IGMC में महिला के पेट का 90% हिस्सा निकालकर हुई सर्जरी, उत्तर भारत के सरकारी अस्पताल में पहली बार हुआ ये ऑपरेशन
आईजीएमसी में डॉक्टरों की टीम ने एक जटिल सर्जरी को अंजाम दिया है. ऐसी सर्जरी उत्तर भारत में पहली बार की गई है.


By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 11, 2026 at 7:18 PM IST
|Updated : February 11, 2026 at 7:47 PM IST
शिमला: इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला ने एक बार फिर चिकित्सा के क्षेत्र में इतिहास रचा है. अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने एक जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है. ऐसी सर्जरी उत्तर भारत में पहली बार की गई है. सर्जरी विभाग की टीम ने पेट के कैंसर से ग्रसित महिला मरीज का ऑपरेशन कर 90 प्रतिशत पेट का हिस्सा लैप्रोस्कोपिक (दूरबीन) तकनीक से निकालकर उसका पुनर्निर्माण किया.
डॉक्टरों की टीम को इस ऑपरेशन को करने में लगभग छह घंटे का समय लगा. ऑपरेशन के बाद महिला पूरी तरह से स्वस्थ है, जल्द ही मरीज को छुट्टी दे दी जाएगी. आईजीएमसी में लैप्रोस्कोपी के माध्यम से अधिकतम 50 प्रतिशत पेट निकालने की सर्जरी की गई थी. पहली बार 90 प्रतिशत पेट हटाने जैसी जटिल प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया गया है, जो चिकित्सा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है. साढ़े छह घंटे तक चली इस जटिल सर्जरी में मरीज की 80 फीसदी आंतों को निकालकर इसे कैंसर मुक्त करने के बाद जोड़ा गया.
कैंसर से पीड़ित थी महिला
ऑपरेशन टीम का हिस्सा रहे डॉ. विपन शर्मा, सहायक प्रोफेसर सर्जिकल गैस्ट्रोएंटोलॉजी, आईजीएमसी ने कहा कि 'मरीज पिछले कई महीनों से पेट दर्द, लगातार वजन घटने और खाने में परेशानी जैसी समस्याओं से परेशान था. विस्तृत जांच के बाद उसमें उन्नत अवस्था के गैस्ट्रिक कैंसर की पुष्टि हुई. इसके बाद मरीज को कीमोथेरेपी दी गई. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों, एनेस्थीसिया टीम और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की संयुक्त टीम बनाई गई. पूरी रणनीति और सावधानी के साथ ऑपरेशन को अंजाम दिया गया.'
चुनौतीपूर्ण थी सर्जरी
यूनिट हैड डॉ. वेद शर्मा ने बताया कि 'लैप्रोस्कोपिक तकनीक से इतने बड़े हिस्से की सर्जरी करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण होता है. इस विधि में छोटे-छोटे चीरे लगाकर ऑपरेशन किया जाता है, जिससे संक्रमण का खतरा कम होता है, दर्द कम रहता है और मरीज जल्दी स्वस्थ होता है.'
उत्तर भारत के सरकारी अस्पताल में पहली बार हुई ऐसी सर्जरी
आइजीएमसी के एमएस डॉ राहुल राव ने कहा कि 'इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला में सर्जरी विभाग ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. यहां पेट के कैंसर के लिये पहली बार पूर्ण रूप से लैप्रोस्कोपी नियर टोटल गैस्ट्रैक्टॉमी सफलतापूर्वक की गई है. यह ऑपरेशन शिमला की 44 वर्षीय महिला मरीज का 2 फरवरी 2026 को किया गया. यह उपलब्धि आईजीएमसी के इतिहास में एक मील का पत्थर है. इस तरह की जटिल सर्जरी आमतौर पर बडे निजी अस्पतालों में की जाती है. उत्तर भारत में सरकारी अस्पताल में की गई ये इस तरह की पहली सर्जरी है. यह ऑपरेशन यूनिट विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. वेद शर्मा के मार्गदर्शन में किया गया है. डॉ. विपिन शर्मा, डॉ शुभम, डॉ. आशीष एवं एनेस्थीसिया से डॉ मनोज की टीम ने इस सर्जरी को अंजाम दिया.'

