ट किया जाएगा पिंजरे में फंसा भालू: टकनौर क्षेत्र के रेंजर रूप मोहन नौटियाल ने बताया कि-
पिंजरे में कैद भालू को उत्तरकाशी वन प्रभाग कार्यालय लाया जा रहा है. इसके बाद शासन से पत्राचार का उसे अन्य जगहों पर भेजा जाएगा. इसके साथ ही अभी कई जगहों पर पिंजरे लगे हुए हैं. ग्रामीणों से जंगलों में चारपत्ती लाने के साथ ही अन्य कार्यों के लिए गांव में समूह बनाकर जाने की अपील की गई है. साथ ही ग्रामीणों को भालू और अन्य जंगली जानवरों की सूचना को तुरंत वन विभाग में देने की अपील की है.
-रूप मोहन नौटियाल, रेंजर, टकनौर क्षेत्र-
ये भी पढ़ें:

