उत्तरकाशी में घर में घुसे भालू, सीसीटीवी में कैद हुई तस्वीरें, डरे लोग
भटवाड़ी ब्लॉक के मल्ला गांव में एक भालू और उसके दो बच्चे घर में घुस आए, भालू के बच्चे झगड़ते भी दिखे

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : December 19, 2025 at 1:14 PM IST
उत्तरकाशी: जनपद में लगातार भालुओं की दहशत बढ़ती जा रही है. टकनौर क्षेत्र के मल्ला गांव सहित कई गांवों में भालू घरों की छतों और आंगन में घूम रहे हैं. इस कारण लोग अंधेरा होने के बाद घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं. ऐसी ही एक घटना भटवाड़ी ब्लॉक के मल्ला गांव में देखने को मिली है. यहां एक भालू और उसके दो बच्चे घर में घुस आए.
उत्तरकाशी में घर में घुसे भालू और उसके बच्चे: मल्ला गांव में जंगल से निकलकर एक भालू अपने दो बच्चों के साथ घर में घुस गया. भालुओं के घर में घुसने की घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई. भालू ने अपने बच्चों के साथ घर में प्रवेश किया और वहां भोजन ढूंढने लगे. इस दौरान भालू के दोनों बच्चे लड़ते भी दिखाई दे रहे हैं. इसके बाद उनकी मां आकर उनको छुड़ाकर अलग करती है. कफी देर तक भालू और उसके बच्चे घर में चहल कदमी करते रहते हैं.
लोगों पर हमले कर रहे हैं भालू: स्थानीय लोगों का कहना है कि वन विभाग की ओर से भालू की दहशत को रोकने के लिए किसी प्रकार के कदम नहीं उठाए जा रहे हैं. पूर्व में भी भालू के भय से भागने पर जंगल में दो महिलाओं की मौत हो चुकी है. आए दिन भालू लोगों पर हमले कर रहे हैं. बीती रात भटवाड़ी ब्लॉक के मल्ला गांव में एक घर पर भालू और उसके बच्चे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं. इससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है.
ग्रामीणों को नुकसान भी पहुंचा रहे हैं भालू: ग्रामीणों का कहना है कि भालू उनकी छानियां और मकानों को तोड़ रहे हैं. ऐसा ही मामला बीते कुछ दिन पहले मोरी ब्लॉक के गोविंद वन्य जीव विहार पार्क क्षेत्र के जखोल गांव के जाबिल्च नामे तोक में सामने आया था. वहां भालू ने बस्ती में घुसकर कई घरों और छानियों के दरवाजे तोड़कर भारी नुकसान पहुंचाया था.
आबादी तक पहुंचे जंगली भालू: ग्रामीण गंगा सिंह रावत, धाम सिंह, गौर सिंह, जगदीश, ताली राम, जयेंद्र सिंह, राजी सिंह, भगवान सिंह, फागणु आदि ने बताया कि यह भालू पिछले कई दिनों से गांव के आसपास मंडरा रहा था. पहले वह जंगलों में काम कर रहे लोगों और मवेशियों को नुकसान पहुंचा रहा था. कई बार ग्रामीणों ने इसे खेतों, गौशालाओं और जंगल की पगडंडियों के पास देखा. अब इसकी हरकतें बढ़कर सीधे आबादी तक पहुंच गई हैं. डीएफओ को ज्ञापन सौंपा. कहा कि जनपद में लगातार भालू के हमले बढ़ने से ग्रामीणों में भय का महौल बनता जा रहा है.
भालुओं से निजात दिलाने की मांग: ग्रामीणों ने प्रभागीय वन अधिकारी से भालू के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है. ग्रामीणों ने कहा कि गांव के आस पास लगातार भालू दिखने से वो अपनी दिनचर्या का काम नहीं कर पा रहे हैं. गांव में भालू के भय से घरों में कैद होकर रह गये हैं. प्रभागीय वनाधिकारी डीपी बलूनी ने कहा कि-
पहाड़ों में भालुओं का जीवन चक्र बदल गया है. कम बर्फबारी और समय पर ठंड नहीं होने से भालुओं की नींद उड़ गई है. पहले की तरह ना तो भालू को आसानी से भोजन मिल रहा है और न ही उसके आवास स्थल ही सुरक्षित रह गए हैं. जलवायु परिवर्तन का भरपूर असर भालुओं पर सीधे तौर से दिखाई देने लगा है.
-डीपी बलूनी, प्रभागीय वनाधिकारी-
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